Video: नौनिहाल खाये नमक रोटी, और भाषण देने वाले मलाई, बताये कैसे हो पढ़ाई

वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आए जिला अधिकारी 

मिड डे मील भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना थी, जिसमें यह सुनिश्चित किया गया कि भारत का कोई भी विद्यार्थी जो प्राथमिक शिक्षा ले रहा हो उसकी शिक्षा के बीच कभी भूंख आड़े न आये, लेकिन सरकार के नियम कायदे अलग और हकीकत कुछ और, यदा कदा ऐसे वाकयातहमें सोचने पर मजबूर कर देते हैं कि आखिर सरकार की मंशा क्या है ?

मामला उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के एक प्राथमिक विद्यालय का है जहाँ के मिड डे मील खाते हुए बच्चों का वीडियो वायरल हुआ है। जिसमें बच्चे सूखी रोटियों के साथ नमक मिलाकर खाते नजर आ रहे है, हालांकि नमक के साथ रोटी खाना कोई गुनाह नहीं है, हमारे देश की चौथाई आबादी इस तरह से जीने को मजबूर है। लेकिन जब सरकार विद्यालय की दीवारों पर किसी हाइवे साइड ढाबे की तरह तमाम प्रकार के मेन्यू कार्ड की तरह भोज्य पदार्थों की लिस्ट चिपका कर देती है और इस योजना के बारे में बताया जाता है कि सोमवार को फला घी युक्त तहरी, मौसमी सब्जी युक्त पौष्टिक सब्जी ,लेकिन कभी-कभी इस तरह की घटनाओं के द्वारा मिड-डे मील योजना की फजीहत हो ही जाती है।

योजना में होता है बंदरबांट

मिड डे मील योजना शुरू से ही बंदरबांट के लिए बदनाम रही है। शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारियों से लेकर ग्राम प्रधान, राशन के लिए कोटेदार और खुद स्कूल के प्रधानाचार्य भी इस योजना को पलीता लगाते आ रहे है। इस मामले में कई बार खाने में विषाक्त जीव गिरने की घटनाएं भी सांमने आये है , लेकिन मजाल क्या की इस योजना में कोई मजबूत सुधार किया गया हो।

हालांकि इस योजना में हर साल करोड़ों रूपये पानी की तरह बहा दिए जाते है ,लेकिन इस के असल हकदार लोगों के पास इसका एक छोटा हिस्सा ही पहुंच पाता है। अब मिर्जापुर के इस वायरल वीडियो को ही देख लीजिए, जब देश मंगल और चांद पर अपने कदम जमाने की तैयारी में है वहीं भारत का भविष्य नमक के साथ सूखी रोटियां चबा रहा है।

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उदय बुलेटिन
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