उदय बुलेटिन
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नीता अंबानी के नाम से बना एक पैरोडी एकाउंट
नीता अंबानी के नाम से बना एक पैरोडी एकाउंट|Social Media 
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एम टी इन एल ने मारा ट्वीट, “सच को पचाना मुश्किल है”     

पैरोडी अकाउंट ने एम टी एन एल की लुटिया डुबो दी

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

मुआमला कुछ इस तरह है कि एम टी इन एल, दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी है। अगर आप इस कंपनी को नहीं जानते तब आप कभी मुंबई और दिल्ली नहीं गए हैं। खैर जाइयेगा भी नहीं, एक तो दोनों जगह भयानक प्रदूषण है। दूसरा दिल्ली में कभी भी धरना हो सकता है और आप जाम में भी फस सकते हैं। और मुंबई में बारिस होने वाली है आप डूब सकते हो, और अगर आप उत्तर भारतीय हैं तो कोई भी सेना (भारत की सेना नहीं) आपको कही भी कूट सकती है। खैर मुद्दे पर आते है।

सरकारी दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी एमटीएनएल का एक ट्विटर हैंडल है ,जो साल में कभी-कभी ट्वीट करता है। या कहे अपने नेटवर्क की तरह शांत है, उसने एक ट्वीट को रिट्वीट किया , वास्तविक ट्वीट था नीता अंबानी के नाम से बने एक पैरोडी एकाउंट का। कहने का मतलब पूरा का पूरा फर्जी एकाउंट ,ट्वीट में बड़ी ही मार्मिक बात थी , एमटीएनएल भूल गया कि वह किसी जिम्मेदारी के स्थान पर है , और कर दिया रिट्वीट, फिर खड़ा हुआ बखेड़ा।

ट्वीट का सार है "आज हिन्दू गोडसे के समर्थन से डर जाते है, जबकि वही मुसलमान अपने बच्चों का नाम तैमूर रखकर फक्र महसूस करते हैं"

MTNL Re-Tweet 
MTNL Re-Tweet 
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हालांकि बात को बिगड़ता देख एम टी इन एल ने अपना यह ट्वीट रूपी बोरिया बिस्तर समेत लिया है। लेकिन मामला कहाँ तक पहुंचेगा ये तो ऊपर वाला ही जाने। ऊपर वाले का मतलब सिर्फ भगवान से नहीं है, हमारे देश में भी काफी ऊपर वाले है ,प्रधानमंत्री जी और अन्य सभी जिम्मेदार लोग।

इसी क्रम में आपको प्रज्ञा ठाकुर , कमल हसन , भी याद आये होंगे, आना लाज़मी भी है। कमल हासन की टिप्पड़ी " नाथूराम आजाद भारत का प्रथम आतंकवादी था" ।

जिसके बाद साध्वी प्रज्ञा ने अपना करारा जवाब दिया जिसमें उन्होंने नाथूराम को देशभक्त कहा था और यह जिम्मेदारी भी ली थी कि वो देशभक्त बने भी रहेंगे।

जिसके बाद सब जगह से तमाम प्रकार की प्रतिक्रिया आने लगी थी। यहां तक कि भाजपा ने इस बयान से किनारा कर के ,इस बयान को प्रज्ञा का निजी बयान करार दिया था, इसी डैमेज को कंट्रोल करने के चक्कर मे उस समय के कार्यवाहक प्रधानमंत्री और प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को साध्वी प्रज्ञा के लिए यह कहना पड़ा था कि "ये भाषा सभ्य समाज के लिए कही से भी ठीक नहीं है, मैं उन्हें कभी माफ नही कर पाऊँगा" ।

लेकिन चाहे भले ही भूलवश यह ट्वीट एम टी एन एल के द्वारा किया गया हो। लेकिन अब चूँकि यह पब्लिक डोमेन में आ चुका है। तो किसी न किसी पर गाज गिरनी तय है, देखना यह है कि इस वैचारिक विष्फोट की जिम्मेदारी किसके ऊपर तय की जाती है।

रिट्वीट होने के कुछ देर बाद ही जब इसमें लोगों ने एमटीएनएल को धकियाना शुरू किया ,और जवाबी ट्वीट आना शुरू हो गए, तो फिर एमटीएनएल ने इसे आनन फानन में डिलीट भी कर दिया। लेकिन तब तक हांथी निकल चुका था, और इस हांथी के पद चिन्ह लोगों के मोबाइल, टैबलेट और अन्य उपकरणों में स्क्रीनशॉट के रूप में सुरक्षित हो चुके थे, फिर क्या था , रायता फैल चुका है। खैर देर सबेर एमटीएनएल ने एक प्रेस रिलीज जारी करके इस बारे में संज्ञान लिया और @MTNLofficial ट्विटर हैंडल को कम्प्रोमाइज बताकर जांच कराने की बात कही है। साथ ही यह भी कहा है कि इसे सुरक्षित करने के प्रयास किये जा रहे है ।

एमटीएनएल द्वारा जारी किया गया प्रेस रिलीज
एमटीएनएल द्वारा जारी किया गया प्रेस रिलीज
MTNL Twitter

ट्विटर उपयोगकर्ता इस ट्वीट को लेकर कई मजेदार ट्वीट करते नजर आए।

एक उपयोगी ने लिखा "लगता है यह ट्वीट भाजपा के आई टी सेल के व्यक्ति ने किया है शायद वह अपने एकाउंट को स्विच करना भूल गया होगा "

जांच जारी है , नतीजा क्या होगा ,देखना पड़ेगा।