Ayodhya Babri Masjid Demolition 
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मुस्लिम पक्ष मनाएगा यौमे गम, विहिप शौर्य दिवस नहीं मनाएगी

अयोध्या में विवादित ढांचा गिराए जाने की घटना को हिंदू और मुस्लिम पक्ष अपने-अपने तरीके से याद करते हैं। हिंदू इसे शौर्य दिवस के रूप में तो मुस्लिम इसे काला दिवस के रूप में मनाते हैं।

Ashutosh

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सुप्रीम कोर्ट से अयोध्या विवाद पर फैसला आने के बाद संतों के आह्वान पर विहिप इस बार शौर्य दिवस नहीं मनाने की घोषणा कर चुका है। लेकिन मुस्लिम पक्ष यौमे गम मनाएगा। हालांकि, वे सार्वजनिक आयोजन न करके मस्जिद में ही बैठक करेंगे।

विहिप के प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा कि संतों के निर्देश और आदेश के अनुसार, हम इस बार खुशी और गम का कोई इजहार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, "जब सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दे दिया है तो इसे मनाने का सवाल ही नहीं उठता है। हम लोग संवैधानिक दायरे में बंधे हैं। हम लोग अनुशासनहीनता नहीं चाहते। इसलिए कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं होगा।"

यौमे गम मनाए जाने के सवाल पर शरद शर्मा ने कहा कि कुछ मुठ्ठी भर लोग माहौल को खराब करना चाहते हैं। उनके मनाने न मनाने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

मुस्लिम पक्षकार हाजी महबूब का कहना है कि "यौमे गम पर पहले हम लोग घर पर आयोजन करते थे। इस बार हम लोग मस्जिद में एकत्र होंगे। शहीदों को श्रद्घांजलि देंगे। टेढ़ी बजार के मस्जिद पर अयोजन होगा। इसमें गोंडा समेत अन्य जिले के लोग एकत्रित होंगे।"

मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने इस तरह के रस्मी आयोजनों से स्वयं को अलग कर लिया है। उनका कहना है कि “अब हमें आगे की बात सोचनी चाहिए। हमने न कभी यौमे गम मनाया है, न ही मनाएंगे।”

अयोध्या के कटरा मोहल्ला के रहने वाले मोहम्मद इरफान अंसारी कहते हैं कि "कोर्ट के फैसले के बाद हमें अब खुशी और गम से कोई लेना देना नहीं है। अयोध्या का विकास हो और अब देश में विकास की बात हो, जिससे अयोध्या आगे बढ़े, अब यहां सौहार्द्र कायम रहे।"

उन्होंने कहा कि 1992 की घटना में जो लोग शामिल थे, उन पर शीघ्र सुनवाई हो और जल्द सजा हो, बस इतना ही चाहता हूं।

छह दिसंबर को लेकर शहर से लेकर गांवों तक पुलिस ने आरएएफ और पीएसी के जवानों के साथ रूट मार्च कर शांति की अपील की। संवेदनशील क्षेत्रों में खासा सतर्कता बरती जा रही है। गलियों से चौराहों तक पुलिस की तैनाती कर दी गई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी ने बताया कि अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था में पांच अपर पुलिस अधीक्षक, 10 क्षेत्राधिकारी, 35 इंस्पेक्टर, 140 सब इंस्पेक्टर और 350 सिविल पुलिस, 100 महिला पुलिस, 39 कंपनी पीएसी व एटीएस कमांडो को तैनात किया गया है।

एसएसपी का कहना है कि यौमे गम और शौर्य दिवस के कार्यक्रम को लेकर दोनों पक्षों से वार्ता की गई है और दोनों पक्षों ने सहयोग की बात कही है।

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उदय बुलेटिन
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