Sonchiraiya Bird 
Sonchiraiya Bird |Google
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सोन चिरैया जो बड़े संकट में है, संख्या केवल 150 के पास पहुँची। 

देश की सोनचिरैया विलुप्त होने की कगार पर।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

Summary

क्या आपको पता है भारत के राष्ट्रीय पक्षी चयन में विजेता कौन था? चलो विजेता तो पता ही होगा, लेकिन वह पक्षी जो उपविजेता था यानी कि राष्ट्रीय पक्षी होते-होते रह गया वह है सोन चिड़िया या सोन चिरैया, आज खतरे में है, अस्तित्व बचाने की जद्दोजहद है।

भारत का शुतुरमुर्ग :

सोन चिड़िया जिसे हिंदी में कहीं "हुकना" कहा जाता है तो कहीं "गोडावण" के नाम से जाना जाता है, जानकारी के लिए बता दे कि ये पक्षी वर्तमान में राजस्थान प्रदेश का राजकीय पक्षी घोषित है।

जैसे विश्व के शुष्क राष्ट्र में शुरतुर्मुग बड़ी स्वच्छता से विचरण करता है वैसे ही कभी भारत के विशाल भूभाग में केवल आसाम और बंगाल को छोड़कर बड़ी आसानी से देखा जा सकता था। जब यह करीब 15 किलो का पक्षी जमीन पर दौड़ता है तो यह देखने मे बिल्कुल शुतुरमुर्ग जैसा नजर आता है, लेकिन इसे प्राकृतिक आवास का नष्ट होना माना जाए या फिर अंधाधुंध शिकार अब यह पक्षी इन दिनों अपने विलुप्त होने की आखिरी कगार पर है। वर्तमान में इनकी संख्या केवल 150 के आस-पास बची है, जिसको लेकर पक्षी प्रेमियों में चिंता है।

बचाव के प्रयास :

ऐसा नहीं है लोगों और सरकारों ने इस पक्षी को बचाने के लिए मुहिम नहीं छेड़ी। साल 2013 में इंटरनेशनल यूनियन फ़ॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर ने इसे संकटग्रस्त पक्षी करार दिया इसके बाद से ही सरकारों ने गुजरात और राजस्थान में इन पक्षियों के लिए ब्रीडिंग केंद्र खोले है, सरकार अब तक इन पक्षियों को बचाने के लिए तकरीबन 30 करोड़ से ज्यादा रकम खर्च कर चुकी है। लेकिन जिस तरह से पक्षियों की संख्या कम होती जा रही है उसके हिसाब से ये बचाव कदम उतने मुफीद नहीं साबित होते।

राजस्थान का वरदान बनी पक्षियों का काल :

राजस्थान में इंदिरा गांधी नहर को राजस्थान की प्यासी जमीन को जलापूर्ति करने के लिए लाया गया था लेकिन आगे चलकर यही नहर इस सोन चिरैया पक्षी के लिए काल बन गयी, यहाँ आपको बताते चले कि ये पक्षी शुष्क घास के मैदानों में ज्यादा सहज होता है, नहर के आने के बाद ये पक्षियों के लिए ज्यादा सुखप्रद नहीं रहा।

बन सकता था राष्ट्रीय पक्षी :

देश मे जिस वक्त राष्ट्रीय पक्षी को चुनने की जद्दोजहद चल रही थी तब उस वक्त के प्रशिद्ध पक्षी विज्ञानी डॉक्टर सालिम अली द्वारा सोन चिड़िया को राष्ट्रीय पक्षी बनाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाया था लेकिन ऐन वक्त पर मोर को चुन लिया गया।

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उदय बुलेटिन
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