बाँदा के मटौंध ग्रामीण इलाके में चीता देखे जाने की सूचना, ग्रामीणों में दहशत का माहौल

उत्तरप्रदेश के बांदा जिले के मटौंध ग्रामीण इलाके में खूंखार जानवर चीता देखे जाने की जानकारी मिली है। गाँववालो बेहद डरे हुए है और उन्हें इस बात की घबराहट है कि चीता कहीं इंसानी बस्तियों में न आ जाये।
बाँदा के मटौंध ग्रामीण इलाके में चीता देखे जाने की सूचना, ग्रामीणों में दहशत का माहौल
मटौंध ग्रामीण इलाके में खूंखार जानवर चीता देखे गया Google Image

इससे पहले भी ग्रामीणों द्वारा लगातार किसी जंगली जानवर के घूमने की बात को बताया जा रहा था। लेकिन लोग इसे अफवाह मानकर चल रहे थे। ताजा तरीन उदाहरणों में ग्रामीणों ने खेतो के बीच मे चीते जैसे जानवर के देखे जाने की बात कही है।

लोगों ने कहा जानवर कर रहा नीलगाय का शिकार:

बांदा जिले के मध्यप्रदेश सीमावर्ती इलाके मटौंध ग्रामीण क्षेत्र के गांवों जैसे लोहरा, मनका, पटना इत्यादि में तेंदुए/चीते या गुलदार जैसे किसी जानवर के घूमते पाए जाने की बात प्रकाश में आई है। दरअसल बीते कुछ समय से खेतों में काम करने वाले किसानों ने इस बात पर आपस मे जानकारी साझा की।

लोगों ने बताया कि जानवर देखने मे चीते जैसा लग रहा है। हालांकि जानवर की प्रजाति के बारे में पुख्ता सबूत नहीं दिए। किसानों ने बताया कि बीते दिन इसी जानवर द्वारा बेहद तेज दौड़ने वाले जंगली जानवर नीलगाय का भी शिकार किया गया है। हालांकि जानवर द्वारा हमले के बाद हुए शोर-शराबे ने नीलगाय को मौके से भागने का अवसर दे दिया। दूसरे दिन भी किसी नील गाय के बच्चे के शिकार किये जाने के बारे में जानकारी प्राप्त हुई।

नजदीक है पन्ना टाइगर रिजर्व:

अगर भौगोलिक स्थिति की बात करे तो उक्त स्थान से पन्ना टाइगर रिजर्व कुछ खास दूर नहीं है। इससे पहले भी यहां रिजर्व से टाइगर आने की बाते सांमने आचुकी है। हालांकि गनीमत यह है कि अभी तक इलाके में इस जानवर के द्वारा किसी इंसान को चोट पहुंचने या हमला करने का साक्ष्य नहीं मिला है लेकिन लोगों को आशंका है कि हो सकता है शिकार न मिलने की स्थिति में यह जानवर इंसानी बस्तियों के रुख करें।

क्या कहते है जानकार:

जानकारो की माने तो जंगली जानवर जो दूसरे जानवरो के शिकार पर निर्भर रहते है। उनके इंसानो के करीब जाने के कारण बेहद अजीब होते है। आश्रय की कमी अथवा किसी गंभीर बीमारी का होना, जानवर का बूढ़ा होना या फिर घायल होना। इस सभी कारणों की वजह से शिकारी जानवर शिकार न कर पाने की स्थिति में होते है। इसलिए उनके लिए ग्रामीण इलाके में पालतू जानवर इत्यादि सरल शिकार होते है। यही स्थिति कभी कभार इंसानी भिड़ंत का कारण बनती है।

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उदय बुलेटिन
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