उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com
Punya Prasun Bajpai On Journalism 
Punya Prasun Bajpai On Journalism |Google
नजरिया

पुण्यप्रसून बाजपेयी ने न्यूज एंकरों पर कसा तंज, लेकिन खुद लपेट लिए गए। 

दूसरों पर ऊँगली उठाने से पहले हमें अपने गिरेबान में झाँक लेना चाहिए, शायद यही बात पुण्य प्रसून बाजपेयी भूल गए।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

आजकल पुण्यप्रसून बाजपेयी जी सेवा से मुक्त है कहने का मतलब उनके पास कोई काम नहीं है। काम का मतलब पत्रकारिता में कोई इतना बड़ा काम काज नहीं है। लेकिन अब फुरसत में है तो काफी ज्यादा सोशल मीडिया में लगे रहते है। हालांकि अब जब आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की जंग जीत ली है उसके बाद उनका यह ताजा ट्वीट है, जिसमें अच्छा खासा बवाल उठ खड़ा हुआ है।

क्या है ट्वीट ?

दरअसल दिल्ली चुनाव के बाद कुछ पत्रकार और एंकर अपनी खुशी छिपा नहीं पाए और कुछ ने तो बाकायदा स्टूडियो में नाच कर खुशी का इजहार कर दिया। तो लगभग हर एंकर ने अपने अपने हिसाब से प्रसन्नता और दुख का इजहार किया। इस को लेकर पुण्यप्रसून बाजपेयी जी बिफर पड़े और न्यूज चैनलों के संपादकों और एंकरों की भूमिका पर सवाल उठा दिए।

“एक संपादक ”बिग बॉस” में पहुँच जाते हैं,एक संपादक स्टूडियों में “डांस” करते हैं,एक संपादक जनादेश को ”देशद्रोही” करार देते हैं,मीडिया का “स्वर्णिम काल” है !”  

इसके बाद ट्विटर पर ही एक अघोषित जंग छिड़ गयी, लोगों ने जमीन खोदकर कुछ वीडियो निकाल दिए। एक उपयोगकर्ता ने तो स्वर्णिम कॉल की नई परिभाषा दे दी है ( हालांकि ट्वीट में किये गए किसी दावे की पुष्टि उदय बुलेटिन नहीं करता है)।

इसके बाद से ट्विटर पर पुण्यप्रसून के ऊपर लगातार व्यंग्य बाणों की बारिस होती रही, कुछ ने उनपर वायरल वीडियो जिसमे अरविंद केजरीवाल और पत्रकार के साथ हुई बातों को गणितीय तरीके से समझाना माना है।

उदय बुलेटिन के साथ फेसबुक और ट्विटर जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।