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सचिन पायलट और अशोक गहलोत  
सचिन पायलट और अशोक गहलोत  |Google
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राजस्थान: गहलोत, पायलट का रिपोर्ट कार्ड, राहुल तय करेंगे मुख्यमंत्री, पर कौन है असल दावेदार ?

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट गुरुवार को पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने के लिए नई दिल्ली पहुंचे हैं, जो नए मुख्यमंत्री का नाम तय करेंगे।

AKANKSHA MISHRA

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राजस्थान: राजस्थान में विधानसभा चुनाव का परिणाम 11 दिसंबर को आ चुका है , कांग्रेस राज्य में 99 सीट के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, सरकार बनाने की तैयारी चल रही है, लेकिन राजस्थान में मुख्यमंत्री कौन होगा इसका फैसला अभी तक नहीं हुआ है। राज्य के नवनिर्वाचित विधायकों ने मुख्यमंत्री कौन होगा, इस बात पर चर्चा करने के लिए बैठक किया लेकिन नतीजा नहीं निकल सका, जिसके बाद सर्वसहमति से यह निर्णय लिया गया की पार्टी के आलाकमान तय करें की राजस्थान का मुख्यमंत्री कौन हो।

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट आज गुरुवार को पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने के लिए नई दिल्ली पहुंचे हैं, जो नए मुख्यमंत्री का नाम तय करेंगे। कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि गहलोत और पायलट, दोनों ही पद के मजबूत दावेदार हैं लेकिन राहुल अंतिम रूप से राजस्थान का मुख्यमंत्री तय करेंगे। हालांकि पार्टी नेताओं द्वारा अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। अशोक गहलोत राजस्थान में दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। वह जनता की नब्ज जानते हैं और राजस्थान की जनता के दिलों को समझने का अनुभव रखते हैं।

वहीं मनमोहन सिंह के कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री रह चुके सचिन पायलट भी रेस में पीछे नहीं हैं, सचिन, राहुल गांधी के विश्वनीय हैं और केंद्र सरकार में संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रहे चुके हैं और प्रदेश के युवा नेता है। राहुल गांधी हमेसा युवाओं को जोड़ने की बात करते हैं इसलिए सचिन पायलट मुख्यमंत्री पद की रेस में आगे चल रहे है। हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने पार्टी विधायकों, कार्यकर्ताओं और नेताओं से रायशुमारी के बाद मुख्यमंत्री का नाम घोषित करने की बात कही है। राजस्थान में मुख्यमंत्री पद के दोनों दावेदारों के बारे में आइए जानते हैं कौन पढ़ाई-लिखाई से लेकर धन-दौलत और राजनीतिक दांव-पेंच में आगे है।

अशोक गहलोत के बारे में जानिए

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत परिचय के मोहताज नहीं हैं। अशोक गहलोत का जन्‍म 3 मई 1951 को जोधपुर राजस्‍थान में हुआ। गहलोत के पिता का नाम स्‍व॰ श्री लक्ष्‍मण सिंह गहलोत था। इन्होने विज्ञान और विधि में स्‍नातक डिग्री प्राप्‍त की तथा अर्थशास्‍त्र विषय लेकर स्‍नातकोत्‍तर डिग्री प्राप्‍त की। गहलोत का विवाह 27 नवम्‍बर, 1977 को श्रीमती सुनीता गहलोत के साथ हुआ। गहलोत के एक पुत्र वैभव गहलोत और एक पुत्री सोनिया गहलोत हैं। श्री गहलोत को जादू तथा घूमना-फिरना पसन्‍द हैं। विद्यार्थी जीवन से ही राजनीति और समाजसेवा में सक्रिय रहे गहलोत 7वीं लोकसभा (1980-84) के लिए वर्ष 1980 में पहली बार जोधपुर संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित हुए। जिसके बाद 8वीं लोकसभा, 10वीं लोकसभा, 11वीं लोकसभा, 12वीं लोकसभा 13वीं लोकसभा और 14वीं लोकसभा में राजस्थान कांग्रेस का प्रतिनिधित्‍व किया।

अशोक गहलोत 1 दिसम्बर 1998 – 8 दिसम्बर 2003 और 13 दिसम्बर 2008 – 12 दिसम्बर 2013 तक राजस्थान के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में अशोक गहलोत पर्यटन और नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री (2 सितम्बर 1982 – 7 फ़रवरी 1984) रह चुके हैं। साथ ही राजीव गांधी के कार्यकाल में (31 दिसम्बर 1984 – 26 सितम्बर 1984) अशोक गहलोत पर्यटन और नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री व खेल उप केन्द्रिय मंत्री का कार्यभार संभल चुके हैं। अशोक गहलोत केंद्र सरकार में केन्द्रीय राज्य मंत्री (कपड़ा) स्वतंत्र प्रभार (21 जून 1991 – 18 जनवरी 1993) पद भी संभल चुके हैं।

सचिन पायलट के बारे में जानिए

रजस्थान में चुनाव के दौरान से ही सचिन पायलट को कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री का दावेदार माना जाता रहा है, राजस्थान में कांग्रेस को एक जुट करना और बड़ी जीत दिलाने में सचिन पायलट का योगदान रहा है। सचिन पायलट के नेतृत्व और अशोक गहलोत के अनुभव से कांग्रेस रजस्थान के बीजेपी किले को भेद पाने में सफल हुए है। सचिन पायलट का जन्म 7 सितम्बर 1977 को सहारनपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ। सचिन पायलट गुज्जर समुदाय से हैं। उनके पिता स्वर्गीय राजेश पायलट थे, जो कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में से एक थे। पायलट की प्रारंभिक शिक्षा नयी दिल्ली के एयर फोर्स बाल भारती स्कूल में हुई। उन्होंने अपने स्नातक की डिग्री दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफेंस महाविद्यालय से हासिल की। इसके बाद पायलट ने अमरीका स्थित पेंसिलवानिया विश्वविद्यालय के व्हॉर्टन स्कूल से एमबीए की डिग्री भी हासिल की।

विदेश में रहने के बाद सचिन 2001 में भारत लौटे और 10 फरवरी 2002 को सचिन कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए। इस अवसर पर एक बडे़ किसान सभा का आयोजन भी किया गया। १३ मई २००४ को पायलट चौदहवीं लोकसभा के लिए दौसा सीट से चुने गये जिसमें उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी को १.२ लाख मतों से हराया। 26 साल की उम्र में वे भारतीय सांसद बनने वाले सबसे युवा व्यक्ति थे। पायलट केंद्र सरकार के गृह विभाग के स्टैंडिंग कमिटी के सदस्य एवं नागरिक उड़्डयन मंत्रालय के सलाहकार समिति के सदस्य भी रह चुके हैं।