देश का जाने-माने अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया का करतूत, मजार के मौलाना को बताया तांत्रिक

लखनऊ के हुसैनाबाद एरिया की एक मज़ार में चल रहा था सेक्स रैकेट, टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने खबर को तोड़-मरोड़ कर पेश किया, सेक्स रैकेट में शामिल मौलाना को बताया तांत्रिक
देश का जाने-माने अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया का करतूत, मजार के मौलाना को बताया तांत्रिक
लखनऊ के हुसैनाबाद एरिया की एक मज़ार में चल रहा था सेक्स रैकेटउदय बुलेटिन

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बेहद शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है जहां पर एक मजार के मौलाना को देह व्यापार के कार्य मे सम्मिलित पाया गया है, लेकिन देश के प्रतिष्ठित अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) के द्वारा इसे तांत्रिक लिखकर मामले को अलग रंग दिया है, मामले को लेकर लोग टाइम्स ऑफ इंडिया पर भेदभाव पूर्ण पत्रकारिता करने का आरोप लगा रहे है।

लखनऊ का है मामला:

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हुसैनाबाद जामा मजार के मौलवी को लखनऊ पुलिस ने मजार के अंदर देह व्यापार कराने के वीडियो वायरल होने के बाद कार्यवाही की थी। पुलिस ने मजार के मौलवी नासिर उर्फ काले बाबा को गिरफ्तार किया था, दरअसल नासिर पिछले कुछ वक्त से एक निसंतान दंपति को संतान सुख देने का दावा करके लगातार यौन शोषण कर रहा था। दंपति के परेशान होने पर उन्होंने इस बाबा की काली करतूत लोगों के सामने उगल दी जिसके बाद लोगों ने मजार के अंदर चल रहे कारनामे का भंडाफोड़ कर दिया।

मजार के बारे में विवादित वीडियो, जिसमें मजार के अंदर सेक्स रैकेट चलाने के बारे में बताया गया है:

टाइम्स ऑफ इंडिया ने मौलवी की जगह लिखा तांत्रिक:

अब इस मामले के वायरल होने बाद सभी समाचार सेवा प्रदाताओं ने अपने-अपने हिसाब से इस मामले की ख़बर पब्लिश की लेकिन देश की प्रतिष्ठित समाचार सेवा प्रदाता टाइम्स ऑफ इंडिया ने शब्दों से खेल कर दिया, दरअसल टाइम्स ऑफ इंडिया ने अपने ट्विटर हैंडल से इस बारे में ख़बर पोस्ट की लेकिन इस पूरी खबर में कहीं भी मौलाना की मजार और उसके उप नाम इत्यादि का उल्लेख नहीं किया और तो और TOI ने अपनी खबर में मौलाना की जगह तांत्रिक शब्द का प्रयोग किया।

अब आपको यहां तांत्रिक क्रिया और तांत्रिक को समझना पड़ेगा, दरअसल तांत्रिक शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के तंत्र शब्द से हुई है तंत्र किया जानने वाले या तंत्र करने वाले को तांत्रिक कहा जाता है, वहीँ मुस्लिम समुदाय में मौलाना इस शब्द का समानार्थी है, लोगों ने TOI के तांत्रिक शब्द लिखने और मामले में मजार के अंदर की असली खबर छिपाने को लेकर बवाल काट दिया।

मामला जो भी हो लेकिन यह सच्चाई भी है कि भारत के मीडिया में लंबे वक्त से शब्दों के साथ खेला जाता रहा है, समाचार प्रदाताओं का मुख्य काम यह है कि वह मामले को बिना तोड़े मरोड़े साफ साफ सही तरीके से लोगों के सामने पेश करें, लेकिन अगर खबरों में किसी नैरेटिव के तहत समाचार सेवा प्रदाता खबर के तथ्य को छुपाकर या किसी एक समुदाय को निशाना बनाकर खबर करते है तो उन्हें जनता को जवाब देना होगा।

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उदय बुलेटिन
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