पतंजलि का दावा, कोरोना को आयुर्वेद से हराया जा सकता है

आचार्य बालकृष्ण ने एएनआई से एक इंटरव्यू में दावा किया है कि हमारा रिसर्च शत प्रतिशत सफल रहा है, हमने 4 से 14 दिन में मरीजो को स्वस्थ्य किया है।
पतंजलि का दावा, कोरोना को आयुर्वेद से हराया जा सकता है
patanjali corona medicineGoogle Image

पतंजलि योगपीठ के आयुर्वेद विभाग के प्रमुख आचार्य बालकृष्ण ने एएनआई के साथ एक इंटरव्यू में इस बात का दावा किया कि आयुर्वेद के माध्यम से कोरोना जैसी महामारी को प्रभावी रूप से हराया जा सकता है। बालकृष्ण ने न्यूज़ एजेंसी को बताया कि जैसे ही भारत मे कोरोना महामारी की शुरुआत हुई तो हमने इस बीमारी की काट के खोज के लिए सक्षम वैज्ञानिकों की टीम लगा दी थी। इस पर आयुर्वेद में प्रचलित तमाम औषधियों की जांच पड़ताल के बाद ऐसे औषधीय कंपाउंड खोजे गए जो कोरोना को हराने में सक्षम थे। इन कंपाउंड को सबसे पहले सेम्युलेट किया गया और नतीजे कारगर नजर आए सिम्युलेशन के बाद इंवेटरो ट्रायल किये गए। आचार्य के अनुसार हमने उन दो प्रकार की ओषधियों की खोज की जिनमे दो तरह के गुण थे पहला जो कोरोना से लड़ने में कारगर थी और दूसरी वो दवाएं जो कोविड को संक्रमण को शरीर मे फैलने से रोक सकती है।

मरीज़ों पर प्रयोग:

आचार्य के अनुसार हमने औषधियों को सबसे पहले विभिन्न स्थितियों वाले कोरोना संक्रमितों पर प्रयोग किया, इससे पहले भी इन दवाओं का प्रयोग कोविड बचाव के तौर पर उपयोग किया गया। बालकृष्ण के अनुसार जब हमने क्लिनिकल ट्रायल किया तो 70 से 80 प्रतिशत मरीज पांच से छः दिन में ही स्वस्थ्य हो गए बांकी के लोग भी 14 दिन के अंदर कोरोना से निगेटिव पाए गए।

क्लिनिकल कंट्रोल ट्रायल का नतीजा चार दिन में उपलब्ध होगा:

आचार्य बालकृष्ण के दावे के अनुसार उन्होंने क्लिनिकल ट्रायल के साथ-साथ क्लीनिकल कंट्रोल ट्रायल भी किया है। जिसके सभी साक्ष्य और आंकड़े चार दिन के अंदर ही उपलब्ध हो जाएंगे। आचार्य बालकृष्ण ने दावे के साथ कहा कि आगामी चार दिनों में देश और दुनिया के सामने यह सुबूत होंगे कि कोरोना का इलाज आयुर्वेद से न सिर्फ संभव है बल्कि गंभीर स्थिति के मरीज़ों का इलाज भी आयुर्वेद से किया जा सकता है।

पहले भी हो चुके है दावे पर सरकार कदम नहीं उठा रही:

ऐसा नहीं कि ये पहला मामला है बल्कि इससे पहले भी भोपाल के डॉक्टर डी आर शर्मा और उनकी बेटी जो कि लंदन में होम्योपैथी प्रेक्टिस कर रही है। उन्होंने कोरोना महामारी को मात्र दो दिनों में हराने के दावा किया था इस संबंध में डाक्टर डीआर शर्मा ने पीएमओ समेत आईसीएमआर तक को कई बार जानकारी उपलब्ध कराई लेकिन सरकारी उदासीनता की वजह से डॉक्टरों को देश मे फैली महामारी से लड़ने का मौका नही मिल पा रहा है। डाक्टर डीआर शर्मा के द्वारा आईसीएमआर तक किये गए पत्राचार में परीक्षण कराने की बात तो कही गयी है लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय के द्वारा अभी तक कोई सफल कदम नही उठाये गए है।

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उदय बुलेटिन
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