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आखिर 21 दिन के लिए ही क्यों किया गया “लॉकडाउन”, ज्यादा क्यों नहीं

पीएम मोदी ने जो लॉकडाउन किया है उससे कई लोगों के मन में एक सवाल ये आ रहा है कि ये 21 दिन का ही क्यों है, इससे कम या ज्यादा क्यों नहीं ?

Puja Kumari

Puja Kumari

ना सिर्फ देश बल्कि पूरा विश्व इस वक़्त बहुत ही बद्दतर हालत से गुजर रहा है। चीन, इटली, स्पेन जैसे आधुनिक और संपन्न देश भी कोरोना वायरस के कहर से नहीं बच पा रहे और उसके सामने घुटने टेकने की स्थिति आ गयी है। ऐसे में भारत द्वारा 'जनता कर्फ्यू' जैसा बड़ा कदम उठाना बेहद ही सराहनीय रहा जिसकी तारीफ़ खुद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी की। एक तरफ जहाँ अमेरिका जैसा शक्तिशाली देश भी इस खतरनाक बीमारी से बच नहीं पा रहा जबकी इस विकट परिस्थिति में भारत ने इस वायरस को रोकने का नायब तरीका खोज निकला।

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इसमें कोई शक नहीं है कि यह बहुत ही शानदार प्रयास था कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए क्योंकि अभी तक इसकी कोई दवा नही बनायीं जा सकी है। ऐसे में इस तरह के प्रयास ही इससे बचाव का सबसे बेहतर तरीका हो सकता है। प्रधानमंत्री मोदी के आह्वाहन पर पुरे देश ने 22 मार्च को 'जनता कर्फ्यू' का समर्थन किया और इसकी सफलता तथा और कोरोना की गंभीरता को देखते हुए पीएम मोदी ने एक बार फिर से देश को संबोधित करते हुए पुरे देश में "लॉकडाउन" का ऐलान किया। पीएम ने बताया कि देश के अलग अलग हिस्सों में पहले से ही लॉकडाउन लागू हो चुका था मगर देशवासियों को इस त्रासदी से निकलने के लिए यह अति आवश्यक हो गया था कि स्थिति और ज्यादा बिगड़े उससे पहले ही पुरे देश में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन लागू कर दिया गया है।

लॉकडाउन 21 दिन के लिए ही क्यों, ज्यादा या कम दिनों के लिए क्यों नहीं ?

चूँकि आज 25 मार्च से पुरे देश में कोरोना वायरस के कहर से बचाने के लिए देशभर में लॉकडाउन लग चुका है तो देश के नागरिकों में काफी उलझन भी मची हुई है। हालांकि जानकारी दी जा आ रही है कि नागरिकों को उनकी जरूरतों का सामान उचित समय के दौरान मिलता रहेगा। मगर इन सब के बीच एक सवाल ये भी उठता है की आखिर 21 दिन ही क्यों? इससे कम या ज्यादा दिनों तक भी तो लॉकडाउन किया जा सकता था, मगर तीन सप्ताह के लिए ही क्यों किया गया। क्या इसके पीछे कोई खास वजह है या फिर बस एहतियात के तौर पर एक अंदाजे से इतने दिनों के लिए लॉकडाउन कर दिया गया है।

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अगर आपके मन में भी इस तरह का कोई सवाल है तो जान लीजिये कि यह फैसला काफी सोच समझ कर और कई एनालिसिस के बाद लिया गया है। 3 सप्ताह तक लॉकडाउन होने की वजह से ना सिर्फ इस जानलेवा वायरस को फैलने से रोका जा सके बल्कि अर्थव्यवस्था पर भी इसका कम से कम प्रभाव पड़े।

21 दिन के लॉकडाउन के पीछे ये है वजह

वैज्ञानिकों के कई अध्ययनों के बाद यह देखा गया है कि किसी भी संक्रमित व्यक्ति में कोरोना के लक्षण 7वें दिन से ही दिखना शुरू होता है और 14वें दिन तक उसमे कोरोना की पुष्टि हो जाती है। ऐसे में यदि 21 दिन के लॉकडाउन अवधी का सख्ती से पालन किया गया तो यह तय है कि देश के तक़रीबन सभी कोरोना मरीजों का 7 अप्रैल तक (लॉकडाउन के 14वें दिन) पता लग जाएगा। ऐसी परिस्थिति में इस खतरनाक वायरस के संक्रमण को काफी हद तक काबू पा लिया जा सकता है और तब यह कहा जा सकता है कि भारत में लॉकडाउन का मकसद कामयाब हुआ।

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उदय बुलेटिन
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