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सुप्रीम कोर्ट फैसले के दौरान 
सुप्रीम कोर्ट फैसले के दौरान |Image Source: Social News XYZ
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सुप्रीम कोर्ट का इंकार, दागी भी लड़ेंगे चुनाव।

सुप्रीम कोर्ट के अनुसार सिर्फ चार्जशीट के आधार पर दागदार नेताओं को चुनाव लड़ने से नहीं रोका जा सकता 

Sneha Sinha

Sneha Sinha

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने आज दागदार उम्मीदवारों के चुनाव लड़ने पर रोक की माँग के प्रस्ताव को ख़ारिज क़िया है | कोर्ट से याचिकाकर्ताओं ने ऐसे उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने की अनुमति पर प्रतिबन्ध लगाने की माँग की थी, जिन लोगों के खिलाफ मुकदमें चल रहे हैं या फिर उनका नाम किसी आपराधिक मामले में दर्ज है। याचिकाकर्ताओं के अनुसार ऐसे लोगों को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं होनी चाहिए, जिन्हें 5 वर्ष से अधिक की कारावास तय होने वाली हो या आपराधिक मामले में उनका अपराध सिद्ध हो चुका हो। इस मुद्दे का फैसला सुप्रीम कोर्ट के 5 न्यायधीशों ने लिया है। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए "अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल" ने कहा है कि,"यह मुद्दा संसद का है और इसमें सुप्रीम कोर्ट को अपनी टाँग नहीं घुसेड़नी चाहिए", वहीँ दूसरी ओर याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय के वकील ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि,"2014 की रिपोर्ट्स के अनुसार 34 प्रतिशत ऐसे सांसद चुनाव जीते जिनके खिलाफ गंभीर अपराध दर्ज़ थे।" उन्होंने अपने व्यंग्य वाण चलाते हुए कहा कि,"क्या खुद कानून तोड़ने वाले लोग जनता के लिए कानून बना पायेंगे"

फैसले के दौरान की यह महत्वपूर्ण बातें :

  • चार्जशीट के आधार पर दागदार नेताओं पर करवाई नहीं होगी तथा उन्हें चुनाव लड़ने से रोका नहीं जा सकता है
  • चुनाव प्रणाली को सही करने के लिए संसद को नए कानून बनाने की आवश्यकता है
  • जनता को अपने जनप्रतिनीधि के आपराधिक मामलों से अवगत होने का हक है
  • पार्टियों को अपने हर एक दागदार नेता के आपराधिक रिकार्ड का विवरण वेबसाइट पर डालना होगा
  • उम्मीदवारों की आपराधिक गतिविधियों के बारे में जनता को अवगत करवाना होगा
  • राजनीति में अपराध एक विचारशील समस्या है जिसका निदान जल्द से जल्द करना होगा
  • पार्टियों को नामांकित उम्मीदवार के आपराधिक मामलों की सूचना लोकल मीडिया को देनी होगी
  • संसद को ध्यान रखना होगा की आपराधिक राजनीति देश में घर न बनाये