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Defence Minister Rajnath Singh
Defence Minister Rajnath Singh|IANS
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राफेल के चक्कों पर रखा नींबू, अन्य को लगी तीखी मिर्ची

आजकल आप थोड़ा सा धार्मिक होके दिखाइए, कोई न कोई सेक्युलर आपको धकियाते हुए निकल जायेगा, और हां, अगर आप धर्म को गाली देने में माहिर है तो यकीन मानिए की आप सेक्युलर की श्रेणी में आते है।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

राफेल : मतलब तूफान, जिसके आने से पाकिस्तान समेत अन्य देशों में तूफान आना तो तय था, लेकिन जैसे ही पहला राफेल भारत को फ्रांस की जमीन पर सौपा गया तो पाकिस्तान के साथ भारत मे भी वैचारिक तूफान आ गया, विपक्ष समेत अन्य बुद्धिजीवी लोगों को भयानक कष्ट हुआ , हालाँकि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह प्लेन को लेकर भारत आते ही होंगे, इससे पहले भारत मे राफेल की पूजा को लेकर बवाल खड़ा हो गया।

Rajnath performed Shastra Puja of Rafale 
Rajnath performed Shastra Puja of Rafale 
Rajnath performed Shastra Puja of Rafale 
Rajnath performed Shastra Puja of Rafale 
Rajnath performed Shastra Puja of Rafale 

इन जनाब की कलात्मकता देखने लायक है :

मामला फाइटर प्लेन से लेकर नींबू पर अटक गया:

तो साहब मामला सिर्फ नींबू और ओम (ॐ) का है, दरअसल दशहरा के विजयपर्व पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह राफेल फाइटर प्लेन को लेने फ्रांस गए थे, वहीं राफेल की विधिवत पूजा की गई, राफेल के तीनों चक्कों के नीचे मान्यताओं के अनुसार नींबू दबाए गए, कॉकपिट के ऊपर नारियल और स्वास्तिक स्थापित किया गया, फ्रांस की धरती पर ही दशहरा के पर्व पर जैसे भारत मे सस्त्र पूजा होती है , वैसे ही हुआ, लेकिन जैसे ही ये तश्वीरें भारत मे फैली बवाल हो गया, कोई इसे भारतीय वायुसेना के काला दिन बताता नजर आया तो किसी ने इसे शर्मनाक कहा तो कोई इसे बेहद सामान्य बताता नजर आया।

क्यों हुई पूजा क्यों मचा बवाल :

पूजा का सीधा-सीधा मतलब दशहरे से है, यह त्योहार अन्यायी रावण पर मर्यादापुरुषोत्तम श्री राम की विजय के उपलक्ष्य में मनाया जाता है, चूंकि इसी दिन भगवान राम ने रावण को मार कर उसका आतंक खत्म किया तो पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में इस त्योहार को शक्ति पूजा के रूप में मनाया जाता है, और इस पर्व पर अस्त्र-शस्त्र की पूजा की जाती है, दूसरी तरफ अगर हमारे घर में कोई मोटरबाइक भी अगर नई खरीदकर लायी जाए तो उसकी विधिवत पूजा की जाती है , चक्कों के नीचे नींबू रखकर, और राफेल में ये दोनों चीजे थी, वह नया वाहन भी था, और तगड़ा वाला शस्त्र भी बस जैसे ही नींबू रखकर राजनाथ सिंह ने पूजा की लोगों को सेना में धर्म घुसेड़ने की चिंता जाग गयी।

क्या कहता है सेना का सिद्धांत :

चाहें वह वायुसेना हो या नेवी या फिर आर्मी , सब जगह सभी धर्मों को बराबर सम्मान दिया जाता है, इसी वजह से हर रेजिमेंट और यूनिटों में पंडित जी, ग्रंथी, मौलवियों, और फादर्स की नियुक्ति की जाती है, ताकि सैनिकों का धर्म के प्रति सच्चा रुझान बना रहे।

दशहरे के पर्व में जिसमे इस तरह की पूजा का विधान सर्वप्रचलित है , अगर उस प्रकार से राफेल की पूजा हुई है तो लोगों के अनुसार इसमे कोई ज्यादा धार्मिक दांवपेची नजर नही आती।