Nirbhaya Case
Nirbhaya Case|Uday Bulletin
टॉप न्यूज़

फाँसी पाए आरोपी की माँ ने निर्भया की माँ के सामने पसारी झोली, बोली मुझे मेरे बेटे की जान लौटा दो। 

कोर्ट से मौत का फरमान आया तो निर्भया के दोषियों के होश उड़ गए, एक आरोपी की माँ ने मांगी जान की भीख।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

Summary

क्या मंजर होगा जब एक चलती बस में रात भर दरिदों ने एक लड़की को अपनी हवस का शिकार बनाकर अंत मे मंरने के लिए छोड़ दिया हो, और उस बच्ची के साथ वो हर दरिंदगी हुई जिसे किसी भी नजरिये से माफी योग्य नहीं माना जा सकता। लेकिन अगर इस वाकये के बाद भी कोई भी माफी की उम्मीद रखे तो मामला समझ मे नहीं आता।

मंगलवार का दिन निर्भया के दोषियों के लिए अमंगलकारी साबित हुआ :

एक साफ-साफ केस की लंबी चलती हुई सुनवाई और इतनी लंबी की पीड़िता के माँ बाप इस लड़ाई को जीता हुआ मानकर भी हार चुके थे। दिसंबर 2012 की रात से यह मामला जनवरी 2020 तक आ पहुँचा और आखिरकार मंगलवार के दिन पटियाला हाउस कोर्ट ने जीवित बचे चार आरोपियों को 22 जनवरी के दिन फांसी पर लटकाने का डेथ वारेंट जारी कर दिया और इस वारेंट के जारी होने के बाद पटियाला हाउस कोर्ट में हलचल सी मच गई। इसके बाद ही चार आरोपियों मुकेश, पवन, विनय और अक्षय कुमार को सुरक्षित तरीके से जेल ले जाया गया।

आरोपी की माँ ने मांगी जान की भीख:

कोर्ट रूम में ही हत्या और बालात्कार के आरोपी मुकेश की माँ ने निर्भया की माँ के आगे साड़ी का पल्लू पकड़ कर भीख मांगी। कहा "मुझे मेरी झोली में मेरे बेटे की जान की भीख दे दो"

इस पर निर्भया की माँ ने बेहद नपा तुला और करारा जवाब दिया "मंरने वाली मेरी भी बेटी थी, मैं कैसे भूल जाऊं कि उसके साथ क्या दरिंदगी हुई थी। मैं इस दिन का इंतजार सात सालों से कर रही थी" इसके बाद कोर्ट में बेहद अजीब माहौल हो गया। न्यायाधीश ने कोर्ट रूम में सबसे शांत रहने की अपील की।

22 जनवरी को चारों आरोपी फांसी पर लटकाये जायेंगे:

पटियाला हाउस कोर्ट ने जेल प्रशासन को डेथ वारेंट में यह आदेश जारी किया है कि अगर सबकुछ सही रहा तो 22 जनवरी की सुबह चारो अपराधियों को फांसी के फंदे पर मरने तक लटकाया जाएगा। इस वक्त जेल के अधिकारियों समेत वकील, न्याय व्यवस्था से जुड़े हुए अधिकारी और डॉक्टर उपस्थित रहेंगे।

एक आरोपी कर चुका है आत्महत्या, दूसरा नियमों की आड़ में छूटा :

इस मामले में दो लोग इस फांसी से बच गए है, पहला मुख्य आरोपी राम सिंह ने तिहाड़ जेल के अंदर आत्महत्या कर ली थी जबकि दूसरे आरोपी को नाबालिग होने की स्थिति में बाल सुधार गृह भेजा गया था। और तीन साल की सजा के बाद वहां से भी रिहा किया गया था, इसी नाबालिग द्वारा नियमों का हवाला देकर सजा में छूट पाने के कारण सरकार ने संसद में रेप के मामलों में उम्र की सीमा घटाई गयी थी ताकि भविष्य में लोग इसका गलत दुरुपयोग न कर पाए।

डेथ-वारंट' की न्यूज़ सुनते ही आरोपी विनय का 'शुगर' लेबल कम हो गया था :

मौत का भय निर्दोष को ही नहीं दोषी को भी होता है। इसकी बानगी देखने-सुनने को मिली निर्भया कांड के ही चार में से एक मुजरिम विनय कुमार शर्मा की मुंह-जुबानी। दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत ने जैसे ही उसके 'डेथ वारंट' पर मुहर लगाई, वो अवाक रह गया। तिहाड़ जेल के डॉक्टरों ने अदालती फरमान के बाद जब चारों आरोपियों का मेडिकल चैकअप किया, तो विनय कुमार शर्मा की शुगर का स्तर बेहद निचले स्तर यानी 53-54 पर जा पहुंचा।

डेथ वारंट जारी होने के बाद से विनय के घर वाले ही उससे मिलने तिहाड़ जेल पहुंचे हैं। डेथ वारंट जारी होने के बाद से अब तक पवन और अक्षय से मिलने परिवार का कोई सदस्य नहीं पहुंचा है।" एक सवाल के जबाब में मौत की सजा पाये तीनों मुजरिमों के कानूनी सलाहकार ने माना, "डेथ वारंट जारी होने के बाद से ही तीनों मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं। कुछ खाने पीने का भी उनका मन नहीं कर रहा है। जेल बैरक में उनके साथ मौजूद अन्य साथी कैदी उन्हें कोशिश करके खाना बगैरह खिला देते हैं।"

उदय बुलेटिन के साथ फेसबुक और ट्विटर जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com