लॉकडाउन
लॉकडाउन|Uday Bulletin
टॉप न्यूज़

कोरोना को लेकर मोदी सरकार का है बड़ा प्लान, बढ़ सकता है देशभर में लॉकडाउन

लॉकडाउन के बढ़ने या जारी रखने पर अभी तक सरकार ने कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है जिसकी वजह से लोगों के मन में ढेरो सवाल आ रहे हैं 

Puja Kumari

Puja Kumari

लॉकडाउन
लॉकडाउन google

कोरोना का प्रकोप दिन प्रति दिन अपना भयावह रूप दिखाते जा रहा है जिसका ताजा उदाहरण अमेरिका है। चीन से शुरू हुए इस वैश्विक महामारी ने इटली और स्पेन में तो जैसे प्रलय ही ला दिया और उसके बाद अब दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति अमेरिका में आये दिन इस संक्रामक वायरस की वजह से मौत का आंकड़ा बहुत तेजी से बढ़ते जा रहा है।

भारत में भी कोरोना वायरस की स्थिति बेहतर नहीं है मगर हाँ ये जरुर कहा जा सकता है कि अन्य विकसित देशों के मुकाबले भारत ने इस वायरस पर काफी नियंत्रण बनाया हुआ है और उसकी सबसे बड़ी वजह है 'लॉकडाउन'। यदि भारत ने समय रहते स्थिति को भांपते हुए यह कदम नहीं उठाया होता तो आज हमारे देश की स्थिति अमेरिका, इटली या स्पेन से कहीं ज्यादा बद्द्तर होती।

पूर्ण लॉकडाउन बढ़ाना कितना जरूरी

कुछ राज्यों जैसे ओड़िसा (30 अप्रैल), पंजाब (1 मई) में लॉकडाउन बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा तक़रीबन सभी राज्य लॉकडाउन को बढ़ाने की मांग कर रहे है, जबकि कुछ राज्यों का मानना है कि जहाँ पर कोरोना का एक भी केस सामने नहीं आया है उन जगहों पर लॉकडाउन खोल देना चाहिए।

सबसे पहले तो आप ये जान लीजिये की सम्पूर्ण लॉकडाउन लागू किये जाने के पीछे जो मुख्य कारण थे चेन ऑफ़ ट्रांसमिशन को रोकना और लोगों को इस बीमारी के बारे में विस्तार से समझाना और इसके अलावा सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण बात ये थी कि देश कोरोना संकट के तीसरे चरण में पहुंचे उससे पहले ही अपनी सभी तैयारियां दुरुस्त का लेना।

वैसे देखा जाये तो जितना ज्यादा इस बारे में समझाया जाये वो कम ही होगा मगर सभी बातों का सार निकाला जाये तो इसे आप ऐसे समझ लीजिये कि यदि लॉकडाउन बढ़ा तो इसकी वजह से सबसे ज्यादा मजदूर और किसान वर्ग प्रभावित होंगे और उसके कुछ ही वक़्त बाद मध्यम वर्ग। सरकार प्रयास तो कर रही मगर वो कितनी भी कोशिश कर ले हर किसी का ख्याल नहीं रख पायेगी।

क्या 1.70 लाख करोड़ रुपयों से लॉकडाउन से जूझते लोगों को मिल पायेगा लाभ

आज देश में लॉकडाउन के 17 दिन बीत चुके हैं और ताजा आंकड़ों के अनुसार भारत में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 6700 से पार हो चुकी है और मृतकों का आंकड़ा भी 200 के पार है। ऐसे में सभी के मन में बार बार यही सवाल आ रहा है कि क्या 15 अप्रैल को लॉकडाउन समाप्त कर दिया जायेगा या फिर इसे आगे भी बढाया जा सकता है।

लॉकडाउन समाप्त हो जायेगा या बढ़ेगा ये तो बड़ा सवाल है ही मगर इसके बीच में सबसे ज्यादा महत्त्वपूर्ण सवाल तो ये आता है कि यदि लॉकडाउन की अवधी को आगे बढ़ा दी जाती है तो उन मजदूर और गरीब वर्ग का क्या होगा जो हर रोज कमाकर अपनी जीविका चलाते हैं।

देखा जाये तो ये वही मजदूर वर्ग है जो बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियों में काम करते हैं और उनकी वजह से मध्यम वर्ग और उच्च वर्ग की जीविका चलती है। फिर तो सरकार को मध्यम वर्ग के लिए भी कोई राहत पैकेज जारी करना पड़ सकता है।

अमेरिका ने इस संकट से अपने देशवासियों को उबरने के लिए दो ख़रब डॉलर का राहत पैकेज जारी किया जो की अमेरिका के GDP का 10 प्रतिशत है जबकि भारत द्वारा जारी 1.70 लाख करोड़ की आर्थिक मदद उसकी GDP की 1 प्रतिशत से भी कम है।

अब सवाल ये आता है कि क्या यह राशि काफी होगी इतनी बड़ी आबादी के पुनरुत्थान के लिए। फिलहाल मोदी सरकार का एक ही तरफ ध्यान है और वो है देश को कोरोना मुक्त बनाना। इसकी वजह से हो रही मौतों को रोकना. यकीनन इसमें समस्याएँ आ रही है मगर जीवन से ज्यादा कुछ भी अमूल्य नहीं है।

लॉकडाउन
लॉकडाउन google

पीएम मोदी जल्द करेंगे लॉकडाउन पर सुनवाई

फिलहाल तमाम दुविधाओं का रविवार को अंत हो जायेगा क्योंकि उस दिन प्रधानमंत्री खुद इस सम्बन्ध में जरूरी निर्णय ले लेंगे। तब यह सुनिश्चित हो जायेगा कि लॉकडाउन समाप्त हो जायेगा या फिर आगे बढ़ेगा। यदि बढ़ेगा तो किस तरह से और कितने दिनों के लिए और समाप्त हो जायेगा तो क्या उसके बाद देश की जनता का जीवन पहले की तरह सामान्य हो जायेगा।

इन सभी सवालों का जवाब आने वाले रविवार को मिल जायेगा। लॉकडाउन को बढ़ाने या समाप्त करने से क्या क्या दिक्कतें आ सकती है उन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए ही प्रधानमंत्री अन्य कैबिनेट मंत्रियों के साथ चर्चा करने के बाद ही निर्णय लेंगे और वो निर्णय निश्चित रूप से देश के हित में ही होगा।

उदय बुलेटिन के साथ फेसबुक और ट्विटर जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com