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योगी के सिपहसालारों की मनमानी, जिले की एकमात्र महिला पत्रकार के साथ की बदसुलूकी ! 

सरकारें जनता के प्रति जवाबदेह होनी चाहिए लेकिन उत्तरप्रदेश में ऐसा नही है !

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

Summary

वर्तमान में भाजपा शासित योगी सरकार अपने तुगलकी फरमानों के लिये न सिर्फ कुख्यात है बल्कि मौके-बेमौके पत्रकारों से बदसलूकी करने पर आमादा है। मामला उत्तर प्रदेश के बाँदा से जुड़ा हुआ है जहां बीते दिन उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ का दौरा हुआ जहाँ योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय स्तर पर चल रही सरकारी योजनाओं के बारे में जानने के लिए सरकारी दौरा किया लेकिन दौरे के बीच योगी आदित्यनाथ स्थानीय नेताओं समेत पत्रकारों से मिलने में संकोच करते नजर आए वहीँ मुख्यमंत्री के इस इशारे का स्थानीय प्रशासन ने भरपूर गलत फायदा उठाया।

सरकारी योजनाओं की पड़ताल तो की लेकिन सवालों से बचे :

कहने को योगी आदित्यनाथ बाँदा में चल रही गौशालाओं का निरीक्षण करने में व्यस्त रहे लेकिन किसी अंधेर नगरी की तरह असल जानकारी मुख्यमंत्री के पास न पहुँच पाए इस लिए अधिकारियों ने किसी चक्रव्यूह की तरह जाल बिछाया इस जाल की वजह से न तो मुख्यमंत्री आम जनता से रूबरू हो पाए न ही पत्रकारों को उनसे मुखातिब होने का मौका मिला।

महिला पत्रकार से हुई बदसुलूकी :

आम जन से जुड़ी हुई पत्रकारिता करने के लिए प्रशिद्ध कविता बुंदेखण्डी ने जब गौशाला में निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री से अपने सवाल रखने की कोशिश की तो स्थानीय पुलिस ने न सिर्फ उन्हें अंदर जाने से रोका बल्कि धक्का मुक्की जैसे बल का भी प्रयोग किया। मामले को देखकर ऐसा लग रहा था कि मानो खुद मुख्यमंत्री ने उन्हें यह आदेश दिए हो कि उन्हें किसी से नही मिलना और इसी का फायदा उठाकर महिला पुलिस कर्मियों समेत अन्य पुलिस अधिकारी महिला पत्रकार के साथ बदतमीजी करते नजर आए।

शायद सवालों से ख़ौफ़ खा चुके थे मुख्यमंत्री :

चूँकि पत्रकार कविता बुंदेखण्डी जमीन से जुड़े हुए मुद्दों पर सवाल उठाने के लिए जानी जाती है और यही कारण था की प्रशासन इस बारे में आश्वस्त था कि उक्त पत्रकार योगी आदित्यनाथ से उन्नाव मामले पर मुख्यमंत्री को असहज कर सकती है और जिन योजनाओं का निरीक्षण करने के लिए मुख्यमंत्री बाँदा आये हुए है उनका असली दर्शन मुख्यमंत्री को कराया जा सकता है। शायद यही वजह रही होगी कि प्रशासनिक अमले ने बल प्रयोग करके मुख्यमंत्री से मिलने मात्र से रोक दिया।

जिले में अन्ना जानवर और अवैध खनन का मुद्दा भी बड़ा है :

एक ओर जहां योगी आदित्यनाथ जिन गौशालाओं का निरीक्षण करने आये हुए थे उनका जनता से क्या सरोकार है यह तो स्थानीय अधिकारी जानते है या जनता। गौशालाओं के नाम पर सरकारी धन से पेट भरने की कोशिश न सिर्फ जारी है बल्कि उसका गलत उपयोग किया जा रहा है साथ ही जिले में अवैध खनन को लेकर बड़ी विसंगतियां मौजूद है।

पत्रकारों के एक समूह विशेष को दी गयी वरीयता :

यहाँ ओर एक बात गौर करने योग्य है कि सरकार की चाटूकारिता करने वाले पत्रकारों को इस दौरे पर बड़ी सहूलियत उपलब्ध कराई गई वहीँ कोई अन्य व्यक्ति मुख्यमंत्री से सवाल न पूंछ बैठे इसको लेकर बड़ी सतर्कता बरती गई।

  • उदय बुलेटिन महिला पत्रकार के साथ हुए दुर्व्यवहार के लिए प्रशासन की निंदा करता है।