उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com
विजय माल्या (Vijay Mallya)
विजय माल्या (Vijay Mallya)|Google
टॉप न्यूज़

विजय माल्या घोषित हुआ देश का पहला ‘आर्थिक भगोड़ा’, जानिए क्या है भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून 

देश के पहले आर्थिक भगोड़े घोषित होने के बाद विजय माल्या (Vijay Mallya) की संपत्ति तुरंत प्रभाव से जब्त की जा सकती है .

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

नई दिल्ली: सरकारी और गैर सरकारी बैंकों से करीब 9400 करोड़ रूपये का लोग लेकर फरार शराब कारोबारी विजय माल्या को PMLA कोर्ट ने देश का पहला आर्थिक भगोड़ा घोषित किया गया है। विजय माल्या लंबे समय से भारत से भाग कर लंदन में छुपा बैठा था उसके प्रत्यर्पित की मांग काफी समय से चल रही है। कुछ वक्त पहले ही लंदन की कोर्ट ने माल्या को भारत प्रत्यर्पित करने का फैसला सुनाया था। भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित होना माल्या के लिए एक बड़े झटके की तरह है। माल्या को अब भारत की कानूनी प्रक्रिया से बचना मुश्किल हो जाएगा।

आपको बता दें कि, विजय माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस याचिका पर आज कोर्ट का फैसला आया है। PMLA कोर्ट के फैसले के बाद माल्या नए कानून के तहत देश का पहला आर्थिक भगोड़ा बन गया। बता दें कि कोर्ट ने इस फैसले को 26 दिसंबर 2018 को 5 जनवरी 2019 तक के लिए सुरक्षित रखा था।

विजय माल्या ने PMAL कोर्ट ने दलील थी कि वह भगोड़ा अपराधी नहीं है और न ही मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में शामिल है। इससे पहले विजय माल्या ने दिसंबर महीने में आग्रह किया था कि उसे आर्थिक भगोड़ा अपराधी घोषित करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय के जरिये शुरू की गई कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। कोर्ट ने माल्या की इस अर्जी को खारिज कर दिया था।

क्या है भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानूनी ?

यह कानून उन कारोबारियों के लिए है जो भारत की कानूनी प्रक्रिया से बचने के लिए विदेश में छिपकर बैठे होते है। इस कानून की मदद से भगोड़े आर्थिक अपराधियों पर लगाम लगाया जा सकता है। इस कानून के तहत सरकार के पास उनकी संपत्ति जब्त करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई के अधिकार होते हैं। इस कानून में यह प्रावधान दिया गया है कि आर्थिक अपराध करने वाले भगोड़ों की देश के भीतर और बाहर सभी बेनामी संपत्तियां जब्त की जाएंगी। यह विधेयक भगोड़े आर्थिक अपराधियों को भारतीय न्यायालयों की अधिकार क्षेत्र से बाहर रहते हुए भारत की कानूनी प्रक्रिया से बचने से रोकेगा।