Deepak bundele Betul
Deepak bundele Betul|Social Media
नजरिया

इलाज के लिए अस्पताल जा रहे व्यक्ति को मुस्लिम समझ कर पीटा गया, 2 महीने बाद मिला न्याय।

कोरोना काल में दाढ़ी बढ़ाना महंगा पड़ सकता है, पुलिसवाले मुस्लिम समझ कर आपको अच्छा-खासा धुन सकते हैं। इसलिए सड़क पर निकलने से पहले दाढ़ी कटा लें।

Abhishek

Abhishek

मामला लगभग दो माह पुराना 23 मार्च का मध्य प्रदेश के बैतूल जिले का है, जब हम थालियां बजा रहे थे तब एक व्यक्ति पुलिस के द्वारा बजाया जा रहा था वो भी बस इसलिए कि उसने दाढ़ी रखी थी और वह मुस्लिम प्रतीत हो रहा था। यह व्यक्ति 23 मार्च के दिन दवा लेने के लिए अस्पताल जा रहा था उसी वक्त पुलिसकर्मियों ने वकील साहब का रोका और बिना कुछ पूछें पिटाई कर दी। अब यह सारा मामला खुल गया है और लगभग दो माह बाद हुई कार्रवाई में सहायक उप निरीक्षक भवानी सिंह पटेल (ASI bhawani singh pate) को निलंबित कर दिया गया है।

बैतूल पुलिस द्वारा मुस्लिम व्यक्ति समझ कर पीटने वाले व्यक्ति का नाम दीपक बुंदेले (deepak bundele) है और ये पेशे से वकील हैं वह डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीज हैं। बुंदेले ने इसकी शिकायत की थी। ये भी आरोप है कि अब बैतूल पुलिस वकील बुंदेले पर दबाव डाल रही है कि वह अपनी शिकायत वापस ले लें।

वकील दीपक बुंदेले ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्होंने अपने साथ हुई पिटाई की घटना की वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की थी। उनका बयान लेने आए पुलिस अधिकारियों ने अपने बचाव में कहा कि उनकी गलती से पिटाई हो गई, क्योंकि उन्हें लगा कि वे मुस्लिम हैं, दाढ़ी बढ़ी हुई थी। बुंदेले ने यह भी कहा कि उन्होंने 23 मार्च की घटना का सीसीटीवी फूटेज प्राप्त करने के लिए एक आरटीआई आवेदन दायर किया था, लेकिन जानकारी देने से इनकार कर दिया गया।

दीपक बुंदेले ने पुलिस के साथ हुई बातचीत का एक ऑडियो रिकाडिर्ंग भी लोगों से साझा किया। इसमें कथित तौर पर पुलिसवाले कह रहे हैं कि उनकी पिटाई गलती से हो गई, दाढ़ी बढ़ी हुई थी इसलिए उन्हें लगा कि वह मुस्लिम हैं।

इस मामले के सामने आने के बाद बैतूल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय मिश्रा ने कहा कि पीड़ित वकील की एमएलसी बार ने ही कराई थी। उनके बयान हो गए हैं। इस मामले में एफआईआर होगी ही। यदि दाढ़ी वाली बात कही गई है तो गलत है।

इस आडियो के सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक डीएस भदौरिया ने बुधवार को एएसआई भवानी सिंह पटेल को निलंबित कर दिया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रद्घा जोशी ने इसकी पुष्टि की है।

तो इस घटना से सबक लेकर आप भी दाढ़ी बढ़ा कर सड़क पर न निकलें क्योंकि पुलिस किस मूड में है पता नहीं कब किसको किस धर्म का समझ का पीट दे। तिलक, दाढ़ी, भगवा गमछा, चुटिआ इत्यादि आप अपने रिस्क पर रखे। आज पुलिसवालों ने किसी को दाढ़ी के चक्कर में मुस्लिम समझकर पीट दिया कल को सकता कोई पुलिसकर्मी भगवा गमछा डाले हुए किसी व्यक्ति का हिन्दू समझ कर पीट दे। तो कहने का मतलब ये है कि साधारण भेष-भूषा में रहिये और इस तरह के पुलिसकर्मियों से बचिए।

उदय बुलेटिन के साथ फेसबुक और ट्विटर जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com