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IMF ने मोदी सरकार की नीतियों का दिया साथ ,कहा भारत का विकाश दर चीन से बेहतर

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने मोदी सरकार द्वारा लागु की गई आर्थिक सुधार योजनाओं का समर्थन किया है , उनका दावा है भारत की विकाश दर पडोसी मुल्क से बेहतर है। 

AKANKSHA MISHRA

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संयुक्त राष्ट्र: अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए आर्थिक सुधारों का समर्थन किया है, जिससे मौजुदा सरकार को राहत की साँस मिली होगी। आईएमएप ने अपनी रिपोर्ट कार्ड में इस साल और अगले साल भारत को सबसे तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था के तौर पर अनुमान जताया। उनका मानना है की मौजुदा सरकार द्वारा लागु योजना GST और बैंकरप्सी कोड देश के आर्थिक विकाश की तरफ उठाया गया सराहने योग्य प्रयास है।

आईएमएफ द्वारा जारी की गई रिपोर्ट को माने तो साल 2018 के लिए भारत की विकास दर के 7.3 प्रतिशत होने का अनुमान लगाया है। यदि आईएमएफ की यह भविष्यवाणी सही साबित होती है तो साल भारत 2018 में चीन को 0.7 फीसदी और 2019 में 1.2 फीसदी के अतंर से पछाड़कर विश्व की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन जाएगा।

आईएमएफ की बाली में सालाना बैठक से पहले वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक (डब्ल्यूईओ) में कहा गया, "भारत में हाल के वर्षो में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं, जिसमें जीएसी, महंगाई लक्षित ढांचा और दिवालियापन कानून है। इसके साथ ही भारत में विदेशी निवेश की प्रक्रिया को आसान बनाने के भी उपाय किए हैं।"

IMF की रिपोर्ट में बाहरी कारकों का हवाला देकर कहा गया, "तेल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी और वैश्विक वित्तीय स्थितियों को कड़ा करने से भारत की विकास दर अगले साल 7.4 फीसदी रहने का अनुमान है, जो विश्व में सर्वाधिक होगी।"आईएमएफ ने ये भी कहा है कि अमेरिका के साथ व्यापर युद्ध की वजह से चीन की विकास दर प्रभावित हो सकती है।

IMF ने इन देशों को सचेत किया है :-

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के द्वारा जारी की गई रिपोर्ट कार्ड में कई देशों द्वारा लागु आर्थिक सुधार योजनाओं को वापस लेने के लिए आग्रह किया गया है। IMF का मानना है की आर्थिक सुधार योजनाओं में अंतररास्ट्रीय स्तर पर बराबरी होनी चाहिए, सुधारों के व्यापक परिणामों का आकलन 10 साल बाद किया किया जाये , और जो भी परिणाम सामने आए उन्हें दूर किया जाना चाहिए।