Coronavirus in india
Coronavirus in india|Uday Bulletin
टॉप न्यूज़

Coronavirus: क्या होगा अगर कोरोना वायरस चीन की तरह भारत में फैला ? 

कोरोनावायरस पॉजिटिव पाए गए मरीजों के संपर्क में आए लोगों की पहचान की जानी चाहिए और उनकों अलग में रखा जाना चाहिए। वायरस को फैलने से रोकने के लिए यही सिर्फ एक विकल्प है।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

Summary

यह कहना गलत नहीं होगा कि इस तरह के वायरस के लिए चीन और भारत जैसे देश संरक्षित अभ्यारण्य की तरह होंगे।कहने का मतलब वायरस की दावत के जैसे हालात होंगे उसके ऊपर लचर सरकारी चिकित्सा व्यवस्था उसके लिए पोषक तत्व की तरह काम करेंगी। और निजी चिकित्सा संस्थान लोगों को जोंक की तरह चूस लेंगे।

आज कोरोना वायरस वैश्विक समस्या की तरह उबर रहा है। जिस भी देश मे इसका आगाज होता है तवाही के मंजर खड़े हो जाते है। मुर्दाघरों में लाशों का जमघट लग जाता है। इतने कम समय में ही करीब तीन हजार से ज्यादा लोग इस वायरस के कारण मौत का शिकार हो चुके हैं। और अब इसके फुटप्रिंट भारत के शहरों में भी नजर आने लगे है फिर चाहे वह दिल्ली हो या आगरा या फिर लखनऊ।लोगों के मन मे इसके लिए ख़ौफ़ का माहौल है।

मामला बहुत खतरनाक है:

यहाँ भारत जापानी बुखार और डेंग्यू जैसी बीमारी के आगे घुटने टेक देता है। और कोरोना तो ऐसी बीमारी है जिसके हिसाब से न तो चिकित्सा जगत में कोई टीका ईजाद हुआ है और न ही रोकथाम की कोई दवा-गोली। और उसपर कोढ़ के ऊपर खाज का काम कर रही है अफवाहें, जिसकी वजह से आसान से सर्दी जुखाम वाले व्यक्ति भी कोरोना वायरस के बारे में सोच-सोच घबराते हुए नजर आ रहे है, सरकार द्वारा प्रसारित जागरूकता और सूचनाएं आम जनता तक उस हिसाब से पहुँच भी नही पा रही जिसकी वजह से ख़ौफ़ का माहौल बनता जा रहा है।

आखिर कैसे फैलती है बीमारी ?

इस बीमारी का मुख्य स्रोत है शारीरिक संपर्क ( हाँथ मिलाना, गले मिलना जैसे क्रियाकलाप) बिना मुँह ढके छींकने, खांसने, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में ज्यादा समय तक शारीरिक संपर्क में रहने पर इससे संक्रमित होने के चांस बढ़ जाते है। जहाँ तक इस बीमारी के बारे में जानकारी है इस बीमारी को चीन के वुहान से फैलने की जानकारी मिलती है लेकिन इस बीमारी का अभ्युदय कहाँ से और कैसे हुआ इसके बारे में तमामं भ्रांतियां फैली हुई है। जिसमे सी फ़ूड मार्केट, और लैब से वायरस भूलवश फैलने को सबसे ज्यादा विश्वसनीय माना जा रहा है। लेकिन असल समस्या यह नहीं है कि वायरस कैसे फैला असल मुद्दा यह है कि इससे बचा कैसे जाए।

बचाव और उपचार :

उपचार के तौर पर अभी कोई ऐसी दवा नहीं बनी जो कोरोना वायरस संक्रमण से लड़ने में कारगर हो लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कुछ मापदंड स्थापित किये है जिनकी मदद से इस बीमारी से लड़ा जा सकता है।

व्यक्तिगत स्वच्छता :

ये कोरोना वायरस से बचाव का सबसे ताकतवर हथियार है, आप अपने हांथो को किसी अच्छे साबुन/सेनेटाइजर से बार-बार धोते रहे। बेहतर यह रहेगा कि आप एल्कोहल आधारित सेनेटाइजर का प्रयोग करें।

खांसते या छींकते वक्त रुमाल या टिश्यू पेपर का उपयोग करे और प्रयोग किये गए रूमाल को अच्छे जीवाणु रोधी द्रव से धोएं, और टिश्यू का सही तरीके से निस्तारण करे।

अगर टिश्यू और रूमाल दोनों उपलब्ध न हो तो खांसते और छींकते वक्त अपनी कोहनी का इस्तेमाल करे ताकि वायरस से दूसरों को संक्रमित होने से बचाया जा सके।

