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15th Pravasi Bharatiya Divas: प्रधानमंत्री मोदी ने किया उद्घाटन, कहा- आज हम दुनिया का सबसे बड़ा Start up Ecosystem 

15वें प्रवासी दिवस कार्यक्रम 21 से 23 जनवरी को आयोजित किया जा रहा है, ताकि इस कार्यक्रम में पहुंचे लोग इलाहाबाद के कुंभ मेले में जा पाएं और गणतंत्र दिवस परेड भी देख सकें। 

AKANKSHA MISHRA

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वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तर प्रदेश के वाराणसी में 15वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मलेन को संबोधित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने सम्मलेन में आये सभी लोगों का स्वागत किया है और कहा कि, आप सभी लोग, यहां अपनी, अपने पूर्वजों की मिट्टी की महक से खिंचे चले आए हैं। कल जिन्हें प्रवासी भारतीय सम्मान मिलने वाला है, उन्हें मैं अपनी ओर से अग्रिम शुभकामनाएं देता हूं।

प्रधानमंत्री ने समारोह में आये लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि, आज का दिन मेरे लिए भी विशेष है। मैं यहां आपके सामने प्रधानमंत्री के साथ-साथ काशी का सांसद होने के नाते, एक मेज़बान के रूप में भी उपस्थित हुआ हूं। बाबा विश्वनाथ और मां गंगा का आशीर्वाद आप सभी पर बना रहे, मेरी यही कामना है।

प्रधानमंत्री मोदी ने लिंगायत संत श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामी जी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि, आज आपसे अपनी बात शुरू करने से पहले, मैं डॉक्टर श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामी जी के निधन पर अपना शोक व्यक्त करना चाहता हूं। टुमकूर के श्री सिद्धगंगा मठ में, मुझे कई बार उनसे आशीर्वाद लेने का अवसर मिला था। जब भी उनसे मिलता था, वो बेटे की तरह अपना स्नेह मुझ पर दिखाते थे। ऐसे महान संत, महाऋषि का जाना, हम सभी के लिए बहुत दुखद है। मानव कल्याण के लिए उनके योगदान को देश हमेशा याद रखेगा।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा शुरू किये गए इस अभियान पर प्रधानमंत्री मोदी ने इस मंच पर अटल जी को श्रद्धा सुमन अर्पित किया और उनकी इस विराट सोच को नमन किया। प्रधानमंत्री ने सम्मलेन को संबोधित करते हुए कहा कि, आप अभी जिस देश में रह रहे हैं, वहां के समाज को भी आपने अपनापन दिया है, वहां की संस्कृति और अर्थव्यवस्था को समृद्ध किया है। आपने वसुधैव कुटुंबकम के भारतीय दर्शन का, हमारे पारिवारिक मूल्यों का विस्तार किया है। आप सभी जिस देश में बसे हैं, वहां समाज के लगभग हर क्षेत्र में लीडरशिप के रोल में दिखते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा 'आप सभी के सहयोग से बीते साढ़े 4 वर्षों में भारत ने दुनिया में अपना स्वभाविक स्थान पाने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया है। पहले लोग कहते थे कि भारत बदल नहीं सकता। हमने इस सोच को ही बदल दिया है। हमने बदलाव करके दिखाया है। दुनिया आज हमारी बात को, हमारे सुझावों को पूरी गंभीरता के साथ सुन भी रही है और समझ भी रही है। पर्यावरण की सुरक्षा और विश्व की प्रगति में भारत के योगदान को दुनिया स्वीकार कर रही है। आज भारत अनेक मामलों में दुनिया की अगुवाई करने की स्थिति में है। इंटरनेश्नल सोलर अलायंस यानि आइसा ऐसा ही एक मंच है। इसके माध्यम से हम दुनिया को One World, One Sun, One Grid की तरफ ले जाना चाहते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, आज भारत दुनिया की तेज़ी से बढ़ती इकोनॉमिक ताकत हैं तो स्पोर्ट्स में भी हम बड़ी शक्ति बनने की तरफ निकल पड़े हैं। आज इंफ्रास्ट्रक्चर के बड़े और आधुनिक संसाधन बन रहे हैं तो स्पेस के क्षेत्र में भी रिकॉर्ड बना रहे हैं। आज हम दुनिया का सबसे बड़ा Start up Ecosystem बनने की तरफ बढ़ रहे हैं तो दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थकेयर स्कीम आयुष्मान भारत भी चला रहे हैं। आज हमारा युवा मेक इन इंडिया के तहत रिकॉर्ड स्तर पर मोबाइल फोन, कार, बस, ट्रक, ट्रेन बना रहा है, तो वहीं खेत में रिकॉर्ड अन्न उत्पादन भी हो रहा है।

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि, आप में से अनेक लोगों ने हमारे देश के एक पूर्व प्रधानमंत्री की भ्रष्टाचार को लेकर कही एक बात जरूर सुनी होगी। उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार दिल्ली से जो पैसा भेजती है, उसका सिर्फ 15 प्रतिशत ही लोगों तक पहुंच पाता है। इतने वर्ष तक देश पर जिस पार्टी ने शासन किया, उसने देश को जो व्यवस्था दी थी, उस सच्चाई को उन्होंने स्वीकारा था। लेकिन अफसोस ये रहा कि बाद के अपने 10-15 साल के शासन में भी इस लूट को, इस लीकेज को बंद करने का प्रयास नहीं किया गया। देश का मध्यम वर्ग ईमानदारी से टैक्स देता रहा, और जो पार्टी इतने सालों तक सत्ता में रही, वो इस 85 प्रतिशत की लूट को देखकर भी अनदेखा करती रही।

प्रधानमंत्री ने कहा, हमने टेक्नोल़ॉजी का इस्तेमाल करके इस 85 प्रतिशत की लूट को 100 प्रतिशत खत्म कर दिया है। बीते साढ़े चार वर्षों में 5 लाख 78 हजार करोड़ रुपए यानि करीब-करीब 80 बिलियन डॉलर हमारी सरकार ने अलग-अलग योजनाओं के तहत सीधे लोगों को दिए हैं, उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किए हैं। किसी को घर के लिए, किसी को पढ़ाई के लिए, किसी को स्कॉलरशिप के लिए, किसी को गैस सिलेंडर के लिए, किसी को अनाज के लिए, ये राशि दी गई है

आपको बता दें कि, ऐसा पहली बार होगा, जब यह तीन दिवसीय कार्यक्रम नौ जनवरी के बजाय 21 से 23 जनवरी को आयोजित किया जा रहा है, ताकि इस कार्यक्रम में पहुंचे लोग इलाहाबाद के कुंभ मेले में जा पाएं और गणतंत्र दिवस परेड भी देख सकें। प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बयान के अनुसार इस साल के प्रवासी भारतीय दिवस का विषय ‘नये भारत के निर्माण में प्रवासी भारतीयों की भूमिका' है। मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे, जबकि नार्वे के सांसद हिमांशु गुलाटी विशिष्ट अतिथि होंगे। न्यूजीलैंड के सांसद कंवलजीत सिंह बख्शी ‘विशिष्ट अतिथि' होंगे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 23 जनवरी को समापन कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।