जानकारी के आभाव में गंगा डॉल्फिन को ग्रामीणों ने मारा, तीन भेजे गए जेल

डॉल्फिन को मारने वालों में शामिल तीन लोगों को नवाबगंज थाने की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और अन्य शामिल लोगों की तलाश जारी है।
जानकारी के आभाव में गंगा डॉल्फिन को ग्रामीणों ने मारा, तीन भेजे गए जेल
जानकारी के आभाव में गंगा डॉल्फिन को ग्रामीणों ने माराGoogle Image

जानकारी का अभाव और हिंसा की त्वरित प्रवत्ति आपको इंसान से कब जानवर बना दे पता ही नही चलता। लेकिन इन घटनाओं के लिए भविष्य में पछताना पड़ सकता है। मामला उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से जुड़ा हुआ है जहाँ पर मछली मार रहे ग्रामीणों द्वारा गांगेय डॉल्फिन को धारदार हथियार से मारा गया।

पांच फुट की डॉल्फिन देखकर ग्रामीण बहके:

मामला उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले अंतर्गत आने वाले नवाबगंज थाना क्षेत्र के कोठारिया गांव से जुड़ा है। इस इलाके से शारदा नहर की सहायक नहर निकलती है जो क्षेत्र में जलापूर्ति करती है। बीते 31 दिसम्बर 2019 को गांव के कुछ लोग सहायक नहर में मछलियों का शिकार कर रहे थे तभी शारदा नहर में भटककर आयी हुई डॉल्फिन को देखकर ग्रामीणों में अचरज हुआ और बिना किसी जांच पड़ताल किये ग्रामीण इस मछली को कोई भयानक खतरनाक जीव समझ कर हमला कर बैठे। हमले में ग्रामीणों ने कुल्हाड़ी, लाठी और अन्य धारदार हथियारों का प्रयोग किया। भला एक डॉल्फिन इंसानों से क्या लोहा लेती और आखिरकार डॉल्फिन ने लोगों की बर्बरता के आगे दम तोड़ दिया।

इस मामले में एक बात ज्यादा महत्वपूर्ण रही कि इस वारदात को कोई अन्य मछुआरा सहयोगी इस दृश्य को अपने मोबाइल में कैद करता रहा और इसे वायरल भी कर दिया। नतीजन सोशल मीडिया में आने के बाद इस घटना को लोगों ने एक बेहद गलत घटना बताया। मामला आगे बढ़ा तो स्थानीय प्रशासन ने कार्यवाही करते हुए इस घटना में शामिल तीन लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है। घटना की गहराई से जांच पड़ताल की जा रही है।

क्या है वीडियो में:

वीडियो की शुरुआत पानी कूटने से शुरू होती है जहां कुछ लोग डॉल्फिन को कोई खतरनाक जीव समझ कर दुश्मन की तरह मार रहे है। इस दौरान कुछ लोगों की आवाज भी सुनाई देती है। जाहिर सी बात है कि बातचीत को सुनकर आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि उक्त मामले में डॉल्फिन को मारने वाले लोग इस बारे में जानकारी ही नही रखते की असल मे जिस जलीय जानवर को मारा जा रहा है वह भारत का संरक्षित जलीय जीव है, इतना तो छोड़िये लोगों को इस बात की पुष्टि भी नही है कि असल मे यह जीव कोई मछली भी है या कोई दैत्य।

क्यों खास है गंगा डॉल्फिन:

वैसे तो इस प्रजाति की मछली को डॉल्फिन ही कहा जाता है लेकिन आम बोलचाल की भाषा मे गंगा किनारे रहने वाले लोग इसे सूँस के नाम से भी बुलाते है। चूंकि यह मछली बेहद मानव के करीबी है, नदी की जलधारा के अनुसार यह मछली अपने देखने की शक्ति को छीण कर चुकी होती है अतः इसे नेत्रहीन मछली माना जाता है, सन 2009 में इसकी कम संख्या को देखते हुए इसे भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव करार दिया गया है।

⚡️ उदय बुलेटिन को गूगल न्यूज़, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें। आपको यह न्यूज़ कैसी लगी कमेंट बॉक्स में अपनी राय दें।

No stories found.
उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com