उदय बुलेटिन
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गुरकीरत सिंह
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नजरिया

गरीब व जरूरतमंद मरीजों के इलाज के लिए आगे आया ये 10 साल का बच्चा 

अपनी दादी के पद्चिन्हों पर चल रहा ये 10 साल का बच्चा, वर्षों के बचाए हुए पॉकेट मनी को कर दिया दान 

Puja Kumari

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आज की इस भागदौड़ भरी दुनिया में जहां हर कोई अपने मतलब का सोचता है वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो दूसरों के बारे में सोचते हैं। मानो भगवान ने उन्हें धरती पर इसीलिए भेजा हो, हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि आज एक बच्चे ने कुछ ऐसा कर दिखाया जिसका गुणगान हर कोई कर रहा है।

वैसे ये बात भी सच है कि हमें बचपन से ये सिखाया जाता है कि ज़रूरतमंदों की मदद करना चाहिए लेकिन इसपर बेहद कम लोग ही अमल करते हैं और जो ये करता है उसके मन में खुद भगवान का वास होता है। वहीं इस तरह के नेक विचार जब किसी बच्चे के अंदर आए तो वो वाकई में क़ाबिल ए-तारीफ़ है।

जिस बच्चे के बारे में हम बात कर रहे हैं वो ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर का रहने वाला है जिसका नाम गुरकीरत सिंह है। दरअसल इस बच्चे ने अपने कई वर्षो की पॉकेट मनी से करीब 30 हज़ार रुपए जमा किए थें जिसे उसने मरीजों के इलाज के लिए दान कर दिया। गुरकीरत के 16 वर्षीय भाई सुनेल अमल ने भी तकरीबन 70 हजार रुपए पीजीआईएमईआर में दान दिए हैं।

PGIMER chandigarh
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उनकी दादी हरभजन कौर अक्सर ही जरूरतमंद व्यक्तियों की मदद के लिए आगे रहती हैं जिसे देख गुरकीरत ने भी ऐसा ही किया। इससे पहले गुरकीरत की दादी हरभजन कौर ने भी गरीबों की मदद करने के लिए अपनी जिंदगी भर की बचत जो कि करीब 60 लाख रुपये थी उसे भी दान कर चुकी हैं। इसके कारण कई बार इन्हे पीजीआईएमईआर में सम्मानित भी किया जा चुका है। बता दें कि हरभजन कौर पीजीआईएमईआर में गुरुद्वारे के निर्माण के लिए भी पैसे दान कर चुकी हैं।

मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होने बताया कि, ये जानकर काफी अच्छा लग रहा है कि जो सिख गुरुओं की दी हुई यह शिक्षा है उसे हमारी तीसरी पीढ़ी भी आगे बढ़ाने का काम कर रही है। जरूरतमंद व ग़रीब लोगों की मदद करना हमें अच्छा लगता है, इसलिए हमसे जितना भी हो सकता है, हम करते हैं। गुरकीरत के इस कार्य की जानकारी जिस किसी को हो रही है वो हैरान है, क्योंकि आजकल के बच्चों तो पैसे मिल जाने के बाद तमाम तरह के गैजेट्स ही खरीदते हैं न कि उसे दान करते हैं।