Bangalore riots
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क्या बेंगलुरु हिंसा करने वाला समुदाय सच में भारत में रहने से डरता है?

भारत में समुदाय विशेष खुद को खतरे बताता रहता, उन्हें गाय और राम के नाम से डर लगता है लेकिन जमीनी हकीकत न सिर्फ इससे अलग है बल्कि बेहद डरावनी है। लेकिन लोग इसे स्वीकारने से डर रहे है

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

एक पोस्ट से शुरू हुआ बवाल:

इस बवाल की शुरुआत स्थानीय कांग्रेस विधायक श्री निवास मूर्ति के भतीजे नवीन द्वारा सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली गई जिसके बाद मामले को आग की तरह फैलाया गया। उन्मादी और समुदाय विशेष के शरारती तत्वों द्वारा इसके खिलाफ एक सोची समझी साजिश के तहत एक सुनियोजित दंगा किया गया और हजारों उन्मादियों की भीड़ बैंगलोर जैसे संपन्न शहर को कोरोना काल मे भी तहस नहस करने की कोशिश की गई और काफी हद तक उन्मादी-जेहादी इसमें सफल भी हुए। भीड़ द्वारा कई जगहों पर आगजनी की गई साथ ही इस दंगे में पुलिस फायरिंग द्वारा दो उपद्रवियों के मारे जाने की भी खबर है।

मामले की जांच के लिए दलित कांग्रेसी विधायक के भतीजे नवीन को पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया है। हालांकि नवीन का यह कहना है कि उसके द्वारा ऐसी कोई पोस्ट की ही नहीं गयी है बल्कि यह सब फेसबुक अकाउंट के हैक होने के बाद किया गया है।

हालांकि स्थानीय पुलिस ने जांच के दौरान यह पाया है कि इसमें कुछ समुदाय विशेष के संगठनों का हाँथ है जिसके लिए अब तक 100 से ऊपर गिरफ्तारी हो चुकी है। स्थानीय पुलिस लगातार जांच कर रही है, शांति बनाए रखने के लिए दो जगहों पर हल्के कर्फ्यू का प्रयोग किया गया है।

उन्मादी भीड़ ने नारा ए तकबीर, अल्लाहू अकबर के साथ पुलिस स्टेशन समेत कई जगहों पर धावा बोला और खड़ी हुई गाड़ियों और एटीएम को अपना निशाना बनाया।

पुलिस की मौजूदगी में दंगा और आगजनी करते हुए दंगाई।

क्या पुलिस क्या पत्रकार:

भुक्तभोगियों ने बताया कि उन्मादी सामने आने वाली हर चीज को तहस नहस करने पर तुले हुए थे इस हिंसा में उन्हें जो भी चीज और आदमी सामने मिला उसे अपना शिकार बनाया। इस घटना में करीब 300 गाड़िया आग के हवाले की गई साथ ही कई मीडिया कर्मियों के कैमरे तोड़ कर उन्हें बुरे तरीके से मारा पीटा गया। इस घटना में हुई पत्थरबाजी की वजह से करीब 60 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए है।

लोगों के अपने आरोप, राम पर मजाक तो मजाक है लेकिन प्रोफेट मोहम्मद साहब पर मजाक हो तो आगजनी की जाएगी ?

फिल्म पीके में हिंदुओं के आराध्य पर मजाक बनाना क्रिएटीविटी के अंदर आता है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बैंगलोर में कांग्रेस विधायक के मकान और पुलिस थाने पर जो हमला हुआ, उसमें सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के कट्टरपंथी कार्यकर्ता शामिल थे।

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उदय बुलेटिन
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