बड़ा खुलाशा: सुशांत सिंह राजपूत ने मौत से एक दिन पहले अमर, अकबर, एंथनी के लिए रुपये भेजे

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के पास अमर, अकबर और एंथनी नाम के तीन कुत्ते थे, जिनकी देखभाल वहां का केयरटेकर रईस करता था। सुशांत कुत्तों कि देखभाल के लिए नियमित तौर खर्चा भेजते थे।
बड़ा खुलाशा: सुशांत सिंह राजपूत ने मौत से एक दिन पहले अमर, अकबर, एंथनी के लिए रुपये भेजे
Sushant singh rajputGoogle Image

बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ने अपनी मौत से एक दिन पहले अपने लोनावाला फार्महाउस के केयरटेकर रईस को अपने कुत्तों अमर, अकबर और एंथनी के नियमित खर्च के लिए रुपये ट्रांसफर किए थे। सुशांत सिंह राजपूत के लोनावाला स्थित फॉर्म हाउस पर काम करने वाले रईस ने कहा, 14 जून की दोपहर, मैंने टीवी न्यूज चैनलों पर खबर देखी कि सुशांत सर ने आत्महत्या कर ली है। पहले तो मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा था कि मैं क्या देख रहा हूं। एक दिन पहले ही उन्होंने अपने पालतू कुत्तों अमर, अकबर और एंथनी की देखभाल के लिए मेरे खाते में पैसे ट्रांसफर किए थे।

फार्म हाउस के केयरटेकर रईस ने कहा, सुशांत फार्महाउस में शिफ्ट होने और जैविक खेती का अभ्यास करने की योजना बना रहे थे।

रईस ने कुछ पुराने बातों को याद करते हुए कहा, सुशांत सर अक्सर फार्महाउस आते थे। वह अक्टूबर 2019 में अपनी यूरोप यात्रा के बाद अस्वस्थ थे, इसलिए वह लगभग दो महीने तक फार्महाउस नहीं आए। उन्होंने शुरूआत में 2018 में फार्महाउस किराए पर लिया था। एक साल बाद, जब अनुबंध के नवीनीकरण का समय आया तो वह इसे खरीद लेना चाहते थे। वह स्थायी रूप से फार्महाउस में रहने की योजना बना रहे थे और उसी के अनुसार जगह तैयार की जा रही थी। मई 2020 में यह समझौता समाप्त हो गया था, जिसके बाद सुशांत सर ने जून और जुलाई महीनों के लिए अग्रिम भुगतान किया था।

फॉर्म हाउस पर काम करने वाले रईस से जब पूछा गया कि सुशांत ने आखिरी बार फार्महाउस का दौरा कब किया था, इस पर उन्होंने खुलासा किया कि दिवंगत अभिनेता मार्च के बाद दो से तीन महीने तक रहने की योजना बना रहे थे, लेकिन अंतत: ऐसा नहीं हुआ।

रईस ने कहा, रिया का जन्मदिन और उनके पिता के जन्मदिन जैसे विशेष अवसरों को फार्महाउस में मनाया जाता था। उनकी आखिरी दो दौरे (फॉर्म हाउस में) इस साल जनवरी और फरवरी में हुए थे। जनवरी में सुशांत सर अपने जन्मदिन का जश्न मनाने के लिए रिया के साथ आए थे। उनके साथ सैमुअल मिरांडा, श्रुति मोदी और कुछ दोस्त भी थे। फिर सुशांत सर फरवरी के अंतिम सप्ताह में यहां आए। उस समय उनके साथ दीपेश सावंत, सिद्धार्थ पिठानी, नीरज और केशव नामक एक रसोइया आया था। उनका मार्च का दौरा यात्रा रद्द हो गया था।

रईस ने कहा, जनवरी दौरे के दौरान, वे पावना के एक द्वीप में गए, जहां श्रुति का पैर फ्रैक्चर हो गया। शुरू में हम उन्हें लोनावाला के एक अस्पताल में ले गए। अगले दिन उन्हें मुंबई स्थानांतरित कर दिया गया।

रईस ने कहा कि अमर, अकबर और एंथनी अभी भी फार्महाउस पर ही हैं।

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उदय बुलेटिन
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