रिंकू शर्मा की सुनियोजित लिंचिंग से दुखी हुए राम, जाहिर किया दर्द

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के चरित्र को जीवंत करने वाले श्री अरुण गोविल ने इस घटना की घोर निंदा की है
रिंकू शर्मा की सुनियोजित लिंचिंग से दुखी हुए राम, जाहिर किया दर्द
रिंकू शर्मा की सुनियोजित लिंचिंग से दुखी हुए रामGoogle Image

रिंकू शर्मा का मामला अब केवल एक हत्या तक सीमित नही बचा है, इस मामले पर अब परत दर परत उखड़ कर सामने आ रही है जिससे लोगों के गुस्से में उबाल आता नजर आ रहा है। अब इस मामले पर रामानंद सागर कृत रामायण में मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के चरित्र को जीवंत करने वाले श्री अरुण गोविल ने इस घटना की घोर निंदा की है साथ ही इसे मन के दुखी होने का कारण बताया है।

राम हुए दुखी:

दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में हिन्दू युवक रिंकू शर्मा की घर मे घुसकर मारपीट करने और पीठ में खंजर घोपकर कत्ल करने की घटना में लोगों के लगातार रिएक्शन सामने आ रहे है। इस मामले पर अभिनेता श्री अरुण गोविल ने दुख और गुस्सा जाहिर किया है।

अरुण गोविल ने ट्वीट करते हुए लिखा...

राम के देश में राम का नाम लेने वाले और राम काम में लगने वाले की हत्या... मन दुखी है...दिल्ली में हुई रिंकू नामक युवक की हत्या घोर निंदनीय है। दोषियों को शीघ्र सज़ा मिलनी चाहिये.."

असल ट्वीट:

सामने निकल कर आ रहे है नए नए तथ्य:

इस सुनियोजित ओर कथित तौर पर सुनियोजित धार्मिक हिंसा में अन्य तथ्य भी निकल कर सामने आये है। परिजनों ने आरोप लगाया कि इस घटना को अंजाम देने के लिए केवल पांच लोग नही बल्कि करीब 20-25 की संख्या में महिला पुरुष आये थे, उन्होंने घर के सिलेंडर को निकाल कर घर को नेस्तनाबूद करने का प्रयास भी किया और हमलावर रिंकू को "और बोल जय श्री राम" कहकर खंजर से गोद रहे थे।

पुलिस की थ्योरी भरोसे लायक नही:

मामले में दिल्ली पुलिस ने जिस प्रकार की थ्योरियों को आगे रखा है वह लोगों के गले नही उतर रही है, पुलिस ने कहा है कि यह एक बिजनेस को लेकर विवाद था जबकि असल मे रिंकू शर्मा बालाजी हॉस्पिटल में लैब असिस्टेंट के तौर पर कार्य करता था, उसका बिजनेस से कोई लेना देना नही था। दूसरा पुलिस ने यह दावा किया कि रिंकू और आरोपियों के मध्य एक ढाबे पर हुई जन्मदिन पार्टी में विवाद उत्पन्न हुआ जबकि ढाबा संचालक ने ऐसे किसी आयोजन की बात को सिरे से खारिज किया है।

मठाधीश चुप्पी साधे बैठे है:

हालांकि हर मौके पर सामाजिक समरसता का ज्ञान पिलाने वाले एक्टर, राजनेता, समाज सुधारक इस वक्त मौन की स्थिति में बैठ चुके है। किसी ज्ञानी पुरुष के मुँह से कहीं कोई प्रवचन नही निकल रहा है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर लगातार चर्चे हो रहे है।

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उदय बुलेटिन
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