Sanjeet Yadav Kidnapping and Murder
Sanjeet Yadav Kidnapping and Murder|Uday Bulletin
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अपहरण, फिरौती और हत्या: पुलिस वही करती रही जो अपहरणकर्ता चाहते रहे, सवाल बहुत बड़े है .....

यूपी पुलिस पर आम जनता का भरोसा टूट रहा है, लापरवाही, अपराधियों के साथ सांठगांठ, आम लोगों के साथ बदतमीजी से पेश आने में माहिर है ये पुलिस।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

अच्छा कानपुर पुलिस से याद आया, ये वही पुलिस है जो बिकरू गांव में ऐसी तैयारियों के साथ अपराधी विकास दुबे के पास जाती है कि एक अदने से अपराधी ने ऐतिहासिक गुनाह कर दिया साथ ही यह वही पुलिस है जिसने इस मामले में जुड़े लगभग बहुत सारे लोगों को चुन-चुन कर मारा। खासकर विकास दुबे को तो गाड़ी पलटा कर ही सुलटा दिया। अब इस मामले में नया और सबसे बदनुमा दाग एक युवक के अपहरण और फिरौती दिलाकर भी मौत मिलने से लगा है।

अपहरण और पुलिस:

दरअसल कानपुर की ही एक निजी लैब में टेक्नीशियन के तौर पर काम करने वाला तीस वर्षीय युवक संजीत यादव को रहस्यमय तरीके से 22 जून को अपहरण किया गया यह वारदात ऐसे की गई कि किसी को कानो कान खबर नहीं हुई। इसके बाद परिजनों ने स्थानीय पुलिस के पास गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। जब परिजनों के पास अपहरणकर्ताओं के द्वारा रिहाई के लिए फिरौती की बात की गई तो परिजनों ने पुलिस के उच्चाधिकारियों तक बात पहुंचाई। जिसमें परिजनों द्वारा यह बताया गया कि पुलिस ने खुद यह सहमति दी कि आप रिहाई के लिए पैसों का इंतजाम करे हम आपके साथ रहेंगे और अपहरणकर्ताओं को पकड़ लिया जाएगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं। परिजनों ने किसी तरह जेवर बेच कर, दूसरों से पैसे लेकर फिरौती के तीस लाख जैसी भारी भरकम रकम का इंतजाम किया और पुलिस के साथ ही फिरौती की रकम चुकाने के लिए गए। याद रहे मौके पर अपहरणकर्ताओं द्वारा पैसे तो लिए गए लेकिन अपह्रत संजीत का कुछ अता पता नहीं चला। पुलिस इस बारे में टाल मटोल करती रही और इसके बाद अपह्रत संजीत के बारे में एक दिल तोड़ देने वाली खबर मिली कि उसकी हत्या कर दी गयी।

मृतक संजीत यादव की बहन पुलिस अधिकारियों से सवाल दाग रही है जो न सिर्फ जायज है बल्कि वर्दी पर बहुत ही करारा दाग है।

दोस्तों ने किया अपहरण और पुलिस ट्रेस नहीं कर पाई:

हालांकि लंबे घटनाक्रम के बाद जब अपहरणकर्ता और हत्या करने के बारे में पुलिस ने पत्ते खोले तो इसमें कई चौकाने वाले राज नजर आए, दरअसल अपहरणकर्ताओं में कोई भारी भरकम गैंग नहीं बल्कि इस वारदात को संजीत यादव के साथ रोज बैठने वाले लोगों ने ही अंजाम दिया। दरअसल पहले दोस्तो ने संजीत को ढाबे पर बैठाकर जमकर शराब पिलाई और बाद में बेसुध होने पर एक दूसरे साथी कुलदीप की कार में लादकर रतनलाल नगर निगम के एक मकान में ले जाया गया और जहां अगले चार दिन दोस्तों द्वारा ही संजीत को नशे के भारी भरकम इंजेक्शन देकर बेहोश रखा गया।

भागने की कोशिश और हत्या:

दरअसल 26 जुलाई की दोपाहर संजीत को जब होश आया और आसपास का माहौल देखा तो उसे लगा कि उसके साथ कुछ बुरा हो रहा है सो किसी भी हालत में भागने की सोची, इस पर नशे की हालत में अपहरणकर्ताओं द्वारा उसे कहानियां सुनाई गई लेकिन जब संजीत ने किसी की भी न सुनकर भागने की कोशिश की तो सभी दोस्तों (अपहरणकर्ताओं) ने मिलकर संजीत का गला दबाकर हत्या कर दी। वही संजीत के परिजन फिरौती की रकम देकर यह सोचते रहे कि संजीत कैद से आजाद हो जाएगा।

फिरौती की रकम के लिए पुलिस अपनी कहानी रच रही है, परिजन का रोते हुए बताना की हमने रुपये पहुंचाए वो भी पुलिस के साथ में और पुलिस कह रही है कि पैसे दिए ही नहीं गए।

सवाल अब भी वही है कि आखिर पुलिस ने किया क्या:

अगर परिजनों की माने तो पुलिस यह खुलासा कर रही है कि उसके दोस्तों ने ही संजीत का अपहरण किया और हत्या कर दी तो पुलिस ने यह ट्रेसिंग क्यों नहीं की। क्या पुलिस मैनुअल से हटकर काम कर रही थी, आखिर विकास दुबे को पाताल से खोद कर निकालने वाली पुलिस अब क्यों फेल हो गयी? लोगों के आरोप है कि क्या कानपुर पुलिस खुद फिरौती दिलाने के मूड में थी या पुलिस का तंत्र जाल नवोदित अपराधियों के सामने छोटा पड़ गया था।

पुलिस बल पर लापरवाही बरतने के आरोप को लेकर विभाग ने संबंधित पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करके या फिर तबादला करके पल्ला झाड़ लिया है।

इस मामले में राजनैतिक बयान भी सामने आने लगे हैं, बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट करके और बयान देकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। बसपा सुप्रीमो ने इस मामले पर अपना कष्ट जाहिर किया है और सरकार को हरकत में आने की नसीहत दी है।

आम आदमी पार्टी ने अपहरण और हत्या में उत्तर प्रदेश पुलिस पर सीधा आरोप लगाया है।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष लल्लू ने संजीत के घर जाने से पुलिस द्वारा रोके जाने पर अपना गुस्सा जाहिर किया है।

वहीँ ऐसा ही एक और सनसनीखेज मामला सांमने आया है, उत्तर प्रदेश के गोंडा शहर के महशूर बीड़ी व्यपारी के पौत्र के अपहरण का अपहरण हो गया। अपहरणकर्ताओं ने व्यवसायी से चार करोड़ की फिरौती मांगी थी। जिसको लेकर पूरे उत्तर प्रदेश में हड़कंप की स्थिति बनी हुई थी। हालाँकि अपह्रत बच्चा मिल गया है और पुलिस ने एक युवती समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया है।

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