एक विवाह ऐसा भी जिसने भी देखा दांतो तले उंगली दबाई

ऐसा सच्चा प्यार अभी तक सिर्फ फिल्मों में ही देखा होगा
एक विवाह ऐसा भी जिसने भी देखा दांतो तले उंगली दबाई
kunda pratapgarh marriageUday Bulletin

आपने सैकड़ो ऐसे शादी ब्याह देखे होंगे जिसमें दहेज और दुल्हन में नुक्स निकालकर खुशी के माहौल को गम में बदल दिया गया होगा लेकिन प्रतापगढ़ में एक ऐसा ब्याह हुआ जिसकी चर्चा लंबे अरसे तक एक उदाहरण के तौर पर होती रहेगी। दूल्हे ने स्ट्रेचर पर पड़ी हुई दुल्हन की मांग में सिंदूर भरकर उसे जन्मों जन्मों का साथी बना लिया, मामले की चर्चाएं सोशल मीडिया समेत हर जगह आम है।

कहानी किसी फिल्म से कम नही:

शायद आपने शाहिद कपूर अभिनीत फिल्म "विवाह" देखी होगी, जिसमें नायक आग में झुलसी हुई नायिका से विवाह करने पर अड़ जाता है। हालांकि नायिका इस बात की दलील देती हुई नजर आती है कि उसका पूरा बदन खराब हो चुका है, इस पर नायक कहता हुआ नजर आता कि "उसने तुमसे प्यार किया है न कि तुम्हारे जिस्म से।

कुछ ऐसी ही कहानी घटी है उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में, कुंडा क्षेत्र की निवासिनी आरती मौर्य का विवाह नजदीकी अवधेश मौर्य के साथ तय हुआ था, शादी ब्याह की तैयारियां भरपूर चल रही थी तभी एक घटना ने रंग में भंग डाल दिया। दरअसल शादी के कार्यक्रम में घर पर बच्चों का जमावड़ा था और एक बच्चा छत से फिसलकर गिरने लगा बच्चे को बचाने के चक्कर मे आरती छत से गिर गयी जिससे उसके दोनो पैर टूट गए और रीढ़ की हड्डी गंभीर रूप से छतिग्रस्त हो गयी। आनन-फानन में परिजनों ने आरती को अस्पताल में भर्ती कराया जहाँ डॉक्टरों ने आरती के जल्द ही चल पाने पर शंका जताई। चूंकि उसी दिन बारात आनी थी, बारात आयी भी, लेकिन घटना की जानकारी होने पर खुशी का माहौल गम में बदल गया।

परिजनों ने दिया विकल्प:

आरती के परिजन इस बात को जानते थे कि अब इस कदर घायल लड़की से शादी कौन करेगा, इसलिए वर पक्ष को संभालने के लिए उन्होंने आरती की छोटी बहन की शादी अवधेश के साथ करने की पेशकश की लेकिन दूल्हे अवधेश ने इसे साफ नकार दिया और कहा "मैं शादी आरती से करने आया था, उसी से करूँगा, उनका सही होना, घायल होना मेरे लिए मायने नहीं रखता।

आखिरकार दूल्हे की जिद के आगे परिजनों के साथ साथ अस्पताल को भी झुकना पड़ा। अस्पताल से घायल आरती विवाह मंडप पर लायी गयी। जहाँ पर स्ट्रेचर में ही सप्तपदी जैसे पावन कार्यो को सम्पन्न कराया गया तथा सभी वैवाहिक कार्यक्रम निबटा कर आरती को अवधेश के साथ अस्पताल के लिए विदा किया गया।

अवधेश ने किये ऑपरेशन फॉर्म पर दस्तखत:

विदा होने के बाद आरती को पैरों और रीढ़ की हड्डी के ऑपरेशन के लिए ले जाया गया, जहाँ पर अवधेश ने पति होने की हैसियत से दस्तखत किए, मामले को देखकर डाक्टर भी हतप्रभ हैं। वधू आरती भले ही कष्ट को लेकर दर्द में है, लेकिन उसे अवधेश जैसे ईमानदार और प्रेमी पति पाकर बेहद खुशी है।

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उदय बुलेटिन
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