उदय बुलेटिन
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Honeypreet
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नजरिया

बेहाल ‘बिटिया’ जेल में बंद ‘बाबा’ से मिलने को ‘बेताब’

जेल की सीलन भरी दमघोटू कोठरियों से बाहर आने की खुशी सभी को होती है। लेकिन यहां एक ऐसी भी लड़की है, जिसकी जिंदगी जेल में तो नरक थी ही, जेल से बाहर आने के बाद भी वह जमाने में बेहाल-परेशान है।

Abhishek

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मुलजिम भी ‘आम’ नहीं, बेहद खास है। इतना खास, जिसे डेरे से अदालत और फिर अदालत से जेल के अंदर पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर का खास इंतजाम किया गया था, जिस लड़की और उसके पिता तुल्य ‘बाबा’ को जेल भेजे जाने वाले दिन राज्य में लगी गुस्से और विरोध की आग में जलकर करीब 28 बेकसूर बे-वक्त सड़कों पर मार-काट-जला डाले गए थे।

इस खास खबर में इसी लड़की का जिक्र है। पिछले सप्ताह ही यह लड़की करीब दो साल हरियाणा की तमाम जेलों में कैद रहकर बाहर निकली है। लड़की के कथित पिता मगर अब भी जेल की सलाखों में कैद हैं।

सूत्रों के मुताबिक, जेल से बाहर निकलने के बाद हर किसी को खुशी और सुकून मिलता है। लेकिन यह लड़की जेल में तरे परेशान थी ही, और जेल से बाहर आई तो भी तमाम झंझावत किसी बुरे साये की मानिंद पीछा नहीं छोड़ रहे हैं। इन बुरे सायों से कैसे बचा जाए?

जिंदगी में आगे क्या कदम और कैसे उठाने हैं? अंदरूनी और बाहरी दुश्मनों से कैसे निपटना है? आदि-आदि सवालों के जबाब पाने के लिए यह लड़की जेल में कैद अपने पिता तुल्य 'बाबा' से मिलने को बेताब है।

जी हां, हरियाणा की हनीप्रीत इंसां, जिनका मूल नाम पियंका तनेजा है। वही हनीप्रीत इंसां जो डेरा संचालक बाबा राम रहीम को अपना पिता बताती हैं। हनीप्रीत ने पिछले तीन-चार दिनों में दो बार जेल में कैद राम रहीम से मिलने की कोशिश की। मगर हर बार उसे नाकामी ही हाथ लगी है।

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हनीप्रीत के वकील और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता डॉ. ए.पी. सिंह ने तमाम तथ्यों की पुष्टि की। उन्होंने कहा, "हनीप्रीत अब जेल से बाहर आ चुकी है और उसे जेल में किसी से मुलाकात करने पर कोई पाबंदी नहीं होनी चाहिए। फिर भी प्रशासन द्वारा हनीप्रीत को जेल में बंद उनके पिता बाबा राम रहीम से न मिलने देना सरासर मौलिक अधिकारों का हनन है। इस मामले में हरियाणा के जेल महानिरीक्षक/महानिदेशक से लेकर हनीप्रीत अदालत तक जाने में शर्म नहीं करेंगी।"

उल्लेखनीय है कि हनीप्रीत की बाबा राम रहीम से आखिरी मुलाकात तभी और उसी दिन हुई थी, जिस दिन अदालत ने बाबा को हेलीकॉप्टर से ले जाकर जेल में बंद किया था। हनीप्रीत इसी साल छह नवंबर को अंबाला जेल से छूटकर बाहर आई हैं। पंचकुला अदालत से जमानत मिलने के बाद ही हनीप्रीत के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हुआ था।

हनीप्रीत से जुड़े एक सूत्र ने बताया, "शुक्रवार और फिर सोमवार को हनीप्रीत ने सुनारिया जेल (रोहतक, हरियाणा) में बंद बाबा से मिलने की कोशिश की। मगर जेल प्रशासन ने उनकी मुलाकात कराने से साफ इंकार कर दिया।"

सूत्रों के मुताबिक, जब 'बिटिया' की मुलाकात जेल में बंद बाबा से नहीं हो सकी, तब उसने हरियाणा के जेल महानिदेशक को पत्र लिखा है। हालांकि पत्र प्राप्ति की पुष्टि हरियाणा जेल महानिदेशालय से नहीं हो सकी है।

इस बारे में हनीप्रीत के अधिवक्ता डॉ. ए.पी. सिंह ने बताया, "हां, जेल महानिदेशक को पत्र लिखा गया है। पत्र के माध्यम से पूछा गया है कि आखिर उनकी मुवक्किल को क्यों बिना किसी ठोस आधार के जेल में मुलाकात से रोका जा रहा है। अगर कोई वाजिब कारण है तो वह बताया जाए, ताकि हम आगे बढ़कर अदालत का सहारा ले सकें।"