अमेरिका का बड़ा कदम, चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के लोगों को नहीं देगा वीजा

चीन के साथ दो-दो हाँथ करने के मूड में अमेरिका
अमेरिका का बड़ा कदम, चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के लोगों को नहीं देगा वीजा
US ban visa for chinese communist party leadersGoogle Image

जहाँ एक ओर चीन दुनिया मे अपने कदम पसार रहा है वही दुनिया अब चीन के खिलाफ अपने कदम कड़े कदम उठाती हुई नजर आ रही है। अमेरिका ने चीन के खिलाफ बंदिश लगाते हुए अब चीन के कम्युनिस्ट पार्टी नेताओं को वीजा देने से मना कर दिया है।

हांगकांग के मुद्दे पर उठाया कदम:

विश्व के सबसे समृद्ध राष्ट्र अमेरिका ने चीन की सत्ता सीन पार्टी सीसीपी (कम्युनिस्ट पार्टी) के पदाधिकारियों को वीजा देने में बंदिश लगा दी है। अमेरिकी सरकार का यह आदेश हांगकांग पर कम्युनिस्ट पार्टी के रवैये को लेकर जारी किया गया है जिसके तहत हांगकांग की स्वायत्तता मौलिक स्वतंत्रता और मानवाधिकार उल्लंघन के मद्देनजर कदम उठाए गए हैं। अमेरिकी सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि यह प्रतिबंध केवल सत्ता रूढ़ पार्टी के नेताओं तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह दायरा पार्टी पदाधिकारियों के समेत उनके परिवारीजन तक बढ़ सकता है।

क्या है कार्यवाही का आधार?

दरअसल ट्रंप की नीति हांगकांग को स्वतंत्र राष्ट्र की तरह देखने को लेकर है। अमेरिकी सरकार द्वारा पार्टी को लेकर पहले ही वायदे किये थे जिसमें यह कहा गया था कि अगर वर्तमान सरकार हांगकांग के ऊपर अत्याचारों को खत्म नहीं करती तो अमेरिका द्वारा उन्हें (सी सी पी) को दंडित किया जाएगा अब जहां एक ओर चीन हांगकांग में अपने जुल्मों सितम को बढ़ा रहा है वहीँ इसके साथ ही चीन दुनिया के अलग-अलग देशों में अपना अवैध कब्जा बढ़ाने की जुगत में लगा हुआ है।

चीन ने तोड़े कई वायदे:

अमेरिका के अनुसार चीन लंबे वक्त से निजी स्वार्थ और लाभ के लिए वायदे तोड़ते हुए बढ़ता जा रहा है अमेरिकी मंत्री पोंपियो ने चीन के रवैये को दर्शाते हुए बताया कि चीन ने दुनिया के साथ चलने के लिए किए गए वायदों में से (विश्व स्वास्थ्य संगठन), विश्व व्यापार संगठन, यूनाइटेड नेशंस, और हांगकांग के लोगों के साथ किये गए सामूहिक वायदों को तोड़ा है जो हर स्थिति में विश्व के लिहाज से ठीक नहीं है।

अब बहुत हुआ:

अमेरिकी मंत्री पोंपियो ने विश्व के मांग की है कि वह चीन की नीति के खिलाफ एकजुट होना स्वीकार करें। चूंकि चीन एक सोची समझी रणनीति के तहत विश्व की लगभग हर जगह पर अपने विचार और अपना आधिपत्य थोपना चाहता है वह चाहे फिर भारत के साथ लेह लद्दाख का मामला हो या व्यापारिक क्षेत्र में समुद्री क्षेत्र। चीन के इन्ही रवैयों को लेकर लोगों के मानवाधिकार को नजर में रखते हुए विश्व को लामबंद होना पड़ेगा।

⚡️ उदय बुलेटिन को गूगल न्यूज़, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें। आपको यह न्यूज़ कैसी लगी कमेंट बॉक्स में अपनी राय दें।

No stories found.
उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com