निजीकरण के विरोध में कुमार विश्वास ने केंद्र और प्रदेश सरकारों को कोसा

वर्तमान में उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड सरकार के निजीकरण के फैसले को लेकर हड़ताल में है वहीँ इससे पहले भारतीय रेलवे के बहुत सारे संगठन सरकार के निजीकरण के रवैये को लेकर विरोध दर्ज करा चुके है
निजीकरण के विरोध में कुमार विश्वास ने केंद्र और प्रदेश सरकारों को कोसा
Kumar vishwas on PrivatisationUday Bulletin

कुमार ने कहा जब सब निजी तो टैक्स किस बात का ?

पूर्व आम आदमी पार्टी नेता और देश-विदेश में प्रेम के कवि के तौर पर जाने वाले कुमार विश्वास ने ट्विटर के द्वारा सरकार पर तंज कसा, कुमार विश्वास ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जब सरकार भारत के सर्विस सेक्टर से लेकर लगभग हर चीज को निजीकरण के रूप में परिवर्तित करने जा रही है तो फिर लोगों टैक्स क्यों देगें? और वह आवश्यक ही क्यों है।

कुमार विश्वास के ट्वीट के सार समझिए:

कुमार ने सरकार पर बिजली, पानी के निजीकरण के बारे में जानकारी दी कि ये दोनों महत्वपूर्ण क्षेत्र अब लगभग निजीकरण की स्थिति में है, वहीँ बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा जैसे क्षेत्र काफी पहले ही निजीकरण के रास्ते पर निकल चुके हैं। दूरसंचार, रक्षा, खेती ,परिवहन, रेलवे और सड़क के साथ एयरपोर्ट जैसे उपक्रमों को निजीकरण के तहत प्राइवेट सेक्टर में डाला जा चुका है। कुमार ने इसके आगे लिखते हुए पूंछा की जब सब निजीकरण में जाएगा तो हमारी जेब से टैक्स क्यों?

लोगों ने कहा विधायक भी प्राइवेट:

इसी ट्वीट पर डाक्टर यूजे नामक ट्विटर उपयोगकर्ता ने कुमार के ट्वीट पर जवाब लिखते हुए बताया कि "कुमार साहब आप कुछ भूल रहे है, और वह है विधायक, जो वास्तव में अब प्राइवेट है और चाहे वह किसी भी पार्टी के हो वो सब के सब एक ही पार्टी में जाकर बिक जाते है!

इस पर कुमार ने जवाब देते हुए बताया कि भाई हम ट्विटर चाचा की शब्द सीमा से बंधे हुए है और मेरी भी बोलने की मर्यादा है अन्यथा गुप्त तरीके से क्या क्या बिकता है हमसे ज्यादा कोई नहीं जानता।

यहां आपको बताते चले कि यह चर्चा देशभर में चल रहे निजीकरण के विरोध प्रदर्शन के कारण उठी, वर्तमान में उत्तर प्रदेश के विद्युत वितरण डिस्कॉम सरकार द्वारा किये जाने वाले निजीकरण को लेकर प्रदर्शन कर रहे है।

⚡️ उदय बुलेटिन को गूगल न्यूज़, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें। आपको यह न्यूज़ कैसी लगी कमेंट बॉक्स में अपनी राय दें।

Related Stories

उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com