रेसलिंग के खिलाड़ी गुरु राज का गृह जिले बाँदा में हुआ भव्य स्वागत, निकाली स्वागत यात्रा

यह पहला मौका है जब जिले से किसी किसान परिवार के बेटे ने विदेश की धरती पर अपने हुनर का परिचय दिया है, गुरु राज के नाम से पहचाने जाने वाले रेसलर का असली नाम लक्ष्मीकांत राजपूत है
रेसलिंग के खिलाड़ी गुरु राज का गृह जिले बाँदा में हुआ भव्य स्वागत, निकाली स्वागत यात्रा
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आपको बताते चले कि बीते माह जनवरी के अंतिम सप्ताह में जिले के नामी रेसलर गुरुराज ने विदेशी धरती पर विदेशी पहलवान से भिड़कर जिले का नाम विश्व पटल पर लिखने का काम किया है। गुरु राज उर्फ लक्ष्मीकांत राजपूत जिले के बेहद सामान्य स्तर के परिवार से ताल्लुक रखते है। रेसलर के पिता जिले में एक बेहद सामान्य से किसान है जिन्होंने अपने बेटे को इन हालातों पर तैयार किया है कि वो अपने देश का नाम दुनिया मे फैला सकें।

बाँदा में हुआ भव्य स्वागत:

यह पहला मौका था जब जिले का कोई व्यक्ति डब्लू डब्लू ई जैसे प्लेटफार्म पर पहुँचकर देश के नाम से खेला हो। जैसे ही गुरु राज जिले में पहुँचे तो पूरे शहर में रेसलर की शोभायात्रा निकाली गई। लगभग हर गली मुहल्ले में रेसलर का स्वागत किया गया। इस दौरान लोगों ने गुरुराज को अपने घर के बेटे सा स्वागत किया महिलाओं ने माथे पर तिलक लगाकर आर्शीवाद दिया। वही युवा रेसलर के साथ सेल्फी लेते हुए नजर आए

ग्रेट खली का मिला निर्देशन:

आपको बताते चले कि गुरुराज बचपन से ही पहलवानी का शौक रखते आये है बेहद कम उम्र में ही उन्होंने भारत के नामी गिरामी रेसलर द ग्रेट खली के संस्थान में दाखिल होकर विश्व रेसलिंग के गुर सीखे ,इस दौरान खली ने उन्हें अपने अनुभवों से और परिपक्व बनाया। महज 24 वर्ष से कम उम्र में इतनी बड़ी चैंपियनशिप लिए खेलना न सिर्फ जिले के लिए एक बहुत बड़ा तोहफा है बल्कि यह देश के लिए भी गर्वित होने का पल है।

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उदय बुलेटिन
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