उदय बुलेटिन
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 मकान मालिक ने कहा घर से निकल जाओ 
मकान मालिक ने कहा घर से निकल जाओ |Social Media
नजरिया

एक किरायेदार की कहानी: जब आधी रात को उससे घर खाली करवाया गया 

जब रात के 12 बजे मकान मालिक ने कहा घर से निकल जाओ 

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

यह कहानी सिर्फ मेरी नहीं है, हर उस किराएदार की है जिसे कभी भी मकान मालिक ने घर से निकाल देने की धमकी दी हो। पर यहां केस थोड़ा अलग है। मुझे सिर्फ धमकी नहीं मिली आधी रात को निकाल भी दिया गया।

सात के करीब 11 बजे थे। मैं सोने की तैयारी कर रही थी फिर सोचा थोड़ी देर और पढ़ लूं। अचानक कॉल बेल बजा। आधीरात को कॉल बेल बजने से थोड़ा परेशान हो गई। घर में अकेली रहती थी। माँ-बाप करीब 1000 किलोमीटर दूर गाँव में रहते थे। घर से निलते समय माँ ने समझाया था कि अकेले रहती हो रात में कोई भी आ जाए गेट मत खोलना। और माँ की इस बात को मैंने भी गांठ बांध कर रख लिया था। फिर दोबारा कॉल बेल बजा। साथ में फ़ोन भी। मेरे मकानमालिक का फ़ोन था, उठा लिया। उसने कहा वो घर के बाहर खड़ा है। मुझसे बात करनी है, काफी समय से कॉल बेल बजा रहा है। मैंने सॉरी बोलते हुए गेट खोल दिया।

मकान मालिक ने कहा घर से निकल जाओ 
मकान मालिक ने कहा घर से निकल जाओ 
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गेट खोला तो बाहर मकानमालिक था, मैंने अंदर आने की रिक्वेस्ट की। वो शराब पीकर कमरे में आया था। और आते ही चिल्लाने लगा। उसके चेहरे पर गुस्सा साफ़ दिखाई दे रहा था। तमतमाया हुआ और आखें गुस्से और नशे से लाला हो चुकी थी। उसने आते ही मुझे घर खाली करने को कहा। और गंदी-गंदी गलियां देने लगा। मेरे सामान को बाहर फेंकने लगा। अभी तो 10 दिन पहले मैं इस घर में शिफ्ट हुई थी। दो महीने का एडवांस किराया भी दिया था। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि अचानक इसे क्या हुआ।

मैंने बोला 'अंकल मेरे बात तो सुनो, आखिर हुआ क्या ? बात क्या है मुझे बोलो तो। लेकिन वो कुछ सुनने को तैयार नहीं था ,बस माँ बहन की गालियां दे रहा था। आवाज तो मैं भी उठा सकती थी और तुरंत पुलिस को फ़ोन कर उसे जेल भेज सकती थी। लेकिन जब सामने पिता की उम्र का इंसान हो तो मन चाह कर भी कुछ करने से रुक जाता है। मैं चुपचाप सुनती रही। और बाहर फेंका हुआ सामान उठकर अंदर रखने लगी। तभी बगल वाले फ्लैट से कुछ लोग बाहर आये। और कहा जब बोल रहे हैं तो खाली कर दो फ्लैट।

मैंने बोला आंटी मैं अकेली रहती हूं इस शहर में, इतनी रात को कहां जाउंगी ? कोई दोस्त भी नहीं है। अभी तो 10 दिन पहले शिफ्ट हुई हूं। अगर कोई बात है तो मुझे बोलो, शायद मैं कुछ कर सकूं।

मेरी इस बात को सुनकर अंकल और ज्यादा गुस्से में आ गए। बोलने लगे मैंने कोई आश्रम नहीं खोल रखा है। अपने पैसे लो और निकलो यहां से। मैंने फिर से विनती कि -दूसरे शहर की हूं , आधी रात को कहां जाउंगी, यहां पढाई करने आई हूं। लेकिन उन्हें मेरी बात बकवास लग रही थी ,मुझे बोले ज्यादा जुबान मत चला नहीं तो पुलिस को बोलूंगा कि लड़कों के साथ ***** करती हो, कमरा खाली करो। अजीब स्थिति बन चुकी की। अब लग रहा था बस निकल जाऊं यहां से। बगल के लोग भी ऐसे देख रहे थे जैसे मैंने कोई पाप कर दिया है।

मुझे रोने का मन कर रहा था, जोर-जोर से रोना था, लेकिन अभी समय नहीं था। मुझे इस नर्क से निकलना था। मेरे कमरे के बाहर लोगों की भीड़ लग चुकी थी। पर कोई मेरी तरफ से बोलने वाला नहीं था। तभी एक मेरी उम्र की लड़की आई उसने कहा तुम्हारे कोई दोस्त नहीं हैं ? यहां से चली जाओ ये लोग अच्छे नहीं हैं। पहले भी एक लड़की के साथ ऐसा किया था। तब तो पुलिस भी आ गई थी।

मेरे साथ ऐसा पहली बार हुआ था। अभी कुछ महीने पहले ही इस शहर में शिफ्ट हुई हूँ। कोई रिश्तेदार भी नहीं है। दिमाग में बहुत कुछ चल रहा था। लेकिन जल्दी जल्दी सामान पैक किया और गुस्से में निकल गई। रात के 2 बज चुके थे। किसे फोन करूं ? यहीं चल रहा था अंदर। सामान ज्यादा था। ऑटो भी नहीं मिल रहा था। भगवान से पूछ रही थी किसे कॉल करुं ? फिर एक दोस्त रोहित की याद आई। लेकिन वो लड़का था, इतनी रात को फोन करना ठीक नहीं था। इतनी दोस्ती भी नहीं थी। फिर भी कॉल किया। उसने फ़ोन नहीं उठाया। सामान भारी था। रातभर स्टेशन के बाहर बैठी रही।

सुबह 6 बजे रोहित ने मुझे कॉल किया। मैंने रोते हुए उसे पूरी कहानी बता दी। 10 मिनट में ऐसा लगा जैसे रोहित से अपना कोई भी नहीं है दुनिया में। उसने पूछा कहां हो तुम। मैंने बताया। उसने कहा 10 मिनट में आता हूं। वो आया और मुझे ले गया। वो भी इस शहर का नहीं था। मैं उसके फ्लैट पर गई। वो अपने दो दोस्तों के साथ वहां रहता था। उसने शाम तक मेरे लिए दूसरा घर ढूंढ लिया। और अब मैं पिछले 10 महीने से यही रह रही हूं।

रोहित उस दिन के बाद से मेरे सबसे अच्छा दोस्त बन गया। मुझे आज तक समझ नहीं आया कि उस रात मैंने रोहित को ही क्यों फ़ोन किया ? अगर मैं रोहित को फ़ोन नहीं करती तो मेरा क्या होता ? आखिर मुझसे रातों-रात घर क्यों खाली करवाया गया ? ये कुछ सवाल हैं जिनका जवाब मुझे अब तक नहीं मिला। खैर इस घटना ने मुझे बड़ा बना दिया।