झारखंड विधानसभा चुनाव 2019
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Jharkhand Result: रघुवर के हाथ से क्यों गई सत्ता और कैसे हुई हेमंत सोरेन की जीत ?

झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद भाजपा के सिर से सबसे बड़ी पार्टी होने का ताज भी छिनता नजर आ रहा है। अब देखना ये होगा कि इस परिस्थिति में मोदी सरकार क्या कदम उठाती हैं ?

Puja Kumari

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कल झारखंड में चुनावी नतीजे सामने आए, भाजपा को यहां पर भी हार का ही सामना करना पड़ा। झारखंड जैसा कि नाम से समझ आता है 'जंगल वाला क्षेत्र'। झारखंड को अलग राज्य बनाने के लिए काफी समय तक संघर्ष चला, जिसके बाद आजादी के बाद इसे बिहार का हिस्सा बनाया गया लेकिन काफी लड़ाइयां लड़ने व आंदोलनों के बाद 15 नवंबर 2000 को पूरे सहमति के साथ झारखण्ड बिहार राज्य से अलग हुआ।

इसी राज्य के आज 9 वें मुख्यमंत्री बने हेमंत सोरेन, जो कि झारखंड मुक्ति मोर्चा आंदोलन का भी हिस्सा रह चुके हैं। अब जब इस चुनाव के नतीजे सामने आ ही चुके हैं तो ऐसे में कई लोग ये सोच रहे हैं कि आखिर झारखंड राज्य में भाजपा अपनी सरकार क्यों नहीं बना पाई ?

आखिर कहां हो गई अमित शाह से गलती ? क्या इस बार भाजपा के चाणक्य की नीति काम नहीं आई ? और कैसे हेमंत सोरेन को जीत मिल गई? तो इन सभी सवालों के जवाब आज हम आपको विस्तार से देंगे कि किससे कहां गलती हुई और किसने कैसे बाजी मार ली ?

सबसे पहले बात करते है कि रघुवर सिंह दास की आखिर वो क्यों हार गए ? इसके पीछे के सारी वजहें छिपी हुई है।

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जमीन का मुद्दा

झारखण्ड में आदिवासियों की जमीन को लेकर रघुवर दास घिर गए या यूं कह ले तो इन्होंने आदिवासियों की जमीन को मुद्दा बनाया ताकि उनको उनकी जमीन दिला सके लेकिन इस बीच ये खबर फैल गयी कि सरकार आदिवासियों के जमीन पर कब्जा कर रही है। इसकी वजह से रघुवर का ये दांव उनपर ही उल्टा पड़ गया।

आजसू से गठबंधन

आजसू का टूटना भाजपा के लिए बुरा साबित हुआ, हालांकि विधायक इसे कोई बड़ा फैक्टर नही मान रहे थे लेकिन कहीं न कहीं इसका असर भी इस चुनाव पर देखने को मिल ही गया।

पानी और बिजली की कमी

ये सब जानता है की पूरे राज्य में पानी और बिजली की भयंकर कमी है लेकिन रघुवर दास अपने इस वादे को भी पूरा नही कर पाएं उन्होंने कहा था कि 24 घण्टे बिजली न आये तो वोट मांगने नहीं आऊंगा पर ऐसा हुआ नहीं।

बेरोजगारी

झारखण्ड में बेरोजगारी चरम सीमा पर है, युवा भयानक रूप से इस बात से सरकार से खफा थें। पिछले 5 सालों में एक भी वेकैंसी सरकार ने नहीं निकाली है।

रघुवर दास

एक सबसे आखिरी वजह खुद रघुवर दास हैं जी ये सुनकर आपको हैरानी जरूर हो रही होगी लेकिन कहीं न कहीं इस चुनाव को हारने के पीछे एक वजह रघुवर दास भी रहे हैं। भ्रष्टाचार के कई आरोपों से घिरी थी रघुवर दास की सरकार।

इन सबसे पर झारखंड में महागठबंधन की जीत हुई है उसके पीछे सबसे बड़ी वजह हैं हेमंत सोरेन। शिबू सोरेन के वारिश होने के बावजूद हेमंत ने लगातार सूबे के दौरे किए इतना ही नहीं हर विधानसभा सीट पर वो खुद भी गए ऐसे में देखते ही देखते वो जनता की नजरों में आ गए और हेमंत के सामने झारखंड में भाजपा के साथ वाला मोदी नाम का ब्रांड भी फीका पड़ने लगा।

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उदय बुलेटिन
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