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सबरीमाला मंदिर (Sabrimala Temple)
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सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री के बाद शुरू हुआ प्रदर्शन, बीजेपी कार्यकर्ताओं ने किया केरल बंद का समर्थन, 1 कार्यकर्त्ता की मौत 

सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर बीजेपी केरल बंद का समर्थन कर रही है जबकि कांग्रेस-नीत यूडीएफ बृहस्पतिवार को “काला दिवस” मना रहा है।

AKANKSHA MISHRA

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केरल: केरल के सबरीमाला मंदिर (Sabrimala Temple) में 800 साल के चली आ रही परंपरा टूट चुकी है। सबरीमाला (Sabrimala Temple) में भगवान अयप्पा का दर्शन दो महिलाओं ने बीते रात कर लिया है। जिसे विरोध में हिंदू संगठनों द्वारा आज सुबह से शाम तक 12 घंटे की हड़ताल शुरू हो गई। दरअसल सबरीमाला मंदिर (Sabrimala Temple) में 40 वर्ष उम्र की दो महिलाओं ने प्रवेश किया था। और भगवान अयप्पा की पूजा अर्चना की थी। जिसके बाद हंगामा मच गया। मंदिर समिती ने परिसर का शुद्धिकरण भी किया है। हालांकि इस मामले में विरोध जारी है। सरकार सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) द्वारा दिए गए फैसले के समर्थन में है और महिलाओं का साथ दे रही है।

शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, राज्य की राजधानी में ऑटो रिक्शे और दोपहिया वाहन रेलवे स्टेशन और अन्य स्थानों पर पर आते जाते दिखाई दिए, लेकिन कोझिकोड में सुबह प्रदर्शनकारियों ने कई जगह वाहनों को रोका और टायर जलाए।

यह हड़ताल विभिन्न हिंदुत्ववादी समूहों के एक संयुक्त संगठन ‘सबरीमला कर्म समिति’ द्वारा बुलाई गई है, जो सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के 28 सितंबर के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों की अगुवाई कर रहा है। भाजपा (BJP) बंद का समर्थन कर रही है जबकि कांग्रेस-नीत यूडीएफ बृहस्पतिवार को "काला दिवस" मना रहा है।

गौरतलब है कि रजस्वला आयु वर्ग की दो महिलाओं कनकदुर्गा (44 वर्ष) और बिंदू (42 वर्ष) ने हिन्दूवादी संगठनों की तमाम धमकियों की परवाह न करते हुए बुधवार तड़के भगवान अयप्पा के सबरीमला मंदिर में प्रवेश कर सदियों पुरानी परंपरा तोड़ दी।

त्रिवेंद्रम में केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बताया कि '7 पुलिस वाहन, 79 KSRTC बसों को नष्ट कर दिया गया है और 39 पुलिस कर्मियों पर हमला किया गया है। हमलावरों में ज्यादातर महिलाएं थीं। महिलायें मीडियाकर्मियों पर भी हमला कर रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं को सुरक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार ने इस संवैधानिक जिम्मेदारी को पूरा किया है। हम सुपर कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले सा समर्थन करते हैं। बीजेपी (BJP) और संघ परिवार सबरीमाला को क्लैश ज़ोन बनाने की कोशिश कर रही है।

राज्य के डीजीपी लोकनाथ बेहरा ने हड़ताल के दौरान हिंसा प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। पंडालम में CPIM और BJP कार्यकर्ताओं के बीच झड़प में घायल हुए सबरीमाला कर्म समिति के एक 55 वर्षीय कार्यकर्ता ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि मरने वाले शख्स का नाम चंदन उन्नीथन था। यह महिलाओं के मंदिर में प्रवेश करने का विरोध कर रहा था।

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने पिछले साल सितंबर में सबरीमाला मंदिर मुद्दे पर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 10 वर्ष से 50 वर्ष की उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी थी। जिसके बाद प्रदर्शनकरी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट Supreme Court) में इस मामले में दोबारा सुनवाई की याचिका दायर की गई हैं लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने दोबारा सुनवाई के लिए 22 जनवरी का समय दिया है।