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PUBG और ZOOM एप नहीं हुए बैन, ये कारण रहे सामने

सोशल मीडिया पर लोग पूंछ रहे है कि 59 चाइनीज़ ऐप्स बैन हुए लेकिन PUBG और Zoom ऐप को भारत सरकार ने क्यों नहीं बैन किया?

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

भारत सरकार ने महत्वपूर्ण डाटा चोरी करने और निजता पर हमले के मद्देनजर सुप्रशिद्ध एप टिक टॉक समेत 59 चीनी एप्स को पूरी तरह बैन कर दिया है। लेकिन इस बैन के बाद ट्विटर समेत अन्य जगहों पर मीटिंग (वर्चुअल मीटिंग्स) और विश्वप्रसिद्ध ऑनलाइन गेम PUBG के बैन करने की मांग उठी लेकिन हम सबको सच्चाई जाननी होगी कि आखिर ये दोनों एप बैन हुए क्यों नहीं।

PUBG का मामला किसी को पता ही नहीं:

भारत मे चीनी एप बहिष्कार की शुरुआत से ही लोगों ने PUBG गेम को निशाने पर बनाये रखा लेकिन असलियत थोड़ा अलग है दरअसल सरकार ने जिन 59 एप्स को बैन करने का फैसला लिया है वह सूचनाएं चोरी करने के मामले में संदिग्ध थे। सरकार द्वारा इस मामले को बेहद संदिग्ध मानते हुए बैन लगा दिया और मजे की बात यह भी है कि ये सभी एप चीन की कंपनियों द्वारा विकसित किये गए थे या अभी तक इन्हें चीनी कंपनियों द्वारा मेंटेन किया जा रहा था।

अब आते है PUBG पर यहां सबसे बड़ी अफवाह है कि ये गेमिंग एप चीन द्वारा चलाया जा रहा है या फिर इसे चीन ने विकसित किया है जबकि असलियत इससे बेहद अलहदा है

चीनी नहीं साउथ कोरियन है PUBG एप:

सच्चाई यह है कि इस एप को चीन ने नहीं बल्कि साउथ कोरिया की कंपनी बैटल ग्राउंड ने विकसित किया है। जो कि साउथ कोरिया की पूर्व में नामचीन कंपनी "ब्लू व्हेल" की सहायक कंपनी है। यहां आपको बताते चले कि इस गेम की थीम सन 2000 में आई जापानी एक्शन फिल्म बैटल रॉयल के आधार पर रखी गयी है जिसमे कुछ स्टूडेंट्स को हथियार देकर जंग में छोड़ दिया जाता है।

लोगों के द्वारा सोशल मीडिया पर PUBG एप को बैन करने की मांग की जा रही थी

चीन के साथ नाम कैसे जुड़ा?

जब इस ऑनलाइन गेम ने चीन में अपनी दस्तक दी तो चीन ने इस एप के उपयोग पर प्रतिबंध सिर्फ इसलिए लगा दिया कि यह एप किसी चीनी कंपनी का नहीं था तो बैटल ग्राउंड ने इसमें एक तोड़ निकाला और इस गेम में चीन की ही नामी गिरामी गेमिंग कंपनी टेनसेंट (TENCENT) की मदद से पेश किया। इसके लिए बैटल ग्राउंड को टेनसेंट को हिस्सेदारी मुहैया करानी पड़ी और यहीं से इस एप के साथ चीनी कंपनी का नाम जुड़ गया और अफवाह ही सही लेकिन इसे चीनी कहा जाने लगा। हालांकि आपको बताते चले कि चीन में इसे PUBG के नाम से नही बल्कि इसे गेम ऑफ पीस के नाम से परिचित कराया गया। वहीँ साउथ कोरिया में इस गेम को काकाओ गेम के द्वारा उपलब्ध कराया जाता है।

PUBG को लेकर सोशल मीडिया मीम्स भी चर्चा में है:

ZOOM एप का क्या किस्सा है?

जनाब अफवाहों का क्या है पैदा होती ही फैलने के लिए, लेकिन हम आपकी जानकारी के लिए बताये देते है कि zoom एप कोई चायनीज वायनिज नहीं है, यह एक अमेरिकी एप है और इसका हेडक्वार्टर कैलिफ़ोर्निया के सैन होज़े (San Jose) में स्थापित है। पिछले कुछ दिनों पहले सिक्योरिटी लूप होने के कारण केंद्र ने इस एप के उपयोग को लेकर सावधानी बरतने के लिए एडवाइजरी जारी की थी।

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उदय बुलेटिन
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