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सुषमा स्वराज
सुषमा स्वराज |IANS
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आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं, भारत सार्क सम्मलेन में शामिल नहीं होगा - सुषमा स्वराज 

भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने पाकिस्तान में होने वाले सार्क सम्मेलन में जाने से साफ मना कर दिया है।

AKANKSHA MISHRA

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नई दिल्ली: भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने पाकिस्तान में होने वाले सार्क सम्मेलन में जाने से साफ मना कर दिया है। सुषमा स्वराज ने कहा कि भारत इस साल सार्क सम्मेलन में शामिल नहीं होगा। विदेश मंत्री ने बुधवार को मीडिया से कहा कि जब तक पाकिस्तान भारत में आतंकी गतिविधियों पर रोक नहीं लगाएगा, तब तक कोई दि्वपक्षीय बातचीत नहीं होगी।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा, 'हम लोग पाकिस्तान की ओर से सार्क सम्मेलन के लिए भेजे गए न्योते पर सकारात्मक जवाब नहीं दे सकते हैं। मैंने पहले भी कहा है कि जब तक पाकिस्तान भारत में आतंकी गतिविधियों पर रोक नहीं लगाएगा ,तब तक भारत और पाकिस्तान के बीच कोई दि्वपक्षीय बातचीत नहीं होगी। इसलिए भारत इस वर्ष भी सार्क सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेगा।'

करतारपुर कॉरिडोर पर अपनी राय देते हुए विदेश मंत्री ने कहा, 'दि्वपक्षीय बातचीत और करतारपुर कॉरिडोर दोनों अलग-अलग हैं। भारत सरकार पिछले 20 साल से इस कॉरिडोर को लेकर पाकिस्तान से बातचीत कर रही थी। पाकिस्तान ने पहली बार करतारपुर कॉरिडोर के पक्ष में सकारात्मक जवाब दिया है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि दि्वपक्षीय बातचीत शुरू हो जाएगी। हम हमेशा कहते आ रहे है कि आतंक और बातचीत दोनों एक साथ नहीं चल सकतीं। पाकिस्तान को पहले आतंकी गतिविधियों को रोकना होगा, उसके बाद बातचीत शुरू होगी।'

आपको बता दें कि, सार्क में एशिया के आठ देशों का समूह है। जिसमें भारत सबसे शक्तिशाली देश है। फिलहाल ये आठ देश सदस्य हैं- अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल, मालदीव, पाकिस्तान और श्रीलंका। 2016 में कश्मीर के उरी में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सार्क सम्मलेन में हिस्सा नहीं लिया है। 2016 में सार्क सम्मलेन पाकिस्तान में होना था। पिछले दो साल से पाकिस्तान सार्क सम्मेलन का आयोजन नहीं कर पा रहा है। इसकी वजह से उस पर इस बात का काफी दबाव है कि सम्मेलन को सफल तरीक से आयोजित किया जाए। आखिरी सार्क शिखर सम्मेलन 2014 में काठमांडू में आयोजित किया गया था।