PM Modi surprise visit to Ladakh
PM Modi surprise visit to Ladakh|Google Image
नजरिया

सीमा पर पीएम मोदी का अचानक पहुँच जाना सामान्य बिल्कुल नहीं है।

इस बार चीन को भारत के साथ पंगा लेना भारी पड़ेगा, भारतीय सेना अपने पूरे जोश में है।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

जहाँ एक ओर भारत और चीन में तनाव लगातार बढ़ता ही जा रहा है वहीँ भारत के पीएम का लद्दाख जैसे संभावित युद्ध क्षेत्र में अचानक पहुंच जाना कोई आम बात नही है।इस पर चीन की तरफ से तुरंत प्रतिक्रिया आयी लेकिन तब तक भारत के प्रधानमंत्री दुनिया के सामने अपनी चाल चल चुके थे।

पीएम अचानक बॉर्डर पर क्यों गए?

चीन की सीमा से जुड़ा हुआ इलाका जहाँ पर गलवन घाटी को लेकर अपने-अपने कब्जे और अधिपत्य की लड़ाई चल रही है शुक्रवार के दिन दिल्ली से प्रधानमंत्री अचानक ही चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ़ जनरल विपिन रावत और थल सेना अध्यक्ष नरवणे के साथ लद्दाख पहुँच गए प्रधानमंत्री ने लद्दाख में घायल सैनिकों के पास जाकर हाल चाल पूंछा साथ ही सेना के जवानों का मनोबल बढ़ाया। हालाँकि इस दौरे के मामले में किसी को कानो कान खबर नहीं थी। प्रधानमंत्री का सैनिको के पास अचानक पहुँच जाना किसी मरहम से कम नहीं है।

मोदी ने इशारे-इशारे में बताया कि हम बंशी वाले कि भी पूजा करते है और सुदर्शन धारी की भी, मामला साफ है कि पीएम मोदी चीन को लेकर बिल्कुल हल्के में नही है।

सिर्फ सैनिकों का मनोबल नहीं बढ़ा, चीन पर भी दबाव बना:

अगर इस दौरे को लेकर आप सिर्फ ये समझ रहे है कि प्रधानमंत्री बॉर्डर पर सेना का मनोबल बढ़ाने के लिए पहुंचे थे तो ये सिर्फ न समझी ही साबित होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इस दौरे से एक तीर से दो निशाने साध दिए, एक तो भारतीय सेना की चीन के साथ हुई झड़प के बाद जो मोरल हाई था उसमें मोदी के विजिट के बाद घी का काम किया है वैसे भी भारतीय सैनिकों की शहादत के बाद सेना ने जो कहर चीनी सेना पर ढाया उसने सैनिकों को वो मनोबल दिया है जिससे सेना बिना किसी हथियार के भी चीनी सेना से लड़ने के लिए तैयार हो जाएगी। वहीँ चीनी सेना के बारे में अगर रक्षा विशेषज्ञों की माने तो चीन की सेना का सैनिक किसी निजी कंपनी के सेल्स मैन से ज्यादा नहीं होता। तो इस प्रकार से इतनी भारी संख्या में सैनिको के मारे जाने के बाद भी न तो चीन ने अपने सैनिकों की संख्या बताई गई और न ही उन्हें यथोचित सम्मान दिया। यही नहीं अगर मोदी के इस दौरे के बारे में विश्व की मीडिया के द्वारा चीनी सैनिकों को जानकारी पहुंचाई जाती है तो यकीनी तौर पर यह दौरा चीनी सैनिकों का मनोबल गिराने के लिए काफी होगा।

मोदी ने देश की सीमा के बारे पूरा लेखा जोखा दिया :

विश्व और मोदी:

पीएम मोदी कठिन निर्णय लेने के लिए जाने जाते है फिर चाहे वह देश के अंदर का मामला हो या फिर देश की सुरक्षा को लेकर सीमाओं पर चाक चौबंद व्यवस्था, उदाहरण के तौर पर पाकिस्तान में आतंकियों पर सर्जिकल स्ट्राइक हो या एयर स्ट्राइक, मोदी ने देश और विदेश को यह बताने में कभी कमी नहीं छोड़ी की हम न सिर्फ सक्षम है बल्कि करके भी दिखाते हैं। ऐसा ही कुछ मामला चीन से जुड़े हुए लद्दाख बॉर्डर का है जहां पर प्रधानमंत्री मोदी ने जाकर हुंकार भरी है कि हम सक्षम है और जरूरत पड़ने पर हर प्रकार से देश के दुश्मन का सामना कर सकते हैं।

उदय बुलेटिन के साथ फेसबुक और ट्विटर जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com