नाक, आंख और मुँह को बार-बार छूने से बिल्कुल बचें, चिकित्सा जगत के अनुसार यह वायरस आंख, नाक और मुँह के जरिये ही हमला करता है।                                                                                                              जो संक्रमण से ग्रस्त है उनसे कम से कम 2 मीटर की दूरी बनाये रखें और संक्रमित लोगों के समीप न जाएँ।जंगली जानवरों से ज्यादा संपर्क न रखें।                                                                                                          हो सके तो मांस और अंडों से परहेज करें और अगर जरूरत से ज्यादा आवश्यक हो तो अच्छी तरह से पकाकर खाएं।

कोरोना का इंसानों पर असर :

कोरोना वायरस का असर ऐसा है कि आप साधारण सर्दी जुखाम और कोरोना में अंतर स्थापित ही नहीं कर सकते लेकिन फिर भी कुछ लक्षण है जिनके अनुसार आप जान सकते है कि आप को यह बीमारी की संभावना है अथवा नहीं।

लक्षण :

  1. बीते 10 दिनों में करीब 104 डिग्री का तेज बुखार आया हुआ हो।
  2. सूखी खांसी आनी शुरू हुई हो।
  3. मांसपेशियों में जकड़न और दर्द।
  4. सिर में तेज दर्द, थकान।

हालांकि ये लक्षण आम बुखार सर्दी में भी हो सकते है लेकिन अगर लक्षणों की समानता ज्यादा पायी जाए तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करे।

भारत और उपचार :

वैसे तो केंद्र और प्रदेश सरकार कोरोना से लड़ने के लिए तमामं उपाय कर रही है जिसमें दवाओं की आपूर्ति, आइसोलेशन वार्ड, मास्क इत्यादि बेहद छोटे अस्पताल लेवल पर मुहैया कराए जा रहे हैं। लेकिन असल चिंता यह है कि जब सरकारी अस्पताल डेंगू जैसे बुखार के आगे लंबे हो जाते है वह अस्पताल कोरोना के लिए कैसे तैयार होंगे? अगर उत्तर प्रदेश के हालातों पर नजर डाली जाए तो माहौल बड़ा खतरनाक साबित होगा। लचर तंत्र व्यवस्था और मरीज की आर्थिक और पावर देखकर इलाज करने वाली व्यवस्था गरीबों को कैसे सहूलियत दे पाएगी, ओर निजी चिकित्सा संस्थान इस बीमारी को लेकर हौवा खड़े करने में मस्त है आम फ्लू को भी कोरोना बताकर पैसे ऐंठने की जुगाड़ में है।

शादी-ब्याह और त्योहार पर कोरोना:

दरअसल यह ऐसा वायरस है जो लोगों के संपर्क में आने से फैलता है इसलिए यह वायरस भारत के लिए बहुत बड़ा सिरदर्द बन सकता है इस समय जब भारत के एक बहुत बड़े हिस्से में होली का त्योहार और शादी ब्याह का माहौल होने की वजह से अपने पांव पसार सकता है उस वक्त में बेहद सजग रहने की जरूरत है।

खतरा और इलाज :

खतरे की बात कहें तो चीन इसे पहले ही महामारी घोषित कर चुका है। विश्व की अनेक स्वास्थ्य एजेंसियों ने इसके बारे में बहुत सी जानकारी जुटाई है।लोगों के अनुसार यह वायरस सबसे ज्यादा उन लोगों पर असर करता है जिनकी उम्र बहुत ज्यादा है अथवा वे पहले से ही बीमार हो, कहने का मतलब प्रतिरक्षा तंत्र (Immune system) का कमजोर होना। ब्रिटेन की स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसारर इस बीमारी से मौत का प्रतिशत 1 से लेकर 2 ही है।मौत का प्रतिशत भले ही कम हो पर मौत तो हो रही है न। इसलिए बचाव ही उपचार मान कर चला जाना चाहिए। हालाँकि कोरोना के टीके के ऊपर कार्य शुरू हो चुका है और साल के अंत तक इसके टेस्ट होने भी शुरू हो जाएंगे। लेकिन तब तक बचाव करना ही मुफीद रहेगा, यहाँ आपको बताते चले कि भारत मे अब मौसम गर्मियों वाला शुरू होने वाला है इस लिए अधिकतर भारत के भूभाग में तेज गर्मी पड़ेगी जिसकी वजह से इस वायरस का प्रकोप कम होगा।

डिस्क्लेमर : ऊपर लिखे गए लेख में लक्षण और बचाव विश्व स्वास्थ्य संगठन की वेबसाइट के आधार पर दिए गए है शंका होने या हाल में ही विदेश यात्रा से लौटे है या फिर किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में रहे है तो जल्द से जल्द चिकित्सक को दिखाए।

उदय बुलेटिन के साथ फेसबुक और ट्विटर जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com