Qassem soleimani 
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अमेरिका का बगदाद एयरपोर्ट पर ईरान के जनरल कासिम सुलेमानी को मार गिराने के अंजाम क्या हो सकते है ! 

अमेरिका एक ताकतवर देश है और समूचे विश्व मे उसकी तूती बोलती है लेकिन किसी दूसरे देश मे तीसरे देश के बड़े सेनानायक को एयर स्ट्राइक में मार गिराना कहीं बड़े संकेत तो नहीं दे रहा? 

Shivjeet Tiwari

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Summary

आज तड़के की सूचनाओं के अनुसार अमेरिकी मानव रहित विमानों ( ड्रोन) ने इराक के प्रमुख शहर बगदाद के बगदाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला करके ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के जनरल कासिम सुलेमानी को मार गिराया। इस हमले के बाद अमेरिका को दुनिया के तमाम देशो की निंदा का सामना करना पड़ रहा है साथ ही अगर आज के परिदृश्य में देखा जाए तो पूरे विश्व मे इसकी हलचल सी मची हुई है और यह हमला दुनिया को किस ओर मोड़ सकता है इसके सिर्फ कयास लगाए जा रहे है।

कौन है मरने वाला :

ईरानी सेना का नंबर दो कमांडर कासिम सुलेमानी जिसपर अमेरिका सदैव यह आरोप लगाता रहा है कि कासिम सुलेमानी के हाँथ निर्दोष अमेरिकी खून से रंगे है। और शायद यही कारण था कि किसी देश की सेना में इतने बड़े पद पर होने के बावजूद भी अमेरिका लंबे समय से सुलेमानी को मौत के शिकंजे में लेने की जुगत लगा रहा था। हालाँकि ये कोशिशें कभी इतनी ज्यादा जग जाहिर नहीं हो पाई और अमेरिका ने अप्रत्याशित तरीके से इस घटना को अंजाम भी दे दिया।

चीन और रूस अमेरिका पर बिफरे :

हालाँकि भले ही अमेरिका पूरे विश्व मे दादा की भूमिका निभा रहा हो लेकिन जैसा कि आप जानते है हर वक्त पर कोई भी व्यक्ति एक जैसा नहीं होता और आज उसी अमेरिका को चीन और रूस जैसे साधन संपन्न देशो ने चेताया है इस मामले पर चीन ने अमेरिका को संयम बरतने की सलाह दी है साथ ही रूस ने अमेरिका के इस कदम को बेहद उकसावे वाला बताया है। रूस ने आगे यह भी कहा इससे खाड़ी के देशों में तनाव की स्थितियां उत्पन्न हो सकती है जिसका खामियाजा पूरे विश्व को झेलना पड़ सकता है। अब यहाँ गौर करने वाली बात यह है कि चीन इस समय अपने बाजार और उत्पादन करने की क्षमता के कारण एक मजबूत देश की तरह खड़ा है वही रूस को अपनी सामरिक क्षमता के बारे में किसी को बताने की जरूरत नही है। जानने वाली बात यह है कि ईरान के साथ इन दोनों देशों के साथ बेहद मधुर और पारस्परिक सम्बंध है तो फौरी तौर पर ये देश अमेरिका को टोकने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी वजह से खाड़ी देशों में एकजुटता वाला माहौल स्थापित हो सकता है जिसकी वजह से विश्वशांति खतरे में आ सकती है।

ईरान ने इसे सम्प्रभुता पर खतरा बताया, अन्य देश भी इसी सुर में :

ईरान के सबसे बड़े धर्मगुरु ने अपने बयान मे इस अमेरिकी घटना की निंदा की है और इसे किसी भी देश की सम्प्रभुता पर खतरा बताया है ईरानी धर्मनेता अयातुल्ला खानमेई ने यह भी कहा कि हम सभी इन अपराधियों (अमेरिका) से बदला अवश्य लेंगे और सुलेमानी के निर्देशों का पालन करते हुए उनके बताए रास्ते पर चलेंगे, ईरानी विदेशमंत्री मोहम्मद जावेद जरीफ ने भी यह कहा सुलेमान तमाम आतंकी संगठनों के खात्मा करने वाले व्यक्ति थे। अमेरिका ने उनको इस तरह से खत्म करके एक नई मुहिम छेड़ दी है, अमेरिका को इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे।

खुद ईरानी प्रधानमंत्री हसन रूहानी ने ट्वीट करके कहा कि "देश की क्षेत्रीय अखंडता और क्षेत्र में आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई में जनरल सोलीमनी का झंडा बुलंद किया जाएगा, और अमेरिकी ज्यादतियों के प्रतिरोध का रास्ता जारी रहेगा। महान देश ईरान इस जघन्य अपराध का बदला लेगा।

भारत की स्थिति धर्मसंकट वाली है :

इस मामले ने भारत को बेहद बुरी स्थिति में ला दिया है एक ओर जहां भारत इस्लामिक देशो में अपनी पकड़ बेहद मजबूत कर चुका है उसी का नतीजा है कि चाबहार जैसा बेहद महत्वपूर्ण पोर्ट ईरान ने भारत के सुपुर्द किया था, और भारत के जितने मजबूत रिश्ते ईरान के साथ है वैसे ही अमेरिका से कायम रखना चाहता है लेकिन इस स्थिति में भारत को अपनी विदेश नीति की परीक्षा करनी होगी, लेकिन इसके परिणाम क्या होंगे ये तो समय ही बता पायेगा।

बहरहाल आज से ही विश्व के तमाम देशो में इस मामले को लेकर एक बहस सी छिड़ गई है जिसमे विषय को नए आयाम देने की बहस मुद्दा बनी हुई है कि आखिर कैसे कोई देश किसी देश के इतने बड़े अधिकारी की हत्या कर सकता है, इस लिए हो सकता है कुछ दिनों बयाद विश्व की राजनीति में भयानक परिवर्तन देखने को मिले।

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उदय बुलेटिन
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