Sankat Mochan Mandir Banda
Sankat Mochan Mandir Banda|DM Banda (Mr. Heera Laal)
नजरिया

प्रसाद में पौधा अभियान, बाँदा जिलाधिकारी की अनूठी पहल। 

अब संकटमोचन मंदिर में प्रसाद के रूप में मिलेंगें पौधे।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

Summary

मानव बेहद उन्मुक्त प्राणी है, उसने सदियों से प्रकृति पदत्त संसाधनों का भरपूर उपयोग किया है और मानव सिर्फ उपयोग तक ही सीमित नही रहा, उसने अपने निजी स्वार्थ के लिए प्रकृति का दोहन किया और दोहन भी इस तरह का कि भविष्य धुंधला गया, लेकिन बाँदा जिलाधिकारी हीरालाल ने प्रकृति के जीवन दायक पेड़ो को बचाने की नई मुहिम छेड़ी है।

आप यह तो जानते ही होंगे कि मानव एक सामाजिक प्राणी होने के साथ-साथ वह काफी हद तक धार्मिक भी होता है, मानव के धार्मिक होने का सबसे बड़ा कारण है उसका धर्म से भय खाना, मानव यह मानता है कि अगर उसने धर्म विमुख होकर कोई कार्य किया तो उसे पाप लगेगा, शायद यही वजह है कि मानव पाप पुण्य की अवधारणा समझता है, मानव की इसी कमजोरी को जिलाधिकारी हीरालाल ने अपना हथियार बनाकर बाँदा को हरियाली से भरने की पहल की है।

प्रसाद में पौधा :

सुनने में भले ही अजीब लगे लेकिन बाँदा के सुप्रसिद्ध हनुमान मंदिर जो लाखो लोगों की आस्था का केंद्र है। जिलाधिकारी हीरालाल ने मंदिर प्रशासन और पुजारियों से वार्ता करके यह सहमति ली कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में मिष्ठान के साथ पौधे दिए जाएंगे, इस मंतव्य पर मंदिर प्रशासन और समिति के लोगों ने प्रसन्नता जाहिर की और मंदिर में अब से प्रसाद के रूप में पौधे वितरित होना शुरू होंगे।

धर्म का भय पौधों को जिंदा रखेगा :

हालांकि समय-समय पर सरकारों द्वारा तमाम पौधरोपण कराया जाता रहा है लेकिन अगर आंकड़े देखें तो कुल लागये गए पौधों में से 10 प्रतिशत से भी कम पौधे जीवित रह पाते हैं, इसका मुख्य कारण है लोगो और प्रशासन की उपेक्षा, लेकिन अब मानव प्रकृति यह है कि वह किसी भी स्थिति में ईश्वर और ईश्वर प्रसाद का अनादर नही कर सकता, बल्कि उल्टा अगर प्रसाद जमीन पर भी गिर जाए तो उसका सात्विक निराकरण कराया जाता है, यही कारण है कि अगर मंदिर से प्रसाद के रूप में पौधे मिलते हैं तो लोग बेहद श्रद्धा के साथ इनका रोपण करेंगें और इनको लंबे समय के लिए जीवित रखने का प्रयास भी करेंगें जिससे बुंदेलखण्ड के सूखे क्षेत्र को हराभरा रखने में मदद मिलेगी।

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उदय बुलेटिन
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