बल्लभगढ़ में तौफीक ने निकिता को मारी गोली, जबरन शादी और धर्म परिवर्तन का डालता था दबाव

लोगों ने कहा तौफीक तनिष्क के एकत्वम के सिद्धांत पर कार्य कर रहा था
बल्लभगढ़ में तौफीक ने निकिता को मारी गोली, जबरन शादी और धर्म परिवर्तन का डालता था दबाव
Ballabgarh Haryana Murder caseUday bulletin

अब इसे जाहिल पना करार दिया जाए या फिर समाज मे चल रहे लव जेहाद का असली रूप, तौफीक द्वारा हिन्दू समुदाय की बच्ची को लंबे वक्त से परेशान किया जा रहा था, आरोपों के अनुसार हत्यारे तौफीक उर्फ तौसीफ के परिजन भी निकिता के ऊपर मुस्लिम धर्म स्वीकारने और शादी करने का जबरन दबाव बना रहे थे। इस घटना से पहले तौफीक निकिता को दो बार उठाने का प्रयास भी कर चुका है, लेकिन पुलिस के हस्तक्षेप होने की वजह से मामला निबट गया, आखिर में तौफीक ने सरे राह गोली मार कर अपनी हरकत को अंजाम दिया।

फरीदाबाद के वल्लभगढ़ में हुआ दिल दहलाने वाला हादसा:

हरियाणा राज्य के फरीदाबाद जिले अंतर्गत वल्लभगढ़ में एक सिरफिरे आशिक द्वारा अपनी मनमर्जी न पूरे होने पर छात्रा को उसके परिवार के सामने कनपटी पर गोली मार दी, ज्ञात हो कि मृतक छात्रा अपने एग्जाम देकर कालेज से निकल रही थी, अचानक मौके पर तीन अन्य सहयोगियों के साथ मुख्य आरोपी तौफीक ने सबसे पहले मृतका को जबरन गाड़ी में खिंचकर ले जाने का प्रयास किया लेकिन असफल रहने पर कनपटी से लगा कर गोली मार दी, और गोलीकांड के बाद हुई भगदड़ का फॉयदा उठाकर भागने में सफल रहा।

घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे पर कैद हो गयी, जिसमें मुख्य आरोपी ताहिर ने पहले तो निकिता को जबरन गाड़ी में लादने का प्रयास किया, असफल रहने पर तमंचे से फायर कर दिया, जिससे गोली निकिता के सर पर लगी और मौके पर ही ढेर हो गयी, हमले के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए और परिजनों ने निकिता को किसी प्रकार से अस्पताल पहुँचाया जहाँ पर डॉक्टरों ने उसे मृत करार दे दिया

पिता ने लगाए गंभीर आरोप:

मृतका निकिता के पिता ने बताया कि तौफीक उर्फ तौसीफ के द्वारा निकिता पर मुस्लिम धर्म स्वीकारने और निकाह करने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था, इस मामले में मुख्य आरोपी के माता पिता भी बराबर का सहयोग दे रहे थे, पिता ने मीडिया को जानकारी दी कि करीब एक माह पहले भी इस बात को लेकर बवाल हुआ था जिसमें एक पंचायत के द्वारा मामले को सुलझाया गया था लेकिन मुख्य आरोपी अपराधी किस्म का होने और समुदाय विशेष के आतंक के चलते निकिता के परिजन कुछ नहीं कर पाए, परिजनों ने स्थानीय पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए कि अगर पुलिस चाहती तो इस हत्या को रोक सकती थी लेकिन लगातार हुई घटनाओं के बाद भी आरोपी खुल्ला घूमता रहा।

लोगों ने बुद्धिजीवियों पर उठाई उंगलियां:

बल्लभगढ़ के इस हादसे के बाद सोशल मीडिया में एक नई बहस होनी शुरू हो गयी है कि एक विज्ञापन के विरोध के बाद फिल्मी सितारों समेत तमाम सूचना सेवा प्रदाताओं द्वारा इस विरोधों को नाकारा गया था, हाथरस में दलित बच्ची के साथ हुई दरिंदगी को लेकर हाथरस की जमीन खोद दी गयी थी चूंकि यह मामला सवर्ण समुदाय से जुड़ा हुआ है इसलिए उन्ही बुद्धिजीवियों को मुस्लिम आरोपी होने पर लकवा मार गया है, कोई भी कुछ भी कहने से बच रहा है।

पत्रकारिता का स्तर तो देखिए, आरोपी का नाम तक लिखने की जहमत नहीं उठायी, वर्ना हाथरस मामले में जन्मकुंडली निकल कर सामने आ गयी थी, कि आरोपी किस समुदाय से है, जाति से ठाकुर है

द क्विंट की खबर पर नजर डाले, इसे एक मामूली खबर की तरह पेश किया गया है...

छात्रा को दिनदहाड़े गोली मारकर फरार हुए थे आरोपी, प्रदर्शन के बाद हरकत में आई पुलिस

Posted by Quint Hindi on Tuesday, October 27, 2020

यह लव जेहाद का अंतिम रूप:

इस मामले को लेकर पहले से चल रही लव जेहाद की बहस को अलग स्तर पर ले जाया गया है, लोगों के द्वारा यह कहा जा रहा है कि यह लव जेहाद असफल होने की अंतिम कहानी है जिसमें अपने अभियान में सफल न होने के कारण हत्या को अंजाम देकर किस्सा खत्म किया जाता है।

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उदय बुलेटिन
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