indian army
indian army |Video Screenshot
नजरिया

भारतीय सेना अपने बहादुरों को कभी नहीं भूलती भले ही बात सदियों पुरानी क्यों न हो

भारतीय सेना अपने वीरों को कभी नहीं भूलती, महावीर चक्र पदक विजेता मोहम्मद इस्माइल के परिवार को खोजने के लिए सेना के जवान गांव पहुंचे।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

लोग कहते है सेना का मुख्य मकसद केवल दुश्मनों को खत्म करने तक ही सीमित होता है लेकिन हमेशा दुश्मन को गोलियों की भाषा से जवाब देने वाले भारतीय वीर अपने साथियों को कभी नही भूलते। भले ही उनके साथ की पीढ़ी कब की सेना से मुक्त हो चुकी हो। शायद यही कारण है कि लोग भारतीय सेना से जुड़कर गर्वित अनुभव करते है।

1947 के बाद फिर से याद किया गया:

वक्त था 1947 का जब देश ने अंग्रेजी हुकूमत से निजात पाई और विदेशी साजिश की मदद से देश को 2 या कहे तीन टुकड़ो हिंदुस्तान। पाकिस्तान और ईस्ट पाकिस्तान में बांटा गया। जमीन देने के बाद भी पाकिस्तान ने मुआवजे की मांग की जिसे देश की जनता के भावों के विपरीत जाकर देश के नेताओं ने पाकिस्तान को मुहैया कराया लेकिन पाकिस्तान ने अपना असल रंग आजादी के तुरंत बाद दिखाना शुरू कर दिया और 22 अक्टूबर 1947 को ही भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया। भारी युद्ध हुआ जिसमें दोनो तरफ के हज़ारों लोग मारे गए पाकिस्तान को इस युद्ध मे मुँह की खानी पड़ी और इस युद्ध मे मोहम्मद इस्माइल जैसे भारतीय योद्धाओं ने पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया।

अभूतपूर्व वीरता और महावीर चक्र:

कहने को तो मोहम्मद इस्माइल भारतीय सेना के सिविलियन पोर्टर की पोस्ट पर थे जिनके जिम्मे था सेना को जरूरी रसद सामग्री उपलब्ध कराना और जरूरत पड़ने पर गाइड का काम करना। इस्माइल उस वक्त सेना की 3 जाट बटालियन को मदद कर रहे थे। एक लड़ाई के वक्त जब 3 जाट कश्मीर वैली में दुश्मन के साथ लड़ाई कर रही थी तभी पाकिस्तानी तरफ के अप्रत्याशित हमला हुआ जिसमें भारत की सेना के बहुत सारे जवान घायल हो गए मोहम्मद इस्माइल ने अपनी जान की परवाह न करते हुए गाइड का काम किया और युद्ध के दौरान घायलों की जान बचाने में मदद की सेना ने अदम्य साहस दिखाने पर मोहम्मद इस्माइल को सिविलियन पोर्टर को भी महावीर चक्र जैसे पदक से सम्मानित किया गया।

सेना ने कहा हम अपने योद्धाओं को कभी भूलते नही:

सेना ने एक वीडियो जारी किया है जिसमें कुछ भारतीय सेना के जवान मोहम्मद इस्माइल के घर का पता खोजते हुए गांव जाते हुए दिखाई देते हैं और मोहम्मद इस्माइल के परिजनों से मुलाकात करते है। सेना द्वारा जारी किए गए वीडियो में सेना के जवान यह कहते हुए सुनाई देते है कि " हम अपने बहादुरों को कभी नही भूलते।

वीडियो में मोहम्मद इस्माइल के परिजन बेहद गर्वित नजर आते है सेना का यह वीडियो लोगों मे जोश और जज्बे का कारण बनता नजर आता है।

उदय बुलेटिन के साथ फेसबुक और ट्विटर जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com