बाँदा: प्रधानमंत्री की चाय पर चर्चा के बाद जिलाधिकारी की अलाव पर चौपाल। 

पीएम मोदी के कार्यक्रम “चाय पर चर्चा” से प्रेरित होकर बाँदा जिलाधिकारी हीरालाल ने शुरू की “अलाव पर चर्चा” !
बाँदा: प्रधानमंत्री की चाय पर चर्चा के बाद जिलाधिकारी की अलाव पर चौपाल। 
Banda DM Heeralal Alav Par CharchaUday Bulletin
Summary

बाँदा के जिलाधिकारी हीरालाल ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी की “मन की बात” और चाय पर चर्चा के क्रम को आगे बढ़ाते हुए अलाव पर चौपाल जैसे कार्यक्रमों की नींव रखी है, हालांकि आपको यहाँ बताते चले कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य कहीं से भी राजनैतिक न होकर बल्कि प्रकृति और क्षेत्र के सामान्य जीवन से जुड़ा हुआ है।

जनवरी की 27 वी तारीख, शाम के सूरज ढलते ही 6 बजे के आस-पास जिले की सभी सभी तहसीलों में प्राइमरी और जूनियर के बच्चों तथा उनके परिजनों को एक उचित स्थान पर एकत्रित करके जीवन के विकास में नदियों के महत्व को उजागर करने के लिए अलाव पर चौपाल नामक कार्यक्रम को रखा गया, इस कार्यक्रम में जहां वरिष्ठ लोगों से इस कार्यक्रम में सलाह मांगी गई वहीँ बच्चों को खिचड़ी उपलब्ध कराई गई, इस व्यवस्था के लिए विद्यालय के शिक्षक, ग्राम प्रधान, सचिव एवम अन्य संबंधित अधिकारी मौकों पर उपलब्ध रहे।

जिलाधिकारी ने खुद लिखा पत्र :

इस कार्यक्रम की रूप रेखा में जिलाधिकारी के द्वारा लिखा गया पत्र बड़ी चर्चा में रहा, जिसमें जिलाधिकारी ने आम जनजीवन में नदियों के महत्व पर प्रकाश डाला। जिलाधिकारी ने अपने पत्र में यह बताने का प्रयास किया कि नदी का जल केवल शुद्ध करके पीने भर के काम नहीं आता बल्कि यह पानी किसानों की फसलों को जीवंत बनाये रखता है। जिससे फसलों का उत्पादन होता और अन्न की उत्पत्ति होती है, और यही अन्न आम मानविकी को जीवन जीने में सहायक होता है। अपने पत्र में जिलाधिकारी ने लोगों को नदी को अपने माता-पिता के समकक्ष सम्मान देने की बात कही और लोगों को नदी संरक्षण की शपथ दिलाई।

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उदय बुलेटिन
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