उदय बुलेटिन
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एसिड सर्वाइवर लड़कों की कहानी 
एसिड सर्वाइवर लड़कों की कहानी |Google
नजरिया

एसिड अटैक लड़कियों के बारे में तो काफी सुना होगा, आज सुनते है लड़कों की कहानी

हमारे समाज में एसिड अटैक का शिकार सिर्फ लड़कियां ही नहीं बल्कि लड़के भी हो चुके हैं लेकिन इनके बारे में काफी कम लोग जानते होंगे।

Puja Kumari

Puja Kumari

अक्सर ऐसा होता है कि जब हम कहीं भी एसिड अटैक की घटना की खबर सुनते हैं तो तुरंत हमारे दिमाग में एक छवि बन जाती है जो कि लड़की की होती है, ऐसी लड़की जो एसिड से झुलस गई हो या फिर पट्टी बांधे हो या यूं कह ले तो चेहरा छिपाए हुए हो। हमारे दिमाग में ये छवि इसलिए बनती हैं क्योंकि ज्यादातर हमें ऐसे ही मामले देखने को मिलते हैं जो कि महिला या किसी लड़की को तोड़कर रख देते हैं।

अधिकतर केसों में देखा गया है कि एसिड अटैक (Acid attacks) करने वाले की मानसिकता ये होती है कि वो पीडि़त व्यक्ति को इस हाल में पहुंचा दे ताकि वो जीवित रहकर भी कुछ न कर सके, कहने का मतलब न ही वो सुंदर दिख सके और न किसी से शादी कर सके। आपने भी कई बार सुना होगा कि लड़की ने लड़के के प्यार को अस्वीकार कर दिया या फिर किसी दूसरे लड़के से शादी कर ली तो उसपर एसिड अटैक (Acid attacks) हुआ। पर अभी तक आपने बस उन लड़कियों के बारे में जाना होगा जो इस अटैक से पीड़ित हैं लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसे एसिड अटैक सर्वाइवर से मिलाने जा रहे हैं जो लड़के हैं।

इस बार लड़की ने दिखाई बर्बरता

सबसे पहले बात करते हैं अभी हाल में हुए मामले की जिसमें 19 साल की लड़की ने अपने ब्वॉफ्रेंड पर एसिड उड़ेल दी। हैरानी की बात तो यह थी कि लड़की ने इस घटना को तब अंजाम दिया जब वो उसके साथ बाइक पर थी। लड़की का कहना था कि लड़का उससे दोस्ती खत्म करना चाहता था और वो उससे शादी करना चाहती थी लेकिन जब उसे लगा कि ऐसा संभव नहीं हो पाएगा तब उसने इतना बड़ा कदम उठाया। ये घटना दिल्ली की है।

एसिड सर्वाइवर 
एसिड सर्वाइवर 
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कुछ ऐसा ही दूसरी घटना में भी देखने को मिला जिसमें एक लड़की ने अपने ब्वॉयफ्रेंड पर एसिड अटैक किया। कारण ये था कि वो लड़की 1 साल से अपने ब्वॉयफ्रेंड से शादी करने के लिए कह रही थी लेकिन उसकी शादी कहीं और तय हो गई। जिस दिन शादी होने वाली थी उसके ठीक एक दिन पहले ही लड़की ने गुस्से में आकर उसके चेहरे पर एसिड फेंक दिया ताकि वो किसी और से शादी न कर सके। ये घटना यूपी की है।

हालांकि इन घटनाओं में प्यार, मोहब्बत, इंकार जैसी वजहें आपको नजर आई होंगी जो कि अक्सर ही होता है पर कुछ ऐसे एसिड सर्वाइवर (Acid attack survivors) हैं जो इसके अलावा भी किसी अन्य कारणों से भी एसिड अटैक का शिकार बन गए हैं।

फिरोज खान

फिरोज खान
फिरोज खान
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फिरोज खान, जिनपर 14 साल की उम्र में एसिड अटैक हुआ था। फिरोज पर उनके पड़ोसियों ने हमला किया था, साल 2002 में ठंडी के मौसम में उनके भाई का पड़ोसी से विवाद हो गया था जिसमें पड़ोसी ने एसिड से भरी बाल्टी लेकर आए और उनके ऊपर मग से फेंकना शुरू कर दिया। उस दौरान उनकी हालत अधमरी हो गई थी। हालांकि अब वो 42 साल के हो चुके हैं लेकिन आज भी उस हमले के निशान व घाव शरीर पर गहरे हैं जो कि उनको तकलीफ देते हैं। लेकिन अफसोस की आज 15 साल बाद भी उन्हें हर माह अपने खिलाफ हुए इस हमले के लिए कोर्ट में हाजिर होना पड़ता है।

आदित्य राज

आदित्य राज
आदित्य राज
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अब बात करते हैं ढाई साल के आदित्य राज की, जो कि एसिड सर्वाइवर में सबसे कम उम्र के हैं। जरा सोचिए ढ़ाई साल के इस बच्चे की गलती आखिर क्या होगी जिसे इतनी दर्दनाक सजा मिली। दिल्ली के निवासी आदित्य राज का अपहरण उनके ही मां के प्रेमी ने कर लिया था और अगले दिन उसपर एसिड उड़ेल सड़क पर अधमरी हालत में छोड़ गया था। वजह थी कि मां ने प्रेमी के साथ संबंध नहीं रखना चाहा। जिसकी वजह से आरोपी ने सबक सिखाने के लिए उसके बच्चे को ही निशाना बना लिया।

उपेंद्र कुमार

उपेंद्र कुमार
उपेंद्र कुमार
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उपेंद्र कुमार का नाम भी एसिड पीड़ित लोगों में आता है इनपर ये हमला तब हुआ जब वो महज 14 साल के थें। इनपर हुए हमले की वजह भी पड़ोस में पनपी एक छोटी सी रंजिश ही थी। जिसने इस बच्चे को जीवन भर का घाव दे दिया। रंजिश भी ऐसी की जहां एक परिवार ने उनके बच्चों की दोस्ती का विरोध किया। ऐसे में जब वो लोग नहीं माने तो खेलने के दौरान ही दो व्यक्तियों ने आकर उपेंद्र की आँखों में तेजाब डाल दिया जिसकी वजह से वो अंधे हो गए और उनके आंखो की दोनों कॉर्निया बुरी तरह से जल गई।

इन घटनाओं को सुनकर यही महसूस होता है कि लोग किसी भी रंजिश, लड़ाई, द्वेष या प्यार में इतने अंधे कैसे हो जाते हैं? व्यक्ति एक बार भी नहीं सोच पाते कि जो काम वो कर रहे हैं उससे पीड़ित व्यक्ति की जिंदगी मौत से भी बद्दत्तर हो जाएगी। लेकिन इसके बावजूद इन पीड़ित लड़को ने अपने जख्मों से लड़कर आज भी अच्छी जिंदगी जीने की कोशिश कर रहे हैं जो वाकई में हमारे समाज के लिए एक मिसाल है।