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तृप्ति देसाई
तृप्ति देसाई|Source- Youtube
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केरल के सबरीमाला मंदिर जाना चाहती है तृप्ति देसाई

मुंबई में मलयालम टीवी चैनल पर बात करते हुए देसाई ने कहा, “सर्वोच्च न्यायाल ने महिलाओं के मूल अधिकारों के समर्थन में आदेश दिया है तो वे जल्द ही सबरीमाला मंदिर जाने की अपनी तिथि घोषित करेंगी।”

AKANKSHA MISHRA

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तिरुवनंतपुरम: केरल के सबरीमाला मंदिर में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 10 से 50 आयुवर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देने के आदेश का कड़ा विरोध होने के बीच सामाजिक कार्यकर्ता तृप्ति देसाई ने शनिवार को कहा कि वे अभी भी मंदिर जाने के लिए दृढ़ हैं। मुंबई में मलयालम टीवी चैनल पर बात करते हुए देसाई ने कहा, "सर्वोच्च न्यायाल ने महिलाओं के मूल अधिकारों के समर्थन में आदेश दिया है तो वे जल्द ही सबरीमाला मंदिर जाने की अपनी तिथि घोषित करेंगी।"

आईएएनएस द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुंबई की हाजी अली दरगाह समेत कई तीर्थस्थलों के दरवाजे महिलाओं के लिए खोलने में तृप्ति देसाई ने प्रमुख भूमिका निभाई है। पुणे की भूमाता ब्रिगेड की संस्थापक और कार्यकर्ता देसाई के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरल इकाई के अध्यक्ष पी.एस. श्रीधरन पिल्लई ने कहा कि देसाई को भगवान अयप्पा के मंदिर के श्रद्धालुओं की भावनाओं को चुनौती नहीं देनी चाहिए।

सर्वोच्च न्यायालय के 28 सितंबर के आदेश के विरोध में तिरुवनंतपुरम से अलप्पुझा तक रैली की अगुआई करने वाले पिल्लई ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा, "सभी की भलाई के लिए उन्हें हजारों श्रद्धालुओं की भावनाओं को चुनौती नहीं देनी चाहिए।"

सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 वर्ष की महिलाओं के प्रवेश को सुप्रीम कोर्ट ने अनुमति दे दी है लेकिन ,कुछ महिला समूहों का मानना कि वह मंदिर में प्रवेश के लिए 50 वर्ष का इन्तिज़ार करेंगी , सुप्रीम कोर्ट को मान्यतों में दखल नहीं देना चाहिए। मंदिर के द्वार नियमित मासिक पूजा के लिए 18 अक्टूबर को खुलेंगे।

आपको बता दें, कि तृप्ति देसाई सामाजिक कार्यकर्त्ता हैं इससे पहले भी मंदिरों और मस्जिदों में प्रेवश पर लगे प्रतिबंधों के लिए वह अपनी आवाज उठा चुकी हैं , शनि शिंगनपुर मंदिर , हाजी अली दरगाह (मुंबई) ,महालक्ष्मी मंदिर (कोल्हापुर) में महिलाओं के प्रेवश के लिए उन्होंने आवाज उठाइए थी।