पेटा इंडिया नशा करके ट्वीट करता है, उदय बुलेटिन के बतोले चाचा से सुनो पेटा की बवाली कहानी

पेटा इंडिया रक्षा बंधन के मौके पर अपना फन बिल से निकाल लाया है और बेतुकी बातों को लेकर फुफकारना चालू है।
पेटा इंडिया नशा करके ट्वीट करता है, उदय बुलेटिन के बतोले चाचा से सुनो पेटा की बवाली कहानी
Peta india Tweet to protect cow on RakshabandhanImage: Peta India Twitter

तो हमारे कहिने का मतलब यह है कि ये जो पेटा, या जो कुछ भी है कोई बहुतै सस्ता नशा करके समाज मे चेतना लाने का काम करता है।हालाँकि उसका असर समाज मे कित्ता होता है ये तो पेटा ही जाने काहे की भगवान भी पेटा से कभी-कभी ज्ञान लेता है जैसे वनस्पति देशी घी कैसे बनाया जाय?

तो अब आते है असल मुद्दे पर, ये चाहे दिवाली हो या होली त्योहार आते ही ज्ञानी बंधु अपनी अपनी संदूक में फफूंदी खाई विज्ञान की किताबें निकाल के रख लेते है कि त्योहार आये नहीं कि लोगो के दिमाग मे पेल दें, भाई अगर ऐसे मौके पर ज्ञान नहीं पेला तो लोग याद कैसे रखेंगे और अगर याद नही रखेंगे तो डोनेशन कैसे मिलेगा? भाई आखिर सारा मामला भी तो पैसो पर ही केंद्रित है, और का।

आपको का लगता है कि पेटा इंडिया सिर्फ जानवरों के लिए इत्ता भारी भरकम लेख पोस्ट चेपते रहिते है, सुनो! ठीक है मुँह न खुलवाओ हमारा बवाल हो जाएगा ।

अच्छा एक क़िस्सा सुनो:

एक परमात्मा पुरूष भारत मे बढ़ती महिला हिंसा पर ज्ञान देके अपने घर पहुंचे और रात में महिला थाना पुलिस उन्हें अपने साथ पत्नी के मारपीट वाले सिलसिले में उठा के ले गयी, मतलब समझे कि खोल के कहें? न कहेंगे समझदार हो भाई।

तो कहानी यह है पेटा इंडिया लो अंग्रेजी में पढ़ लो ( PETA INDIA) ने 15 जुलाई को एक ट्वीट लिखा, साथ मे फोटो भी जोड़ा, मतलब यह था कि "इस रक्षा बंधन गायों की भी रक्षा करें" फोटो में गाय और राखी दोनो दिखाए गए हैं।

तो मालिनी अवस्थी जी है, वैसे वो किनकी पत्नी है वो बताने की जरूरत नहीं है वो खुदे इत्ती पहचान रखती है, नही याद आया "सैया मिले लरकैया " गाना उन्हीं ने बहुत गजब तरीके से गाया है। अब भी नहीं याद आया तो फिर आपने शायद करीना कपूर जी के पतिदेव सैफ साहब की फ़िल्म एजेंट विनोद देखी होगी? फ़िल्म का पता नहीं लेकिन उसका एक गाना बहुत मारक था "यूं तो प्रेमी पचहत्तर हमारे" करीना नाची थी उसमें, इसी गाने का एक वर्जन मालिनी अवस्थी जी ने भी गाया है। लोक गायिका है और संगीत पर अच्छी पकड़ है। तो चलो असल मुद्दा बताते है तो मालिनी जी को पेटा का यह फर्जी ज्ञान नहीं भाया उन्होंने इसे आड़े हाँथ ले लिए और पेटा को खदेड़ लिया, मालिनी जी ने लिखा:

ये बेतुका है, राखी थोड़ा न चमड़े से बनती है, पेटा इंडिया आपका जानवरों को लेकर दुर्भावनापूर्ण अभियान अजीब है

हालांकि इसके बाद पेटा इंडिया भी कहां रुकने वाला था उन्होंने भी जवाब दिया, बड़ा लंबा चौड़ा दिया, ट्वीट का भावार्थ पढ़ लीजिये:

हमने यह नहीं कहा था जो आप समझ बैठे, हालकि निश्चित रूप से आप इस बात पर असहमत नहीं होंगे कि रक्षा बंधन गायों की रक्षा के लिए एक बढ़िया दिन है और तमाम ताम झाम भी लिखा है आप पूरा ट्वीट ही पढ़ लो, अंग्रेजी में है, अगर न आती हो तो कौनो परेशानी नही गूगल बाबा सब ट्रांसलेट कर देंगे, इसमे वीडियो भी चिपकाया है पेटा ने देख लो....

मतलब कुछ भी, भाई अगर आप जानवरों के अधिकारों की बात करते हो करो, किसने रोका है लेकिन राखी पर चमड़ा? ऐसा फितूर किस नशे के बाद आता है, भांग भी इतना घुमाउ नशा नहीं होता। भाई कल के दिन आप दिवाली के अगले दिन अन्न कूट गोवर्धन वाले त्योहार को भी निशाना बना सकते हो काहे की उसमे तो गायों का गोबर मुख्य पात्र है। सुधरो जरा सुधरो, सोच समझ के बोला करो।

हालांकि इसके बाद पेटा की फजीहत हुई, कर्री वाली हुई, ट्वीट के नीचे दिए गए जवाब को जरूर पढ़ना।

अच्छा तो अब चलते है, काहे की काम बहुत है और यूपी में आज और कल लॉक डाउन है तो मजे में रहो और कोरोना से बचे रहो।

डिस्क्लेमर: देखो भैया नया उपक्रम किये है, खबर को मजेदार तरीके से पढ़ाने का ताकि आपको खबरें भी मिले तो मजेदार तरीके से, भाषागत भिन्नता नजर आए तो बतोले चचा को अपना चाचा समझ के माफ करना काहे की चाचा की हर बात माफी होती है।

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