मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मंदिर भूमि पूजन पर दी धमकी कहा वक्त आने पर सब बदलेगा

मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड की ये धमकी कोर्ट की अवमानना है, साथ ही साथ भविष्य को लेकर चिंता भी बढाती है।
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मंदिर भूमि पूजन पर दी धमकी कहा वक्त आने पर सब बदलेगा
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने दी धमकीSocial Media

मामला अयोध्या के राममंदिर के भूमि पूजन से जुड़ा हुआ है जहां पर बीते दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूमि पूजन करके राम मंदिर के पुनः निर्माण की नींव रखी लेकिन उसी वक्त ही देश के समुदाय विशेष संगठन "आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड" ने धमकी के अंदाज में एक लेटर जारी किया है जिसमें सब कुछ बिल्कुल ठीक नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना:

एक ओर जहां मंदिर के निर्माण के लिए राम में आस्था रखने वाले लोगों ने कोर्ट से रास्ता पाने के लिए लंबे वक्त का इंतजार किया और राजनीतिक संकट होने के बाद भी वह दिन आया कि जब कोर्ट ने भारतीय पुरातात्विक विभाग और इतिहास के साक्ष्यों के आधार पर जन्मस्थान को राम लला के लिए निर्धारित किया।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और आदेश के बाद वर्तमान सरकार ने बोर्ड का गठन करके करीब 500 वर्षों से तंबू में पड़े हुए मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के मंदिर के लिए भूमि पूजन की शुरुआत की। अगर कानूनी लिहाज से देखा जाए तो इस मामले में सबसे ज्यादा हस्तक्षेप आदालतों का रहा, बाबरी मस्जिद विध्वंस से लेकर राम लला के द्वारा खोलने से लेकर अब तक लगभग हर मामले में प्रदेश और देश की आदालतों में इस मामले के लंबे ट्रायलो की कतार लगी रही बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुनाया। जिसे बाबरी मस्जिद के पक्षकार समेत लगभग सभी बुद्धिजीवियों जो अधिकाधिक समुदाय विशेष से भी थे उन्होंने इसका स्वागत किया लेकिन भूमि पूजन के पहले ही समुदाय विशेष के धार्मिक और नैतिक हितों की रक्षा करने का दावा करने वाले बोर्ड मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने एक धमकी दी है।

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अपने बयान के पत्र को एक ट्वीट के साथ पोस्ट किया है। ट्वीट के सार कुछ इस प्रकार है:

  • हमारे लिए वह जगह बाबरी मस्जिद थी और वही रहेगी।

  • याद रखे हगिया सोफिया का मामला हमारे लिए एक उम्दा उदाहरण है, इस गैर न्यायोचित तरीके से, दमन करने वाली, शर्मशार करने वाली और बहुसंख्यक समाज का तुष्टिकरण के आधार पर भूमि दूसरे पक्ष के लिए निर्धारित नहीं कर सकता, दिल पर बोझ की स्थिति न बनाये, जैसी स्थिति आज है बैसी हमेशा नही रहेगी।

मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड का ट्वीट:

क्या कहता है ट्वीट:

ट्वीट को बिना किसी अतरिक्त ज्ञान को लगाते हुए पढ़ा जा सकता है, ट्वीट की शुरुआत में ही तुर्की की एक इमारत जो शुरुआत में चर्च थी उसे बाद में तोड़कर मस्जिद बनाया गया और उसके बाद फिर म्यूजियम और बाद में कट्टरपंथी मुस्लिमों की वजह से सरकार ने दुनिया भर की आलोचनाओं को दरकिनार करते हुए उसे पुन मस्जिद का रूप दिया। इस ट्वीट में राम मंदिर के बारे में भी आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इसी बात का संदर्भ लेकर समाज मे दरार डालने और खाई को ज्यादा खतरनाक बनाने का काम किया है। हालांकि इस ट्वीट में संविधान और देश के कानून के साथ साथ सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को खुलेआम ठेंगे पर रखने का प्रयास किया गया है। जो कानूनी तौर पर न सिर्फ गलत है बल्कि समाज मे दंगे को भड़काने जैसी स्थिति बनाई जा सकती है हो सकता है कि बोर्ड के बयान को एक भविष्य की भावी घटना के रूप में समझाया गया हो।

क्या हो सकता है:

मामला बेहद साफ है कि विदेश में हुई घटना का संदर्भ लेकर राममंदिर के मसले को शान्त होने बाद भी भड़काया जा रहा है जो सीधा सीधा कानून और अदालत की अवमानना है। मंदिर पर आस्था रखने वाले लोगों द्वारा बोर्ड के खिलाफ जाने की तैयारी की जा रही है।

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उदय बुलेटिन
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