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Noida मामला: सत्ता पाने के लिए BJP धर्म के नाम पर लोगों को लड़ाती है, सत्ता मिलने पर धार्मिक आयोजन पर रोक लगाती है 

नोएडा के एक पार्क में मुसलमानों को नमाज पढ़ने से रोक लगाने के बाद बीजेपी देश के अन्य पार्को व सार्वजनिक स्थलों पर भी धार्मिक कार्यक्रम जैसे श्रीमद् भागवत कथा पर भी रोक लगा सकती है। 

AKANKSHA MISHRA

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लखनऊ: आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) (आप) ने नॉएडा पुलिस (Noida Police) द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर श्रीमद् भागवत कथा व नमाज पढ़ने जैसे धार्मिक कार्यक्रम पर रोक लगाने पर सवाल खड़ा किया है और योगी सरकार (Yogi Govt) से पूछा है कि सरकार पार्को व सार्वजनिक स्थलों पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शाखा लगाने पर प्रतिबंध कब लगाएगी।

आप (Aam Aadmi Party) के प्रदेश प्रवक्ता सभाजीत सिंह ने कहा कि प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Govt) श्रीमद् भागवत कथा व नमाज पढ़ने जैसे धार्मिक कार्यक्रम को सार्वजनिक जगहों पर किए जाने पर रोक लगा रही है, जबकि पूजा, प्रार्थना, इबादत हमें मानवीय संवेदनाओं और आपसी सौहार्द का पाठ सिखाती है। वह हिंसा के रास्ते पर नहीं ले जाती।

आप (Aam Aadmi Party) प्रवक्ता सभाजीत ने कहा कि सेक्टर 58 की पुलिस प्रशासन ने नोएडा के एक पार्क में नमाज के बाद अब ग्रेटर नोएडा में जिला प्रशाशन ने श्रीमद् भागवत कथा के आयोजन को भी रोक दी है। उन्होंने योगी सरकार (Yogi Govt) के इस फैसले को लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला व तानाशाही पूर्ण करार दिया।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार सार्वजनिक स्थलों पर होने वाले आयोजनों के प्रति कोई नियम लाना चाहती है तो वह नियम सभी धर्मों और संस्थाओं पर समान रूप से लागू होना चाहिए और सबसे पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पार्कों में लगने वाली शाखाओं पर भी तत्काल प्रतिबंध लगाना चाहिए।

प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि सत्ता के लिए भाजपा (BJP) धर्म के नाम पर लोगों को आपस में लड़ाती है। सत्ता मिलने पर भाजपा (BJP) धार्मिक आयोजन पर रोक लगाती है, जो पूरी तरह से गलत है। पार्टी इसका हर स्तर पर विरोध करेगी।

आपको बता दें कि, नॉएडा पुलिस ने एक नोटिस जारी किया है, जिसमे लिखा है, 'सेक्टर-58 स्थित अथॉरिटी के पार्क में प्रशासन की ओर से किसी भी प्रकार की धार्मिक गतिविधि (जिसमें शुक्रवार को पढ़े जाने वाली नमाज शामिल है) की अनुमति नहीं है। अक्सर देखने में आया है कि आपकी कंपनी के मुस्लिम कर्मचारी पार्क में इकट्ठे होकर नमाज पढ़ने के लिए आते हैं। उन्हें एसएचओ (SHO) की ओर से मना किया जा चुका है। उनके द्वारा दिए गए नगर मजिस्ट्रेट महोदय के प्रार्थना पत्र पर किसी भी प्रकार की कोई अनुमति नहीं दी गई है।'

--आईएएनएस