मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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योगी सरकार देगी 1000 रुपये महीना

उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निराश्रितों को आर्थिक मदद देने का निर्देश दिया

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

योगी सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रदेश के अंदर किसी भी व्यक्ति को भूखा न सोना पड़े, साथ ही कोई सक्रिय आश्रयदाता न होने की स्थिति में तात्कालिक मदद की घोषणा की गई है।

योगी ने जारी किया फरमान:

उत्तर प्रदेश और देश मे कोरोना की महामारी को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री कार्यालय से विशेष आदेश जारी किया है जिसके तहत दूसरे राज्यो में कार्य कर रहे उत्तर प्रदेश के मजदूरों के वापस लौटने को लेकर बड़े निर्णय लिए गए है। सरकार ने इस बात को प्राथमिकता से रखा है कि सरकार का लक्ष्य यह है कि उत्तर प्रदेश की सीमा में रहने वाला कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं सोएगा। यही कारण है कि आदेश में मुख्यमंत्री कार्यालय से तमाम प्रकार की घोषणाएं की गई है जो बिंदुवार है:

  • राशन कार्ड न होने की स्थिति में 1000 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि उक्त लोगों का राशन कार्ड जल्द से जल्द बने।

  • जिन निराश्रित और बीमार लोगों के पास आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के कार्ड नही है उन्हें तात्कालिक रूप से 2000 रुपये की मदद पहुंचाई जाए, ताकि उनका इलाज शुरू हो सके।

  • व्यक्ति की मृत्यु होने पर आश्रित परिवार को मृतक के अंतिम संस्कार के लिए 5000 रुपये की मदद उपलब्ध कराई जाए।

  • प्रदेश के बॉर्डर क्षेत्र में कामगारों के लिए भोजन और पेयजल की व्यवस्था अनवरत चलाई जाये।

  • उत्तर प्रदेश से अन्य राज्यों को जाने वाले लोगों के लिए भोजन इत्यादि लगातार मुहैया होता रहे।

  • कोरोना संक्रमण को रोकने में निगरानी समितियों का बहुत महत्वपूर्ण योगदान है, इसके लिए पुलिस विभाग अपनी पेट्रोलिंग जारी रखे।

  • कोरोना चिकित्सालय में गुणवत्ता को बरकरार रखने के लिए संबंधित अधिकारी लगातार निरीक्षण करते रहे।

  • आकाशीय बिजली और टिड्डी आक्रमण के लिए तकनीकी व्यवस्था की जाए।

  • प्रदेश में लौटे हुए मजदूरों को काम देने के लिए मनरेगा के जरिये काम मुहैया कराया जाए।

सरकारी आंकड़ो के अनुसार उत्तर प्रदेश में अभी तक रिकॉर्ड 1606 ट्रेनें आ चुकी हैं। 257 ट्रेनें 3 लाख 31 हजार लोगों को लेकर गोरखपुर आई हैं। यह भी एक रिकॉर्ड है। राजधानी लखनऊ में भी 109 ट्रेनें आई हैं। रेलवे के अलावा बसों से भी लोगों का आना जारी है। अबतक लगभग पौने तीन लाख लोग बसों से आ चुके हैं।

खाद्यान्न का वितरण 1 जून से शुरू होने वाला है और लोगों से यह अपील की गई है कि कार्डधारक निर्धारित मात्रा में अपना खाद्यान्न लें और और यदि किसी प्रकार की कोई शिकायत है, तो वहां मौजूद सुपरवाइजर को इसकी खबर दें।

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