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Rajiv Dhawan removed from Ayodhya case
Rajiv Dhawan removed from Ayodhya case|Uday Bulletin
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बाबरी मस्जिद के वकील राजीव धवन का छलका दर्द, फेसबुक पर बयां किया सारा किस्सा 

“बड़े बेआबरू होकर निकले तेरे कूचे से”

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

राजीव धवन का नाम सुनते ही आपके जेहन में सुप्रीम कोर्ट के उस वकील का चेहरा आता है, जो जिद्दी है, अपनी धुन का पक्का है और जो तर्क सामने पठाता है उसे अदालतों में सुबूत की तरह इस्तेमाल करता है, लेकिन आज वह वकील बिना किसी वजह के ही अपने विश्वप्रसिद्ध केस से घी की मख्खी की तरह निकाल कर फेंक दिया गया।

फर्क सिर्फ इतना है कि राजीव धवन अब काम के नहीं रहे (हालांकि ये विचार मस्जिद पक्षकारों के ही हो सकते है) 

राजीव धवन का क्या रोल था मस्जिद मामले में :

जब से उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अयोध्या मामले ( बाबरी मस्जिद-रामलला) के मामले पर अपना फैसला सुनाया तो पक्ष इसे सुप्रीम कोर्ट में ले आये और इस केस के मुख्य पैरवीकार राजीव धवन ही थे, मस्जिद की तरफ से अपने केस को बेहद मजबूत साबित किया लेकिन चूंकि सारे साक्ष्य ही बाबरी मस्जिद के विरोध में साबित हुए और अंत मे सुप्रीमकोर्ट ने अपने फैसले को मंदिर और रामलला के पक्ष में सुनाया।

इसके बाद से ही कुछ पक्ष इसको दोबारा रिव्यू के लिए ले जाने के पक्ष में थे और कुछ नहीं, लेकिन अब जानकारी मिल रही है कि जमीयत उलेमा हिन्द इस मामले को दोबारा कोर्ट के सामने रखने के मूड में है, जिसके संकेत मिलने शुरू हो गए है।

आखिर बवाल क्या है :

दरअसल अब जबकि सुप्रीम कोर्ट के सामने रिव्यू पिटीशन डाली जा रही है तो इस बार वे इस पिटीशन को कोर्ट में पेश नही करेंगे, बहाना क्या लिया गया है कि उनकी तबियत खराब होने के कारण उन्हें आगे नहीं किया जा रहा जबकि उनकी तरफ से इस बार के वकील होंगे एजाज मकबूल खुद राजीव धवन इस मामले पर अपनी तरफ से जानकारी देते नजर आए।

Just been sacked from the Babri case by AOR Ejaz Maqbool who was representing the Jamiat. Have sent formal letter accepting the 'sacking' without demur. No longer involved in the review or the case

Posted by Rajeev Dhavan on Monday, December 2, 2019

लेकिन इसके बाद ही एक नई बहस शुरू हो गयी दरअसल राजीव धवन को एक आपत्ति है कि मुझे अगर केस से बाहर किया गया है उसमे मुझे कोई आपत्ति नही होनी चाहिए, बस केवल आपत्ति यह है कि बहाना बीमारी का लिया गया है जो कि मैं हूँ ही नहीं।

I have been informed that Mr Madani has indicated that I was removed from the case because I was unwell. This is total...

Posted by Rajeev Dhavan on Monday, December 2, 2019

तो साहब माजरा यह माना जा सकता है कि पक्षकार और तमाम संगठन जो बाबरी मस्जिद की तरफ से उन्हें राजीव धवन की काबिलियत पर भरोसा ही नही रहा।