SDM ने आम लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, मास्क लगाए होने के बाबजूद किया लाठी चार्ज

इसे योगी के अधिकारियों की निरंकुशता ही कहा जायेगा, क्योंकि सरकार के निर्देशों को मानने के बाद भी अगर जनसेवा के लिए नियुक्त अधिकारी लोगों के सिर फोड़े तो चिंता होना लाज़िमी है।
SDM ने आम लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, मास्क लगाए होने के बाबजूद किया लाठी चार्ज
UP Ballia SDM Viral VideoGoogle Image

ज्ञात हो कि बलिया जिले की बिल्थरा रोड तहसील के पास गुरुवार को एसडीएम अशोक चौधरी ने सोशल डिस्टेसिंग व मास्क का प्रयोग नहीं करने वालों के खिलाफ अभियान शुरू किया। पुलिस के साथ पहुंचे एसडीएम ने एकाएक लोगों को घेर पर पीटना शुरू कर दिया।

इसके बाद भगदड़ मच गयी। लोग इधर-उधर भागने लगे। पुलिस व होमगार्ड के जवानों के साथ तहसील परिसर में लोगों की पिटाई करने के बाद वह बाजार की ओर चल पड़े। सड़क से गुजरते समय बाइक सवार लोगों पर लाठी बरसाई।

इसके बाद वह चौकिया मोड़ पर पहुंचे जहां अपनी किराने की दुकान पर मौजूद रजत चौरसिया को दुकान से बाहर खींचकर पिटाई करने लगे। एसडीएम की पिटाई से उसका एक हाथ फट गया और खून बहने लगा। भाई को बचाने व एसडीएम के सामने अपना पक्ष रखने पहुंचे आशुतोष चौरसिया को भी उपजिलाधिकारी ने लाठियों से पीटा और जवानों के साथ उभांव थाना भेज दिया।

एक दुकानदार ने मास्क लगा रखा था, जबकि दूसरे ने अपने मुंह पर रुमाल बांध रखा था। यही नहीं, वायरल वीडियो में एक युवक मास्क लगाए खड़ा है। उसे भी एसडीएम दौड़ाकर लाठियों से पीटते दिख रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सोशल डिस्टेसिंग का पालन नहीं करने व मास्क नहीं लगाने पर जुर्माना व महामारी अधिनियम के तहत कार्रवाई करने का प्रविधान है। ऐसे में एसडीएम द्वारा लोगों को लाठियों से पीटना पूरी तरह से गलत है।

तहसील परिसर में भी टूटा कहर:

एसडीएम साहब ने अपनी ताकत का नमूना सिर्फ सड़कों पर ही नहीं दिखाया बल्कि तहसील परिसर में भी एसडीएम साहब किसी जनरल डायर की तरह मास्क लगाए और अपने काम मे व्यस्त लोगों पर डंडा लेकर टूट पड़े और लोगों को भेड़ बकरियों की तरह कूटा। लोग एसड़ीएम साहब से किसी दुर्दांत अपराधी की तरह बचकर भागते हुए नजर आए।

पुलिस अधिकारी के सामने हुई घटना:

दरअसल पहले वीडियो में ही साफ साफ नजर आ रहा है कि जब बलिया एसडीएम द्वारा बिना अपराध लोगों पर जी भर के लाठियां भांजी गयी और इस मामले में एसडीएम की सुरक्षा में तैनात होमगार्डों ने भी बहती गंगा में हाँथ धोए उसी वक्त उनके साथ मे एक बड़े पुलिस अधिकारी भी खड़े थे लेकिन इसे अधिकारी होने की पावर ही कहा जाए कि पुलिस अधिकारी के होने के बावजूद भी एसडीएम साहब के इस कुकृत्य को न तो रोका गया न ही उनके खिलाफ कोई मुकदमा लिखाया गया। इस मामले में बलिया पुलिस ने बड़े सधे हुए स्वर में अपनी सफाई पेश की है।

व्यापारियों ने जताई नाराजगी:

तहसील परिसर, सड़क पर तथा बाजार में एसडीएम बिल्थरा रोड अशोक चौधरी द्वारा लोगों को लाठियों से पिटाई को लेकर व्यापारियों में नाराजगी है। मामले को बढ़ने की सम्भावना है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वयरल होते ही उपजिलाधिकारी की यह कार्यशैली कटघरें में खड़ी हो गयी।

योगी ने चलाया चाबुक, लेकिन इतना काफी नहीं:

मामले का वीडियो वायरल होने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ऑफिस से एक ट्वीट किया गया की अशोक चौधरी के कृत्यों को देखते हुए उन्हें निलंबित किया गया है और उनको राजस्व परिषद से सम्बद्ध किया गया है। लेकिन लोगों की माने तो ये एक प्रकार का जानलेवा हमला था। दोनो युवाओं के ऊपर एसडीएम अशोक चौधरी द्वारा सर से लेकर पांव तक लाठियां बरसाई गयी। केवल निलंबन से यह मामला सुलझने वाला नहीं है बल्कि जान लेने के इरादे से किया गया हमला है इस मामले में एसडीएम चौधरी पर भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत होना चाहिए।

⚡️ उदय बुलेटिन को गूगल न्यूज़, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें। आपको यह न्यूज़ कैसी लगी कमेंट बॉक्स में अपनी राय दें।

No stories found.
उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com